रूस ने भारत को दिया अपना सीक्रेट हथियार, चीन के स्टेल्थ जेट के लिए बढ़ी मुश्किल, जानें पूरी जानकारी

Nebo-UM Radar India: भारत इस समय लड़ाकू विमानों की कमी का सामना कर रहा है. वहीं दूसरी ओर चीन और पाकिस्तान लगातार अपनी वायुसेना को और मजबूत बना रहे हैं. ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल है कि क्या भारत की सुरक्षा कमजोर हो रही है? इसका जवाब है- नहीं.

India receives Russia Nebo-UM radar even stealth fighter jets won't be able to escape detection
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Nebo-UM Radar India: भारत इस समय लड़ाकू विमानों की कमी का सामना कर रहा है. वहीं दूसरी ओर चीन और पाकिस्तान लगातार अपनी वायुसेना को और मजबूत बना रहे हैं. ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल है कि क्या भारत की सुरक्षा कमजोर हो रही है? इसका जवाब है- नहीं.

असल में आज की लड़ाई सिर्फ फाइटर जेट से नहीं जीती जाती. आधुनिक युद्ध में मिसाइल, एयर डिफेंस और एडवांस रडार सिस्टम भी उतने ही जरूरी हैं. इसी दिशा में भारत ने एक बड़ा कदम उठाया है.

रूस ने भारत को दिया एडवांस रडार सिस्टम

हाल ही में सामने आई जानकारी के मुताबिक, भारत के पास अब रूस का Nebo-UM VHF Radar है. इसे दुनिया के सबसे आधुनिक रडार सिस्टम में गिना जाता है. इसकी खास बात यह है कि यह पांचवीं पीढ़ी के स्टेल्थ फाइटर जेट्स का भी पता लगा सकता है.

इस रडार सिस्टम को हाल ही में वायु शक्ति-2026 अभ्यास के दौरान देखा गया था. हालांकि भारत सरकार और वायुसेना ने इसकी खरीद, कीमत, संख्या या तैनाती को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है.

Nebo-UM Radar की सबसे बड़ी ताकत

यह रडार सामान्य रडार से अलग तकनीक पर काम करता है. यह VHF (Very High Frequency) बैंड का इस्तेमाल करता है. आमतौर पर स्टेल्थ फाइटर जेट ऐसे बनाए जाते हैं कि वे सामान्य रडार से बच सकें. लेकिन Nebo-UM से निकलने वाली रेडियो तरंगें स्टेल्थ विमान की सतह पर अलग तरह से असर करती हैं. 

इससे ऐसे विमान भी रडार की पकड़ में आ सकते हैं. यह सिस्टम अपने लक्ष्य की 3D तस्वीर भी तैयार कर सकता है, जिससे दुश्मन के विमान की पहचान करना आसान हो जाता है.

चीन के स्टेल्थ जेट पर रहेगी नजर

चीन के पास पहले से J-20 स्टेल्थ फाइटर जेट हैं और वह J-35 भी तैयार कर रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन भविष्य में पाकिस्तान को भी J-20 देने की योजना बना रहा है. भारत के पास फिलहाल स्टेल्थ फाइटर जेट नहीं हैं. 

भारतीय वायुसेना का सबसे आधुनिक विमान राफेल है, जिसे 4.5 पीढ़ी का फाइटर जेट माना जाता है. ऐसे में Nebo-UM Radar भारत को चीन और पाकिस्तान के संभावित स्टेल्थ विमानों पर नजर रखने में बड़ी मदद दे सकता है.

भारत पहले से कई मजबूत हथियारों से लैस

फाइटर जेट की संख्या भले कम हो, लेकिन भारत के पास कई आधुनिक रक्षा सिस्टम मौजूद हैं. इनमें ब्रह्मोस मिसाइल, S-400 एयर डिफेंस सिस्टम, आकाश मिसाइल, पिनाका रॉकेट सिस्टम और अग्नि, पृथ्वी व नाग जैसी कई मिसाइलें शामिल हैं. यही वजह है कि भारत अपनी सुरक्षा को लगातार मजबूत बना रहा है.

क्या Su-57 की डील का रास्ता खुलेगा?

रूस और भारत लंबे समय से रक्षा साझेदार रहे हैं. ऐसे में माना जा रहा है कि Nebo-UM Radar की सप्लाई दोनों देशों के मजबूत रिश्तों का हिस्सा है. कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि भारत और रूस के बीच पांचवीं पीढ़ी के Su-57 फाइटर जेट को लेकर भी बातचीत चल रही है. हालांकि इस पर भारत सरकार की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.

अगर भविष्य में यह डील होती है, तो भारतीय वायुसेना की ताकत में बड़ा इजाफा हो सकता है. फिलहाल इतना तय है कि Nebo-UM Radar भारत की एयर डिफेंस क्षमता को और मजबूत करेगा और स्टेल्थ फाइटर जेट्स जैसे बड़े खतरे से निपटने में अहम भूमिका निभा सकता है.

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