नई दिल्ली: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में राजनीतिक हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं. विरोध प्रदर्शनों, सड़क जाम, आगजनी और सुरक्षा बलों की कार्रवाई के बीच आखिरकार मंगलवार को दो विधानसभा सीटों पर मतदान शुरू हुआ. हालांकि यह चुनाव पहले 2 अगस्त को होना था, लेकिन बिगड़ते हालात के कारण मतदान टालना पड़ा था. इस बीच भारत ने पूरे चुनावी अभ्यास को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है और इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया नहीं बल्कि वैधता का भ्रम पैदा करने की कोशिश बताया है. भारत का कहना है कि पीओके में जनता की आवाज को दबाने के लिए पाकिस्तान लगातार बल प्रयोग कर रहा है और चुनाव केवल उस सच्चाई पर पर्दा डालने का प्रयास है.
दमन और विरोध के बीच दो विधानसभा सीटों पर वोटिंग शुरू
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में मंगलवार (4 अगस्त, 2026) को दो विधानसभा सीटों पर मतदान कराया जा रहा है. इन सीटों पर चुनाव रविवार (2 अगस्त, 2026) को होना था, लेकिन मुजफ्फराबाद-1 और मुजफ्फराबाद-2 के सभी मतदान केंद्रों पर सड़क बंद, विरोध प्रदर्शन और आगजनी की घटनाओं के चलते वोटिंग नहीं हो सकी थी. बदले हुए हालात के बीच अब इन दोनों सीटों पर सुबह 8 बजे से मतदान प्रक्रिया शुरू की गई है.
भारत ने चुनावी प्रक्रिया को बताया 'सिर्फ दिखावा'
पीओके में जारी चुनावी प्रक्रिया पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. भारत ने कहा कि पाकिस्तान की सत्ता-व्यवस्था ने जनता के असंतोष का जवाब गोलियों, संचार बंदी, धमकी और दमन से दिया है और अब एक खोखले चुनावी अभ्यास के माध्यम से वैधता का भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रही है. भारत ने यह भी कहा कि इस साल जून महीने से अब तक जारी दमन अभियान में कम से कम 90 नागरिकों की जान जा चुकी है और इसके लिए पाकिस्तान को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए.
विदेश मंत्रालय ने प्रेस ब्रीफिंग में रखी भारत की स्पष्ट राय
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार (4 अगस्त, 2026) को प्रेस ब्रीफिंग में कहा, ‘पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में यह तथाकथित स्थानीय चुनाव पूरी तरह से सिर्फ एक दिखावा है. वास्तविक स्थिति तो वहां हो रहे जन-प्रदर्शनों और पाकिस्तानी बलों की तरफ से की जा रही निर्मम हत्याओं की है और इस तरह की खोखली कवायदें असलियत को छिपा नहीं सकती हैं.’
उन्होंने आगे कहा, ‘इस साल जून महीने से अब तक जारी दमन अभियान में कम से कम 90 नागरिकों की जान जा चुकी है. पाकिस्तान की सत्ता-व्यवस्था ने जनता के असंतोष का जवाब गोलियों, संचार बंदी, धमकी और दमन से दिया है और अब एक खोखले चुनावी अभ्यास के माध्यम से वैधता का भ्रम पैदा करने का प्रयास कर रही है. इसके लिए उसे जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और विश्व समुदाय को मानवाधिकारों पर पाकिस्तान के पाखंडपूर्ण उपदेशों के इस खोखले मुखौटे के पार असलियत को देखना चाहिए.’
मुजफ्फराबाद की दो सीटों पर हो रहा मतदान
पीओके में जिन दो विधानसभा सीटों पर मतदान कराया जा रहा है, उनमें राजधानी मुजफ्फराबाद डिवीजन की दो सीटें शामिल हैं. इनमें मुजफ्फराबाद-1 के सभी मतदान केंद्र और मुजफ्फराबाद-2 के 52 मतदान केंद्र शामिल हैं. मंगलवार (4 अगस्त, 2026) को सुबह 8 बजे से इन सभी केंद्रों पर मतदान की प्रक्रिया शुरू की गई है.
बाग और मुजफ्फराबाद में फिर भड़का विरोध
चुनाव के बीच पीओके के कई इलाकों में तनाव बरकरार है. बाग में विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों पर एक बार फिर पाकिस्तानी रेंजर्स ने फायरिंग की. वहीं, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर की राजधानी मुजफ्फराबाद से ऐसी तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिनमें साधारण कपड़ों में मौजूद एफसी के जवान गोलीबारी करते दिखाई दे रहे हैं. इन घटनाओं ने क्षेत्र में पहले से बने तनाव को और बढ़ा दिया है.
पहले भी प्रदर्शन और आगजनी से प्रभावित हुई थी चुनाव प्रक्रिया
सोमवार (3 अगस्त, 2026) की शाम कहोरी पुल पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुआ था. इस दौरान आगजनी की घटनाएं भी सामने आई थीं. इससे पहले 2 अगस्त को भी सड़क बंद, हिंसक प्रदर्शन और अशांति के कारण मतदान नहीं कराया जा सका था. ऐसे में अब सुरक्षा व्यवस्था के बीच दोबारा चुनाव प्रक्रिया पूरी कराने की कोशिश की जा रही है.
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