क्या है दुबई एयर शो, जिसमें भारतीय फाइटर जेट तेजस हुआ हादसे का शिकार? जानें कौन-कौन से विमान हुए शामिल

Dubai Air Show: दुबई एयर शो 2025, दुनिया का सबसे बड़ा द्विवार्षिक विमानन प्रदर्शनी मेला, इस बार दुनिया के प्रमुख विमानन और एयरोस्पेस कंपनियों के लिए एक शानदार मंच साबित हुआ.

What is the Dubai Air Show in which the Indian fighter jet Tejas crashed
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Dubai Air Show: दुबई एयर शो 2025, दुनिया का सबसे बड़ा द्विवार्षिक विमानन प्रदर्शनी मेला, इस बार दुनिया के प्रमुख विमानन और एयरोस्पेस कंपनियों के लिए एक शानदार मंच साबित हुआ. जहां सिविल एविएशन, डिफेंस, ड्रोन और फ्यूचर टेक्नोलॉजी पर ध्यान केंद्रित किया गया, वहीं शो के अंतिम दिन भारतीय स्वनिर्मित तेजस विमान के क्रैश होने की दुखद घटना ने सबको स्तब्ध कर दिया. यह घटना भारत के स्वदेशी विमान तेजस के शानदार प्रदर्शन के बाद हुई, जो अब तक के शो का सबसे आकर्षक हिस्सा था.

दुनिया भर के विमानन दिग्गजों का अद्भुत समागम

दुबई एयर शो 2025 का आयोजन 17 से 21 नवंबर तक हुआ और इस दौरान दुनिया भर से 1,500 से अधिक प्रदर्शक, 148,000 से ज्यादा व्यापारिक विज़िटर और 490 सैन्य और सिविल प्रतिनिधि शामिल हुए. इस साल के शो का थीम "The Future is Here" था, जो इनोवेशन और सस्टेनेबिलिटी पर जोर देता है. शो में एयरबस, बोइंग, लॉकहीड मार्टिन जैसे दिग्गजों ने अपने नवीनतम जेट्स, ड्रोन, मिसाइल सिस्टम और फ्लाइंग टैक्सी तकनीकों का प्रदर्शन किया.

तेजस के अलावा अन्य विमान भी हुए शामिल

भारत ने इस शो में अपनी वायुसेना की क्षमता का बेहतरीन प्रदर्शन किया. स्वदेशी तेजस लड़ाकू विमान के अलावा, भारतीय वायुसेना ने हॉक Mk-132 जेट्स, Dhruv एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (ALH) और सरंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम को भी प्रदर्शित किया. ये सभी विमान और हेलीकॉप्टर भारत की 'मेक इन इंडिया' पहल के प्रतीक बने, और दुबई एयर शो में भारत की रक्षा क्षमता को प्रमुखता से दर्शाया. इसके साथ ही, भारतीय स्टार्टअप्स ने ड्रोन और एवियोनिक्स उत्पाद भी शो में पेश किए.

तेजस विमान का प्रदर्शन और क्रैश

भारतीय तेजस विमान ने शो के पहले चार दिनों में शानदार प्रदर्शन किया, जिसमें इसके एडवांस्ड रडार, मिसाइल इंटीग्रेशन और मैन्यूवरेबिलिटी ने वैश्विक खरीदारों को आकर्षित किया. तेजस, जो 'मेक इन इंडिया' का प्रतीक है, ने लंबी दूरी की स्ट्राइक क्षमता को भी प्रदर्शित किया, जिससे इसकी निर्यात संभावनाओं को लेकर उम्मीदें बढ़ी थीं. हालांकि, शो के आखिरी दिन 21 नवंबर को तेजस विमान ने प्रदर्शन करते हुए नियंत्रण खो दिया और एयरपोर्ट के पास क्रैश हो गया. इस हादसे में विमान के पायलट की दुखद मृत्यु हो गई, और बाद में क्रैश स्थल से उठते धुएं और आग की लपटें दृश्य में आईं.

तेजस के साथ भारत की निर्यात महत्वाकांक्षाएं

तेजस का यह क्रैश भारत के लिए एक बड़ा झटका है, खासकर जब इस विमान को निर्यात के लिए तैयार किया जा रहा था. भारतीय वायुसेना ने तेजस के 180 यूनिट्स का आदेश दिया था, और इसके अलावा ब्रह्मोस मिसाइल से लैस तेजस को भी एक्सपोर्ट के लिए तैयार किया जा रहा था. यह तेजस का दूसरा हादसा है, जिससे उसकी निर्यात महत्वाकांक्षाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं. इससे पहले मार्च 2024 में राजस्थान में तेजस का एक अन्य क्रैश हुआ था.

दुबई एयर शो के अंत में घटी दुखद घटना

दुबई एयर शो में भारतीय वायुसेना ने शानदार प्रदर्शन किया था और दुनियाभर में भारत की रक्षा क्षमता का प्रदर्शन किया था, लेकिन तेजस के हादसे ने इस मेले का एक दुखद मोड़ दिया. इस शो में भारतीय वायुसेना की सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम ने हॉक Mk-132 जेट्स से आसमान में तिरंगे रंगों में प्रदर्शन किया, जबकि ब्रह्मोस मिसाइल ने अपनी ताकत दिखाई.

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