Instagram End‑to‑End Encryption: इंस्टाग्राम यूजर्स के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है. कंपनी ने घोषणा की है कि अब इंस्टाग्राम पर भेजे गए मैसेज एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन (End‑to‑End Encryption) के तहत सुरक्षित नहीं रहेंगे. यानी अब सिर्फ सेंडर और रिसीवर ही नहीं, बल्कि इंस्टाग्राम खुद भी आपके मैसेज, फोटो, वीडियो और वॉइस नोट्स तक पहुंच सकती है. यह कदम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की चैटिंग प्राइवेसी को लेकर एक बड़ा बदलाव है और यूजर्स के लिए सावधानी की आवश्यकता को और बढ़ा देता है.
एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन बंद होने का कारण
मेटा ने 2019 में फेसबुक और इंस्टाग्राम दोनों प्लेटफॉर्म्स पर एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन लाने की योजना बनाई थी. 2023 में यह फीचर फेसबुक मैसेंजर में लागू किया गया और दिसंबर 2023 से इंस्टाग्राम पर ऑप्शनल तौर पर उपलब्ध कराया गया. लेकिन अब तीन साल से भी कम समय में मेटा ने इसका रास्ता बदल दिया है. कंपनी के मुताबिक, इस फीचर का इस्तेमाल अपेक्षाकृत कम लोग ही कर रहे थे, जिसके कारण इसे बंद करने का फैसला लिया गया.
चैटिंग की सुरक्षा पर क्या असर पड़ेगा?
एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन बंद होने के बाद इंस्टाग्राम पर अब स्टैंडर्ड एनक्रिप्शन का ही इस्तेमाल होगा. इसका मतलब यह है कि जरूरत पड़ने पर इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर और मेटा जैसी कंपनियां आपके मैसेज की सामग्री तक पहुंच सकती हैं. कई अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स, जैसे कि जीमेल, इसी तरह का सिस्टम इस्तेमाल करते हैं. हालांकि, अब चैटिंग पहले जैसी पूरी तरह निजी नहीं रहेगी, और किसी भी तरह के डेटा चोरी या थर्ड पार्टी एक्सेस की संभावना बढ़ सकती है. इसलिए इंस्टाग्राम पर अब सोच-समझकर और सावधानीपूर्वक चैटिंग करने की जरूरत है.
अकाउंट हैकिंग का खतरा नहीं बढ़ा
हालांकि, एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन बंद होने से इंस्टाग्राम अकाउंट की सुरक्षा पर कोई असर नहीं पड़ेगा. यह फीचर सिर्फ प्राइवेसी को प्रभावित करता है, न कि लॉगिन सुरक्षा या पासवर्ड की मजबूती को. इंस्टाग्राम लॉगइन सिस्टम, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन और मजबूत पासवर्ड जैसी सुरक्षा उपाय अब भी उतनी ही सुरक्षित हैं. फिर भी बेहतर सुरक्षा के लिए मजबूत पासवर्ड का उपयोग और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल करना हमेशा महत्वपूर्ण रहेगा.
ये भी पढ़ें: स्मार्टफोन खरीदने का गोल्डन चांस, Samsung ने घटाई अपने धाकड़ मॉडल्स की कीमत, हजारों रुपये की होगी बचत