'रमजान के महीने में अफगानों का नरसंहार करने वाले...', UNSC में भारत ने पाकिस्तान को लताड़ा, देखें Video

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में अफगानिस्तान की स्थिति पर हुई चर्चा के दौरान भारत ने पाकिस्तान की नीतियों और कार्रवाइयों पर गंभीर सवाल उठाए.

India Slams Pakistan At Unsc Meeting Support To Afghanistan Video
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न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में अफगानिस्तान की स्थिति पर हुई चर्चा के दौरान भारत ने पाकिस्तान की नीतियों और कार्रवाइयों पर गंभीर सवाल उठाए. भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने कहा कि आतंकवाद विरोधी अभियानों के नाम पर आम नागरिकों को नुकसान पहुंचाना किसी भी तरह से उचित नहीं ठहराया जा सकता.

भारत ने अफगानिस्तान में हुए सैन्य अभियानों के दौरान नागरिकों की मौत और घायल होने की घटनाओं पर चिंता व्यक्त की. भारतीय प्रतिनिधि ने कहा कि किसी भी सैन्य कार्रवाई का मूल्यांकन उसके मानवीय प्रभावों के आधार पर किया जाना चाहिए और निर्दोष लोगों की जान जाना गंभीर चिंता का विषय है.

उन्होंने कहा कि आम नागरिकों की मौत, घायल होना और परिवारों का प्रभावित होना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं माना जा सकता.

यूएन आंकड़ों का दिया हवाला

भारत ने संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (यूएनएएमए) के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2026 के शुरुआती महीनों में बड़ी संख्या में नागरिक हताहत हुए हैं. भारतीय पक्ष ने विशेष रूप से रमजान के दौरान हुई घटनाओं पर चिंता जताते हुए कहा कि मानवीय सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए.

व्यापार और पारगमन व्यवस्था का मुद्दा उठाया

भारतीय प्रतिनिधि ने कहा कि अफगानिस्तान एक भू-आवेष्ठित (लैंडलॉक) देश है और उसकी आर्थिक गतिविधियां पड़ोसी देशों के साथ व्यापारिक संपर्कों पर निर्भर करती हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि सीमा-पार व्यापार और पारगमन से जुड़े प्रतिबंधों ने अफगानिस्तान की आर्थिक चुनौतियों को और बढ़ाया है.

भारत ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय नियमों और समझौतों के तहत ऐसे देशों को सुचारू व्यापारिक पहुंच मिलनी चाहिए ताकि उनकी अर्थव्यवस्था को नुकसान न पहुंचे.

अफगानिस्तान के लिए भारत की मानवीय सहायता

यूएनएससी में भारत ने अफगानिस्तान को दी जा रही मानवीय और विकासात्मक सहायता का भी उल्लेख किया. भारत ने कहा कि उसकी सहायता अफगानिस्तान के सभी 34 प्रांतों तक पहुंच रही है और विभिन्न क्षेत्रों में सैकड़ों विकास परियोजनाएं संचालित की गई हैं.

भारत के अनुसार, वर्ष 2021 से अब तक हजारों टन गेहूं, दवाइयां, वैक्सीन और अन्य आवश्यक राहत सामग्री अफगानिस्तान भेजी गई है. हाल ही में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए भी राहत सामग्री और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई.

स्वास्थ्य क्षेत्र में भी सहयोग

भारत ने बताया कि अफगानिस्तान में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए कई परियोजनाओं पर काम किया गया है. इनमें मातृत्व स्वास्थ्य केंद्र, बच्चों के अस्पतालों का उन्नयन, कैंसर उपचार सुविधाएं, ट्रॉमा सेंटर और अस्पतालों का निर्माण शामिल है.

क्षेत्रीय स्थिरता पर दिया जोर

भारत ने संयुक्त राष्ट्र के मंच से कहा कि अफगानिस्तान में शांति, स्थिरता और विकास पूरे क्षेत्र के हित में है. भारतीय प्रतिनिधि ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अफगान जनता की आवश्यकताओं पर ध्यान देने और मानवीय सहयोग को मजबूत करने की अपील की.

उन्होंने कहा कि भारत आगे भी अफगानिस्तान के लोगों के साथ खड़ा रहेगा और उनकी विकास संबंधी जरूरतों में सहयोग जारी रखेगा.

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