क्या है ईरान की 10 सूत्री योजना, जिसके कारण हुआ युद्धविराम? आखिरी के तीन शर्त कभी नहीं मानेगा अमेरिका!

Iran US Ceasefire Agreement: ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच जारी तनाव को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है. दोनों देशों ने मौजूदा संघर्ष के बीच दो हफ्ते के युद्धविराम (सीजफायर) पर सहमति जताई है.

Iran 10-point plan which led to the ceasefire America will never accept the last three conditions
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Iran US Ceasefire Agreement: ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच जारी तनाव को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है. दोनों देशों ने मौजूदा संघर्ष के बीच दो हफ्ते के युद्धविराम (सीजफायर) पर सहमति जताई है. इस फैसले के बाद अब शुक्रवार को इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच बातचीत शुरू होने वाली है, जिससे हालात सुधरने की उम्मीद बढ़ गई है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी अपने पहले दिए गए सख्त बयानों से थोड़ा पीछे हटते हुए कहा है कि आगे क्या होगा, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि ईरान युद्धविराम का सही तरीके से पालन करता है या नहीं. उन्होंने साफ कहा कि अगर ईरान समझौते का सम्मान करता है और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोल देता है, तो हालात सामान्य हो सकते हैं.

ईरान ने रखा 10 शर्तों वाला प्रस्ताव

ईरान ने इस युद्धविराम को लेकर एक बड़ा और विस्तृत 10 सूत्री प्रस्ताव भी सामने रखा है. यह प्रस्ताव सरकारी मीडिया के जरिए जारी किया गया है और तेहरान के शीर्ष नेतृत्व का इसे समर्थन भी मिला है. इस योजना में सिर्फ ईरान और अमेरिका के बीच ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र में शांति बहाल करने की बात कही गई है.

ईरान का कहना है कि युद्ध सिर्फ अस्थायी रूप से नहीं, बल्कि पूरी तरह और हमेशा के लिए खत्म होना चाहिए. उसने यह भी मांग की है कि इस संघर्ष से जुड़े सभी मोर्चों जैसे इराक, लेबनान और यमन पर भी तुरंत लड़ाई बंद की जाए.

होर्मुज जलडमरूमध्य पर खास फोकस

ईरान के प्रस्ताव में होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने पर खास जोर दिया गया है. यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में तेल की सप्लाई होती है. ईरान चाहता है कि यहां जहाजों की आवाजाही सुरक्षित और बिना रुकावट के हो, इसके लिए पक्की गारंटी बनाई जाए.

ईरान की 10 मुख्य शर्तें आसान भाषा में

ईरान ने अपनी शर्तों को साफ और सीधी भाषा में रखा है, जिनका मकसद पूरे इलाके में शांति लाना है:

  • इराक, लेबनान और यमन में चल रहे युद्ध को पूरी तरह खत्म किया जाए
  • ईरान के खिलाफ जारी युद्ध हमेशा के लिए बंद किया जाए
  • पूरे क्षेत्र में सभी तरह के संघर्ष खत्म हों
  • होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोला जाए
  • वहां जहाजों की सुरक्षा और स्वतंत्र आवाजाही की गारंटी हो
  • युद्ध में हुए नुकसान के लिए ईरान को पूरा मुआवजा मिले
  • ईरान पर लगे सभी आर्थिक प्रतिबंध हटाए जाएं
  • अमेरिका के पास जमा ईरान की संपत्तियां वापस की जाएं
  • ईरान परमाणु हथियार बनाने की कोशिश नहीं करेगा
  • इन सभी शर्तों को मानते ही तुरंत हर जगह युद्धविराम लागू होगा

क्या आगे शांति संभव है?

इस पूरे घटनाक्रम से यह संकेत मिल रहा है कि दोनों देशों के बीच तनाव कम करने की कोशिश हो रही है. हालांकि, ईरान की शर्तें काफी बड़ी और सख्त मानी जा रही हैं, इसलिए यह देखना अहम होगा कि संयुक्त राज्य अमेरिका इन मांगों पर कितना सहमत होता है.

फिलहाल, इस्लामाबाद में होने वाली बातचीत पर पूरी दुनिया की नजर है. अगर यह वार्ता सफल रहती है, तो न सिर्फ ईरान और अमेरिका के रिश्तों में सुधार आ सकता है, बल्कि पूरे मध्य पूर्व में शांति की नई उम्मीद भी पैदा हो सकती है.

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