दोहा: भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से जारी तनाव और हाल ही में हुए सीमावर्ती संघर्षों के बीच, पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने एक अहम बयान दिया है. उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें ट्रंप ने कहा था कि भारत और पाकिस्तान के बीच मई में अमेरिका की मध्यस्थता से युद्धविराम कराया गया था.
डार ने इस बयान को "तथ्यों के विपरीत" बताते हुए साफ किया कि भारत ने कभी भी किसी तीसरे देश की मध्यस्थता को स्वीकार नहीं किया है, चाहे वह अमेरिका हो या कोई अन्य देश. ये बातें उन्होंने एक इंटरव्यू में कतर स्थित अल जज़ीरा न्यूज चैनल से बातचीत के दौरान कहीं.
भारत ने कहा कि यह द्विपक्षीय मसला है- डार
जब डार से यह सवाल पूछा गया कि क्या पाकिस्तान किसी तीसरे देश की मध्यस्थता को लेकर तैयार था, तो उन्होंने कहा, "हमें कभी कोई आपत्ति नहीं रही है, लेकिन भारत का रुख बिल्कुल स्पष्ट रहा है- वो इसे सिर्फ़ द्विपक्षीय मुद्दा मानता है. और जब तक दूसरा पक्ष बातचीत के लिए राज़ी न हो, तब तक मध्यस्थता संभव नहीं है."
THERE WAS NO 3RD PARTY MEDIATION.
— Amit Malviya (@amitmalviya) September 16, 2025
Rahul Gandhi, listen carefully → Pakistan’s own Foreign Minister Ishaq Dar told Al-Jazeera that India categorically rejected any third-party ceasefire mediation.
Stop peddling lies. Stop echoing Pakistan’s propaganda. pic.twitter.com/ib3ccDjch0
डार ने यह भी जोड़ा कि पाकिस्तान का हमेशा से यही रुख रहा है कि बातचीत ही एकमात्र ऐसा रास्ता है जिससे क्षेत्र में शांति लाई जा सकती है. लेकिन संवाद तब ही हो सकता है जब दोनों पक्ष तैयार हों, न कि केवल एक.
सीजफायर प्रस्ताव का भारत ने किया था इंकार
इशाक डार ने खुलासा किया कि मई 2025 में अमेरिका की ओर से पाकिस्तान को एक सीजफायर प्रस्ताव दिया गया था. इस प्रस्ताव में सुझाव दिया गया था कि भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत किसी तटस्थ देश में करवाई जाए.
पाकिस्तान ने इस पहल का समर्थन किया और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के साथ शुरुआती बातचीत में इसे गंभीरता से लिया. लेकिन 25 जुलाई को वॉशिंगटन में हुई एक और बैठक में अमेरिकी पक्ष ने डार को सूचित किया कि भारत ने इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है.
डार ने बताया, "अमेरिका ने स्पष्ट किया कि भारत का कहना है कि यह एक द्विपक्षीय विषय है और इसे किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता की आवश्यकता नहीं है."
हम तैयार हैं, पर अकेले नहीं कर सकते- डार
इशाक डार ने दोहराया कि पाकिस्तान आज भी संवाद और शांति के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा, "हम शांति चाहते हैं, तनाव नहीं. लेकिन वार्ता के लिए सिर्फ हमारी मंशा काफी नहीं है. संवाद तब सफल होता है जब दोनों देश खुलकर सामने आएं."
उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तान को किसी से "भीख मांगने की ज़रूरत नहीं" है. उन्होंने कहा, "हम शांतिप्रिय राष्ट्र हैं. हमारी कोशिश रहेगी कि क्षेत्र में स्थिरता बनी रहे. लेकिन जब सामने वाला दरवाज़ा ही बंद कर दे, तो हम अकेले क्या कर सकते हैं?"
ट्रंप के जंग रुकवाने वाले दावे पर सवाल
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में यह दावा किया था कि भारत और पाकिस्तान के बीच मई में हुई लड़ाई को उन्होंने रुकवाया था और सीजफायर उनकी मध्यस्थता से लागू हुआ.
लेकिन इशाक डार के इस इंटरव्यू से यह स्पष्ट हो गया है कि ट्रंप का यह दावा मूल्यहीन और वास्तविकता से दूर था. भारत ने अमेरिका को साफ कहा था कि वह किसी मध्यस्थता के पक्ष में नहीं है और सभी मामलों को सीधे पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय रूप से सुलझाना चाहता है.
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