नई दिल्ली: भारत ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता से जुड़े मामलों में उसका रुख पूरी तरह स्पष्ट और अडिग है. पाकिस्तान द्वारा भारत से सटी सीमा पर चीन निर्मित आधुनिक आर्टिलरी सिस्टम तैनात किए जाने की खबरों के बीच नई दिल्ली ने दो टूक संदेश दिया है कि देश अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाएगा. विदेश मंत्रालय ने यह भी दोहराया कि सीमा पार आतंकवाद को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा और भारतीय सुरक्षा बल हर चुनौती का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.
राष्ट्रीय हित के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा भारत
विदेश मंत्रालय की साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तान की ओर से बढ़ती सैन्य गतिविधियों और सीमा पार आतंकवाद को लेकर भारत का रुख स्पष्ट किया. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए जो भी आवश्यक होगा, भारत वह करेगा. उनका कहना था कि सीमा पार आतंकवाद के मुद्दे पर भारत की नीति में कोई बदलाव नहीं आया है और देश अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.
रणधीर जायसवाल ने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौरान दुनिया ने देखा था कि भारत ने पाकिस्तान की हर कार्रवाई का किस तरह प्रभावी और मुंहतोड़ जवाब दिया था. उन्होंने दोहराया कि भारतीय सेना हर परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी सतर्कता और क्षमता के साथ सीमाओं पर तैनात है.
SH-15 आर्टिलरी की तैनाती पर भारत की प्रतिक्रिया
विदेश मंत्रालय का यह बयान उन रिपोर्ट्स के सामने आने के बाद आया, जिनमें दावा किया गया कि पाकिस्तान ने भारत से लगी सीमा के विभिन्न क्षेत्रों में लगभग 250 चीन निर्मित SH-15 पहिएदार सेल्फ-प्रोपेल्ड हॉवित्जर तैनात किए हैं. यह तैनाती पाकिस्तान के तोपखाना आधुनिकीकरण कार्यक्रम का हिस्सा बताई जा रही है.
जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान ने वर्ष 2019 में चीन की सरकारी रक्षा कंपनी नोरिन्को को 236 SH-15 155mm/52-कैलिबर हॉवित्जर तोपों का ऑर्डर दिया था. इन तोपों की पहली खेप वर्ष 2022 में पाकिस्तान पहुंची, जबकि दूसरी खेप 2023 में सौंपी गई. इसके साथ ही पाकिस्तान ने हेवी इंडस्ट्रीज टैक्सिला में इस आर्टिलरी सिस्टम के निर्माण के लिए तकनीक हस्तांतरण का समझौता भी किया है.
गुजरांवाला से शकरगढ़ तक बढ़ाई गई तैनाती
चीन में PCL-181 नाम से पहचाने जाने वाले SH-15 आर्टिलरी सिस्टम को पाकिस्तान ने मुख्य रूप से गुजरांवाला, सियालकोट और जलालपुर जट्टां सेक्टरों में तैनात किया है. ये इलाके विशेष रूप से शकरगढ़ बल्ज के आसपास स्थित हैं और रणनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माने जाते हैं.
बताया गया है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी इन आधुनिक तोपों का इस्तेमाल किया गया था. 155mm कैलिबर वाली यह प्रणाली कई प्रकार के गोले दागने में सक्षम है. रॉकेट-असिस्टेड प्रोजेक्टाइल का उपयोग करने पर इसकी मारक क्षमता 50 किलोमीटर से अधिक तक पहुंच जाती है, जिससे यह लंबी दूरी तक सटीक हमला करने में सक्षम बनती है.
विशेषज्ञों ने बताया पाकिस्तान की सैन्य क्षमता में बढ़ोतरी
पूर्व महानिदेशक (आर्टिलरी) रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल पी.आर. शंकर के अनुसार, SH-15 आर्टिलरी सिस्टम की खरीद पाकिस्तान की पारंपरिक सैन्य क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. उनका मानना है कि इससे पाकिस्तान की आर्मी रॉकेट फोर्स की लंबी दूरी तक हमला करने की क्षमता पहले की तुलना में काफी बढ़ जाएगी.
PoK चुनावों को भारत ने बताया महज दिखावा
प्रेस वार्ता के दौरान रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoK) में हाल ही में कराए गए चुनावों पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने इन चुनावों को पूरी तरह से प्रहसन बताते हुए कहा कि वास्तविक स्थिति वहां हो रहे जनविरोध और पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की कार्रवाई से स्पष्ट होती है.
उन्होंने कहा कि तथाकथित स्थानीय चुनाव केवल एक राजनीतिक दिखावा हैं, जबकि जमीनी स्तर पर लोगों की आवाज को बल प्रयोग के जरिए दबाया जा रहा है. उनके अनुसार, ऐसे चुनाव वास्तविक परिस्थितियों को छिपा नहीं सकते और न ही जनता के असंतोष को खत्म कर सकते हैं.
दमन, ब्लैकआउट और हिंसा का लगाया आरोप
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि जून से अब तक पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में दमनकारी कार्रवाई के दौरान कम से कम 90 नागरिकों की मौत हो चुकी है. उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान जनता के विरोध का जवाब गोलियों, ब्लैकआउट, धमकियों और व्यापक दमन के जरिए दे रहा है.
रणधीर जायसवाल ने कहा कि अब पाकिस्तान एक खोखली चुनावी प्रक्रिया के माध्यम से अपनी वैधता साबित करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन इससे वास्तविक स्थिति नहीं बदल सकती. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वह इस्लामाबाद को उसके इन कदमों के लिए जवाबदेह ठहराए.
आतंकी ढांचे को पूरी तरह खत्म करने की मांग
प्रेस वार्ता के दौरान मीडिया ने लश्कर-ए-तैयबा के उस वायरल वीडियो का भी उल्लेख किया, जिसमें आतंकी संगठन ने दावा किया था कि उसके 30 से 40 कमांडर मारे गए हैं और इसके पीछे भारतीय एजेंसियों का हाथ होने की बात कही गई थी. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए रणधीर जायसवाल ने भारत का रुख दोहराया.
उन्होंने कहा कि भारत लगातार सभी देशों से यह आग्रह करता रहा है कि वे सीमा पार आतंकवाद और उसे समर्थन देने वाले नेटवर्क के खिलाफ कठोर कार्रवाई करें. उन्होंने पाकिस्तान से भी मांग की कि वह अपनी धरती से संचालित हो रहे आतंकी ढांचे को पूरी तरह ध्वस्त करे और सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक एवं प्रभावी कदम उठाए.
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