IPL 2026: फैंस का मोहभंग? आईपीएल व्यूअरशिप में बड़ी गिरावट, पाटा विकेट और इम्पैक्ट रूल पर बहस

IPL 2026 Viewership: एक ऐसा देश जहां क्रिकेट को धर्म की तरह माना जाता है, वहां दुनिया की सबसे बड़ी टी20 लीग आईपीएल को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं. सोशल मीडिया पर चर्चा है कि क्या फैंस का इस लीग से मोहभंग हो रहा है?

IPL 2026 Fans disillusioned Big drop in viewership debate on lost wicket and impact rule
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IPL 2026 Viewership: एक ऐसा देश जहां क्रिकेट को धर्म की तरह माना जाता है, वहां दुनिया की सबसे बड़ी टी20 लीग आईपीएल को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं. सोशल मीडिया पर चर्चा है कि क्या फैंस का इस लीग से मोहभंग हो रहा है?

आईपीएल की शुरुआत को हमेशा क्रिकेट का त्योहार कहा गया था, लेकिन अब 19वें सीजन तक आते-आते हालात बदलते दिख रहे हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बार आईपीएल की टीवी व्यूअरशिप में करीब 26 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है. पिछले साल जहां करीब 530 मिलियन दर्शकों ने आईपीएल देखा था, वहीं इस साल यह संख्या काफी कम हो सकती है.

बिजनेसमैन ने जताई चिंता

जाने-माने बिजनेसमैन हर्ष गोयनका ने इस गिरावट पर चिंता जताई है. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि आईपीएल अब क्रिकेट मुकाबले से ज्यादा सिर्फ बल्लेबाजी का शो बनता जा रहा है. उनके मुताबिक बोर्ड को इस गिरावट को गंभीरता से लेना चाहिए.

टीवी रेटिंग्स में भी गिरावट

रिपोर्ट्स के अनुसार BARC India और TAM Sports के आंकड़ों में भी गिरावट देखने को मिली है. टीवी रेटिंग्स 4.57 से घटकर 3.71 तक पहुंच गई हैं. वहीं औसत व्यूअरशिप 10.6 मिलियन से गिरकर 7.84 मिलियन रह गई है. हालांकि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्शकों की संख्या अभी भी मजबूत बनी हुई है.

क्या वजह है गिरावट की?

हर्ष गोयनका और कई विशेषज्ञों का मानना है कि इसका एक बड़ा कारण असंतुलित पिचें हैं. इस सीजन में 200 से ज्यादा रन बनना आम बात हो गई है. कई बार 225 से 250 रन तक का स्कोर भी देखने को मिला है. 

इसके बावजूद टीमें ऐसे बड़े स्कोर का पीछा करके जीत रही हैं. उदाहरण के तौर पर पंजाब ने दिल्ली के खिलाफ 265 रन का लक्ष्य हासिल किया था और हैदराबाद ने 244 रन का टारगेट चेज कर लिया था.

इम्पैक्ट प्लेयर नियम पर सवाल

इम्पैक्ट प्लेयर नियम को लेकर भी लगातार बहस चल रही है. कई कप्तानों और पूर्व खिलाड़ियों ने इस नियम पर सवाल उठाए हैं. आलोचकों का कहना है कि इस नियम से बल्लेबाजी मजबूत हो गई है और गेंदबाजों की भूमिका कम हो गई है. इससे मैचों में रणनीति की अहमियत भी घटती जा रही है. बीसीसीआई ने संकेत दिए हैं कि इस नियम की समीक्षा सीजन के बाद की जा सकती है.

स्टार खिलाड़ियों की कमी भी वजह

कई लोगों का मानना है कि इस बार बड़े स्टार खिलाड़ियों की मौजूदगी भी कम दिखी है. महेंद्र सिंह धोनी जैसे दिग्गज कई मैचों में नहीं खेले, वहीं रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे बड़े नाम भी कुछ मैचों से बाहर रहे. इसका असर फैंस की दिलचस्पी पर पड़ा है.

विज्ञापन और ब्रांड वैल्यू पर असर

रिपोर्ट्स के अनुसार टीवी पर विज्ञापन देने वाले ब्रांड्स की संख्या में भी कमी आई है. इसका एक कारण रियल-मनी गेमिंग पर लगा बैन भी बताया जा रहा है. कुछ एक्सपर्ट्स का कहना है कि दर्शकों की देखने की आदत भी धीरे-धीरे बदल रही है, जिसका असर आईपीएल की व्यूअरशिप पर दिख रहा है.

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