मिडिल ईस्ट में तनाव अब सीमा पार कर चुका है. गुरुवार रात ईरान से दागी गई बैलिस्टिक मिसाइलों की बौछार ने पूरे इजरायल को हिला कर रख दिया. राजधानी यरुशलम से लेकर दक्षिण और मध्य इजरायल तक सायरन की आवाज़ों और धमाकों ने लोगों को खौफ के साए में धकेल दिया.
बम शेल्टर्स में भागे लोग
तेज धमाकों और चेतावनी सायरनों के बीच इजरायली नागरिकों को बम शेल्टर्स में रहने का आदेश दिया गया. सबसे बड़ा झटका तब लगा जब ईरान की एक मिसाइल ने दक्षिणी इजरायल के प्रमुख मेडिकल सेंटर "सोरोका अस्पताल" को सीधे निशाना बना दिया. अस्पताल के प्रवक्ता ने कहा कि कई हिस्सों को गंभीर नुकसान हुआ है और घायलों की संख्या का पता लगाया जा रहा है.
तेल अवीव और स्टॉक एक्सचेंज भी बने निशाना
ईरान के हमले सिर्फ सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रहे. तेल अवीव में स्थित इजरायली स्टॉक एक्सचेंज भी हमलों की चपेट में आ गया. रिपोर्ट्स के अनुसार, यह हमला अब तक का सबसे बड़ा और घातक हमला था, जो पहले के किसी भी रिटैलिएशन से कहीं ज्यादा आक्रामक रहा.
अराक रिएक्टर पर इजरायल का जवाबी वार
इस मिसाइल बौछार को इजरायल द्वारा ईरान के अराक हैवी वॉटर रिएक्टर पर किए गए हमले का जवाब माना जा रहा है. हालांकि, ईरानी सरकारी मीडिया का दावा है कि रिएक्टर को समय रहते खाली करा लिया गया था, जिससे कोई रेडिएशन रिसाव नहीं हुआ.
गौरतलब है कि अराक रिएक्टर वो संवेदनशील साइट है जो प्लूटोनियम जैसे हथियार-ग्रेड मटीरियल का उत्पादन कर सकता है. यही वजह है कि यह जगह वर्षों से अंतरराष्ट्रीय निगरानी में रही है.
संघर्ष की सबसे बड़ी कीमत आम लोग चुका रहे
इस बार का टकराव सिर्फ बमों और मिसाइलों का नहीं, बल्कि इंसानियत का भी इम्तहान है. एक ओर अस्पताल तबाह हो रहे हैं, तो दूसरी ओर आम लोग अपने ही घरों से बेघर हो रहे हैं. फायर डिपार्टमेंट ने बताया कि अस्पताल के साथ-साथ आसपास की रिहायशी इमारतें भी क्षतिग्रस्त हुई हैं.
अब क्या आगे बढ़ेगा यह युद्ध?
विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि अमेरिका इस संघर्ष में और गहराई से उतरता है, तो यह जंग केवल ईरान और इजरायल के बीच नहीं रह जाएगी – बल्कि पूरा मिडिल ईस्ट एक बड़े युद्ध क्षेत्र में बदल सकता है.
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