South Kashmir OGWs: दक्षिण कश्मीर में आतंकियों के पुराने नेटवर्क को फिर से सक्रिय करने की कोशिश को सुरक्षाबलों ने नाकाम कर दिया है. पिछले 24 घंटे में तीन अलग-अलग अभियानों के दौरान लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े आठ ओवरग्राउंड वर्करों को गिरफ्तार किया गया है. इनके पास से हथियार, गोला-बारूद, आतंकी संगठनों के पोस्टर और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई है.
शोपियां में हिजबुल के तीन मददगार पकड़े गए
पुलिस के मुताबिक, शोपियां जिले के इमाम साहिब इलाके में पुलिस और सेना की 34 राष्ट्रीय राइफल्स ने मिलकर तलाशी अभियान चलाया. इस दौरान नारवनी इलाके के एक बाग में छिपे तीन संदिग्धों को पकड़ा गया.
पकड़े गए लोगों की पहचान आशिक हुसैन कुमार, आरिफ कुमार और हारिस मंजूर के रूप में हुई है. तीनों कुलगाम जिले के रहने वाले बताए गए हैं. उनके पास से असॉल्ट राइफल की दो मैगजीन, चार मोबाइल फोन, एक ग्रेनेड और हिजबुल मुजाहिदीन के चार पोस्टर बरामद किए गए.
नाके से भागने की कोशिश में तीन गिरफ्तार
इससे पहले सोमवार देर रात हीरपोरा इलाके में सुरक्षाबलों ने मोटरसाइकिल सवार तीन युवकों को रुकने का इशारा किया. आरोप है कि उन्होंने नाके पर रुकने के बजाय वहां से निकलने की कोशिश की, लेकिन सुरक्षाबलों ने उन्हें पकड़ लिया.
उनकी पहचान जुनैद अहमद डार, आमिर यूसुफ और जुनैद मुजफ्फर के रूप में हुई है. उनके पास से दो हथगोले और हिजबुल मुजाहिदीन के पांच पोस्टर मिले. मोटरसाइकिल को भी जब्त कर लिया गया है और उसके मालिकाना हक तथा इस्तेमाल की जांच की जा रही है. पुलिस के अनुसार, पूछताछ में इन तीनों के शोपियां और कुलगाम में हिजबुल के नेटवर्क को दोबारा सक्रिय करने की कोशिश में शामिल होने की बात सामने आई है.
पुलवामा में भी दो ओवरग्राउंड वर्कर गिरफ्तार
शोपियां से सटे पुलवामा जिले में भी सुरक्षाबलों ने यारवन जंगल के पास कार्रवाई की. यहां दो संदिग्ध ओवरग्राउंड वर्करों लतीफ अहमद दीदड़ और एजाज अहमद बजाड को गिरफ्तार किया गया. इनके पास से एक पिस्तौल, 12 कारतूस और एक हैंड ग्रेनेड बरामद किया गया है.
संपर्कों और हथियारों की जांच जारी
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए सभी आठ लोगों से अलग-अलग पूछताछ की जा रही है. उनके मोबाइल फोन, संपर्कों और हाल की गतिविधियों की जांच की जा रही है.
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि बरामद हथियार और आपत्तिजनक सामग्री उन्हें कहां से मिली और क्या इसके पीछे कोई सक्रिय आतंकी नेटवर्क काम कर रहा था. अधिकारियों के मुताबिक, इन कार्रवाइयों के बाद दक्षिण कश्मीर के संवेदनशील इलाकों में तलाशी और निगरानी और बढ़ा दी गई है.
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