बच्चे नहीं देख पाएंगे 'अश्लील कंटेंट', Instagram ने किया बड़ा बदलाव, पैरेंट्स के हाथ में होगा कंट्रोल

आज के डिजिटल युग में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स बच्चों और किशोरों के लिए मनोरंजन के साथ-साथ सीखने का भी अहम जरिया बन गए हैं. लेकिन साथ ही यह जरूरी भी हो गया है कि उनके सामने सिर्फ ऐसा कंटेंट आए जो उनकी उम्र और समझ के अनुसार हो. इसी को ध्यान में रखते हुए Instagram ने अपने कंटेंट सुरक्षा नियमों में बड़ा बदलाव किया है.

Instagrams new rule Teens see age-appropriate content parents get monitoring control
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आज के डिजिटल युग में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स बच्चों और किशोरों के लिए मनोरंजन के साथ-साथ सीखने का भी अहम जरिया बन गए हैं. लेकिन साथ ही यह जरूरी भी हो गया है कि उनके सामने सिर्फ ऐसा कंटेंट आए जो उनकी उम्र और समझ के अनुसार हो. इसी को ध्यान में रखते हुए Instagram ने अपने कंटेंट सुरक्षा नियमों में बड़ा बदलाव किया है. अब 13 से 17 साल के यूजर्स को केवल वही कंटेंट दिखेगा, जो उनके लिए सुरक्षित और उपयुक्त होगा.

उम्र के अनुसार कंटेंट की सख्त फिल्टरिंग

Instagram की पैरेंट कंपनी Meta ने घोषणा की है कि अब सभी 13 से 17 साल के यूजर्स के अकाउंट को ‘13 मोड’ में रखा जाएगा. इसका मतलब यह है कि इस उम्र के यूजर्स को अब शराब, तंबाकू, नशे, हिंसा, गाली-गलौज जैसे किसी भी प्रकार का अश्लील या खतरनाक कंटेंट नहीं दिखेगा. साथ ही, जो अकाउंट वयस्क या अनुचित माने जाएंगे, वे किशोरों के लिए बंद रहेंगे.

AI सिस्टम करेगा उम्र के हिसाब से कंटेंट मॉडरेशन

Instagram का AI सिस्टम अब बच्चों की उम्र के हिसाब से कंटेंट की मॉनिटरिंग करेगा. इसका उद्देश्य है कि कोई भी अनुचित पोस्ट या मैसेज किशोरों तक न पहुंचे. इससे न केवल बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि वे सोशल मीडिया पर बेहतर अनुभव भी प्राप्त कर सकेंगे.

माता-पिता के लिए बढ़ेगा नियंत्रण

Instagram अब पैरेंट्स को भी अपने बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखने का बेहतर मौका देगा. माता-पिता ‘सख्त सेटिंग’ ऑन करके बच्चों के अकाउंट में और अधिक सुरक्षा लागू कर सकेंगे. इसके अलावा, वे किसी भी अनुचित पोस्ट या वीडियो को रिपोर्ट भी कर सकते हैं, जिससे बच्चों की सुरक्षा और पुख्ता होगी.

सर्वे में पैरेंट्स ने माना बदलाव उपयोगी

Meta के एक सर्वे के अनुसार, 95% माता-पिता मानते हैं कि ये नए नियम बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण प्रदान करेंगे. वहीं 90% पैरेंट्स ने कहा कि इससे उन्हें यह समझने में मदद मिलेगी कि उनके बच्चे सोशल मीडिया पर क्या देख रहे हैं और वे किन चीजों से प्रभावित हो सकते हैं.

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