Khamenei Killed: अयातुल्ला अली खामेनेई को लेकर हाल के घटनाक्रम ने मध्य पूर्व की राजनीति में हलचल मचा दी है. अमेरिका और इजरायल से जुड़े हमलों में उनके मारे जाने के दावे सामने आए हैं. डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस तरह का दावा किया, जबकि बेंजामिन नेतन्याहू और कुछ इजरायली अधिकारियों ने भी ऐसी ही बातें कही हैं.
हालांकि, ईरान की ओर से इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. ईरानी अधिकारियों ने इसे “मनोवैज्ञानिक युद्ध” करार दिया है. इसके बावजूद, अगर भविष्य में यह खबर सही साबित होती है, तो यह न सिर्फ एक नेतृत्व परिवर्तन होगा, बल्कि ईरान की पूरी इस्लामिक शासन व्यवस्था के लिए एक बड़ा मोड़ साबित हो सकता है.
क्यों सबसे शक्तिशाली होता है सुप्रीम लीडर?
ईरान की राजनीतिक प्रणाली दुनिया की अन्य लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं से अलग है. यहां सर्वोच्च अधिकार राष्ट्रपति के पास नहीं, बल्कि सुप्रीम लीडर के पास होता है.
सुप्रीम लीडर:
इस व्यवस्था की नींव अयातुल्लाह रूहोल्लाह खुमैनी ने इस्लामिक क्रांति के बाद रखी थी. उनके बाद खामेनेई ने यह पद संभाला और दशकों तक इस सिस्टम को स्थिर बनाए रखा.
ईरान का संविधान विलायत-ए-फकीह के सिद्धांत पर आधारित है, जिसके अनुसार देश का सर्वोच्च नेता एक इस्लामिक धर्मगुरु होना चाहिए.