अफगानिस्तान पर पाकिस्तान के आरोपों का भारत ने दिया करारा जवाब, UNSC में घिरा इस्लामाबाद, देखें VIDEO

India Support Afghanistan UNSC: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में अफगानिस्तान की स्थिति पर हुई चर्चा के दौरान भारत ने पाकिस्तान की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए और अफगान नागरिकों के खिलाफ हुई हिंसा की कड़ी आलोचना की.

India gives a rebuttal to Pakistan allegations regarding Afghanistan Islamabad cornered the UNSC
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India Support Afghanistan UNSC: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में अफगानिस्तान की स्थिति पर हुई चर्चा के दौरान भारत ने पाकिस्तान की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए और अफगान नागरिकों के खिलाफ हुई हिंसा की कड़ी आलोचना की. भारत ने अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (UNAMA) और संयुक्त राष्ट्र महासचिव की रिपोर्ट का समर्थन करते हुए कहा कि आम नागरिकों की सुरक्षा अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्राथमिक जिम्मेदारी है.

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने कहा कि बहुपक्षीय संस्थाओं और संयुक्त राष्ट्र के प्रति समर्थन को सुविधानुसार स्वीकार या अस्वीकार नहीं किया जा सकता. उन्होंने पाकिस्तान द्वारा UNAMA की रिपोर्ट और उसकी विश्वसनीयता पर उठाए गए सवालों को अनुचित बताया.

रमजान के दौरान हुए हमलों पर चिंता

भारत ने विशेष रूप से रमजान के पवित्र महीने के दौरान अफगानिस्तान में हुए हवाई हमलों पर चिंता व्यक्त की. पी. हरीश ने कहा कि ऐसे हमले अंतरराष्ट्रीय कानूनों और मानवीय मूल्यों के विपरीत हैं. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासचिव की उस अपील का समर्थन किया, जिसमें नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जिम्मेदार पक्षों की जवाबदेही तय करने की बात कही गई है.

नागरिकों की मौतों का जिक्र

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस की रिपोर्ट के अनुसार, 26 जनवरी से 31 मार्च 2026 के बीच अफगानिस्तान में हिंसक घटनाओं में 372 नागरिकों की मौत हुई और 392 लोग घायल हुए. रिपोर्ट में बताया गया कि अधिकांश हताहत हवाई हमलों और सीमा पार से हुई गोलीबारी की वजह से हुए. रिपोर्ट में 16 मार्च को काबुल स्थित ओमिड ड्रग रिहैबिलिटेशन अस्पताल पर हुए एक हवाई हमले का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों की जान गई और कई घायल हुए.

पाकिस्तान के दावों पर भारत का जवाब

पाकिस्तान के प्रतिनिधि असीम इफ्तिखार अहमद ने इन सैन्य कार्रवाइयों को आतंकवाद विरोधी अभियान बताया और UNAMA की रिपोर्टिंग प्रक्रिया पर सवाल उठाए. इसके जवाब में भारत ने स्पष्ट कहा कि किसी भी घटना को सैन्य अभियान का नाम देने भर से नागरिकों की मौत को उचित नहीं ठहराया जा सकता. पी. हरीश ने कहा कि निर्दोष लोगों की जान जाना, उन्हें घायल करना या परिवारों को तबाह करना आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई नहीं माना जा सकता.

अफगानिस्तान में शांति प्रयासों को समर्थन

भारत ने कहा कि वह अफगानिस्तान में शांति, स्थिरता और मानवीय सहायता के लिए संयुक्त राष्ट्र के प्रयासों का पूरा समर्थन करता है. भारत ने UNAMA की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में अफगानिस्तान के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग और संवाद बेहद आवश्यक है.

जांच और जवाबदेही की मांग

भारत ने उन घटनाओं की निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर भी जोर दिया, जिनमें आम नागरिक प्रभावित हुए हैं. साथ ही कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने और पीड़ितों के अधिकारों की रक्षा के लिए जवाबदेही तय होना जरूरी है.

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