कितनी है लड़ाकू विमान तेजस की कीमत, कौन-सी कंपनी बनाती है ये फाइटर जेट, सेना के साथ कितने का है सौदा?

Tejas fighter jet crashed: दुबई एयर शो 2023 के दौरान शुक्रवार को भारत का तेजस लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया. यह विमान भारतीय वायुसेना का हिस्सा था और स्थानीय समय के अनुसार, दोपहर करीब 2:10 बजे हादसे का शिकार हुआ.

Indian HAL Tejas fighter jet crashes at Dubai Air Show Cost and manufacturer details
Image Source: ANI/ File

Tejas fighter jet crashed: दुबई एयर शो 2023 के दौरान शुक्रवार को भारत का तेजस लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया. यह विमान भारतीय वायुसेना का हिस्सा था और स्थानीय समय के अनुसार, दोपहर करीब 2:10 बजे हादसे का शिकार हुआ. इस दुर्घटना में पायलट की मौत हो गई, जिससे भारतीय वायुसेना को गहरा सदमा लगा. इस लेख में हम तेजस विमान की कीमत, इसके निर्माता, और भारतीय वायुसेना के साथ हाल ही में हुए समझौतों के बारे में विस्तार से जानेंगे.

तेजस लड़ाकू विमान की निर्माता कंपनी और तकनीकी विवरण

तेजस विमान भारत में निर्मित एक अत्याधुनिक लड़ाकू विमान है, जिसे हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा बनाया जाता है. यह सिंगल-इंजन एयरक्राफ्ट भारतीय वायुसेना और जलसेना दोनों के लिए विकसित किया गया है. खास बात यह है कि तेजस भारत का पहला स्वदेशी लड़ाकू विमान है, जिसे देश में ही डिज़ाइन और निर्मित किया गया है. इस विमान की दो प्रमुख वेरिएंट्स हैं - तेजस Mk-1A और तेजस Mk-2. तेजस Mk-1A, तेजस Mk-1 का अपग्रेडेड वर्शन है, जिसे भारतीय वायुसेना के लिए 2015 में शामिल किया गया था. तेजस Mk-2, एक और अधिक उन्नत संस्करण है, जो भविष्य में वायुसेना की जरूरतों को पूरा करेगा.

तेजस की कीमत: एक संक्षिप्त मूल्यांकन

तेजस लड़ाकू विमान की कीमत को लेकर कई तरह की चर्चा हो रही है. हाल ही में वायुसेना और HAL के बीच 97 तेजस Mk-1A विमानों का सौदा हुआ है, जिसकी कुल कीमत 67,000 करोड़ रुपये तय की गई है. इस सौदे के तहत, अगले कुछ सालों में भारतीय वायुसेना को इन विमानों की आपूर्ति की जाएगी. अगर हम प्रति विमान की कीमत की बात करें, तो एक तेजस Mk-1A की कीमत लगभग 600 करोड़ रुपये के आसपास है. हालांकि, इसमें इस्तेमाल होने वाले इंजन की आपूर्ति अमेरिका से की जाती है, जिससे इस विमान की कुल कीमत में वृद्धि होती है. पिछले कुछ सालों में तेजस की कीमत में बढ़ोतरी के बावजूद, यह विमान भारतीय सेना के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण साबित हो रहा है. खासकर, इस विमान की लागत को देखते हुए, यह स्वदेशी रक्षा उत्पादन में एक बड़ी सफलता मानी जाती है.

भारतीय वायुसेना और HAL के बीच अन्य डील्स

साल 2021 में भी भारतीय वायुसेना और HAL के बीच एक और महत्वपूर्ण समझौता हुआ था. इस समझौते के तहत 83 तेजस Mk-1A विमानों का आदेश दिया गया था. यह डील लगभग 46,898 करोड़ रुपये की थी, और इसके तहत 2024 से 2028 तक इन विमानों की डिलीवरी की जानी है. भारतीय वायुसेना के लिए हर साल कम से कम 40 नए लड़ाकू विमानों की आवश्यकता होती है, और तेजस इस जरूरत को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है.

HAL: एक बहुमुखी रक्षा निर्माण कंपनी

हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) केवल तेजस लड़ाकू विमान नहीं बनाती, बल्कि यह भारतीय सेना के लिए अन्य कई प्रकार के विमान, हेलीकॉप्टर और ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट भी निर्मित करती है. कंपनी की स्थापना 1940 में हुई थी, और तब से लेकर अब तक यह भारतीय रक्षा क्षेत्र का एक अभिन्न हिस्सा बन चुकी है. HAL न केवल लड़ाकू विमानों, बल्कि जेट इंजन, समुद्री गैस टरबाइन इंजन, और अन्य उपकरणों का भी निर्माण करती है. साथ ही, HAL बोइंग जैसी अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के लिए भी पुर्जों की आपूर्ति करती है, जिससे इसका वैश्विक स्तर पर भी महत्वपूर्ण स्थान बनता है.

HAL का वित्तीय प्रदर्शन और शेयर बाजार में स्थिति

HAL का वित्तीय प्रदर्शन लगातार मजबूत रहा है. वित्त वर्ष 2025 की दूसरी तिमाही में कंपनी ने 1,66,905 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की तुलना में 10 प्रतिशत अधिक था. कंपनी का राजस्व भी बढ़कर 6,62,861 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही के मुकाबले करीब 11 प्रतिशत अधिक था. हालांकि, शुक्रवार को कंपनी के शेयरों में गिरावट आई और यह 2.56 प्रतिशत घटकर 4,595 रुपये पर बंद हुआ. पिछले 6 महीनों से कंपनी के शेयरों में गिरावट देखने को मिल रही है, लेकिन एक साल में कंपनी ने निवेशकों को 15 प्रतिशत का रिटर्न दिया है. इसके अलावा, पिछले 5 सालों में HAL के शेयरों ने निवेशकों को 1000 प्रतिशत से ज्यादा का रिटर्न दिया है.

ये भी पढ़ें: क्या है दुबई एयर शो, जिसमें भारतीय फाइटर जेट तेजस हुआ हादसे का शिकार? जानें कौन-कौन से विमान हुए शामिल