India Seychelles Relations: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीन दिन की सेशेल्स यात्रा सोमवार को खत्म हो गई. इस दौरे के दौरान भारत और सेशेल्स के बीच रक्षा, सुरक्षा, क्षमता निर्माण और रणनीतिक सहयोग को लेकर कई अहम फैसले लिए गए. दोनों देशों ने आपसी साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमति जताई.
सेशेल्स में फिर तैनात होंगे भारतीय सैन्य सलाहकार
इस यात्रा का सबसे बड़ा फैसला यह रहा कि भारत एक बार फिर सेशेल्स में अपने सैन्य सलाहकार भेजेगा. जानकारी के मुताबिक, इस बार भारत चार सैन्य सलाहकार नियुक्त करेगा. यह व्यवस्था साल 2023 में सेशेल्स की पिछली सरकार के दौरान बंद कर दी गई थी, लेकिन अब इसे फिर से शुरू किया जा रहा है. इससे दोनों देशों के रक्षा संबंध और मजबूत होंगे.
लंबे समय से रक्षा सहयोग कर रहा है भारत
भारत कई वर्षों से सेशेल्स की रक्षा व्यवस्था में सहयोग करता आ रहा है. वर्ष 1989 से भारतीय सैन्य सलाहकार वहां की रक्षा सेना को प्रशिक्षण और तकनीकी मदद दे रहे हैं. इनका काम सैन्य सलाह देना, वीवीआईपी सुरक्षा का प्रशिक्षण और दूसरे जरूरी रक्षा कार्यों में सहयोग करना है. इस फैसले को दोनों देशों के मजबूत भरोसे का संकेत माना जा रहा है.
भारत ने दिए कई रक्षा उपकरण
दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स को भारत में बना एक फास्ट पेट्रोल वेसल (गश्ती जहाज) सौंपा. इसके अलावा लेजर गाइडेड बोट्स, यूटिलिटी वाहन और एंबुलेंस भी भेंट किए गए. भारत पहले से ही सेशेल्स की समुद्री और हवाई सुरक्षा में बड़ी भूमिका निभा रहा है. वहां इस्तेमाल होने वाले कई डोर्नियर विमान और गश्ती पोत भारत के सहयोग से संचालित किए जाते हैं.
रक्षा प्रशिक्षण में भी भारत की बड़ी भूमिका
सेशेल्स की रक्षा व्यवस्था में क्षमता निर्माण के क्षेत्र में भी भारत अहम योगदान दे रहा है. बताया जाता है कि वहां के करीब 70 प्रतिशत रक्षा प्रशिक्षण और मानव संसाधन विकास में भारत की मदद शामिल है. इससे स्थानीय सुरक्षा बलों की क्षमता बढ़ रही है और देश में रक्षा ढांचे का भी विकास हो रहा है.
एआई और साइबर सुरक्षा में भी मिलेगा सहयोग
पारंपरिक रक्षा सहयोग के अलावा सेशेल्स ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सुरक्षा और नई तकनीकों के क्षेत्र में भी भारत से सहयोग मांगा है. भारत ने इन क्षेत्रों में भी हर संभव मदद का भरोसा दिया है.
हिंद महासागर में बढ़ता रणनीतिक महत्व
सेशेल्स हिंद महासागर में एक महत्वपूर्ण देश माना जाता है. इस इलाके में चीन भी अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है. पिछले कुछ वर्षों में चीन ने वहां बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, आर्थिक सहायता और रक्षा सहयोग के जरिए अपनी मौजूदगी मजबूत करने की कोशिश की थी. ऐसे में भारत और सेशेल्स के बीच बढ़ता सहयोग रणनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है.
असम्प्शन द्वीप परियोजना पर क्या कहा?
भारत और सेशेल्स के बीच पहले असम्प्शन द्वीप पर संयुक्त सैन्य सुविधा विकसित करने की योजना बनी थी, लेकिन स्थानीय राजनीतिक कारणों से यह आगे नहीं बढ़ सकी.
इस मुद्दे पर विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा कि भारत हमेशा सेशेल्स की जनता और उसकी सरकार की इच्छा के अनुसार ही सहयोग करना चाहता है. अगर भविष्य में सेशेल्स सरकार इस परियोजना पर आगे बढ़ना चाहेगी, तो भारत बातचीत के लिए तैयार रहेगा.
दोनों देशों के रिश्ते होंगे और मजबूत
प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा को भारत और सेशेल्स के रिश्तों के लिए अहम माना जा रहा है. रक्षा, सुरक्षा, तकनीक और क्षमता निर्माण के क्षेत्र में हुए नए फैसलों से दोनों देशों की साझेदारी आने वाले समय में और मजबूत होने की उम्मीद है.
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