Maryam Nawaz Terrorism Warning: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की मुख्यमंत्री मरियम नवाज के एक बयान को लेकर देश में विवाद खड़ा हो गया है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के सबसे ज्यादा आबादी वाले पंजाब को पड़ोसी देशों से ज्यादा खतरा अपने ही देश के दूसरे प्रांतों से है.
उनके इस बयान की कई प्रांतों में आलोचना हो रही है. वहीं, पाकिस्तानी सेना से जुड़े विशेषज्ञों ने भी उनके बयान पर सवाल उठाते हुए इसे भारत और अफगानिस्तान के खिलाफ पाकिस्तान के पुराने आरोपों से अलग रुख बताया है.
मरियम नवाज ने क्या कहा?
शनिवार को लाहौर में कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़े एक कार्यक्रम के दौरान मरियम नवाज ने कहा कि करीब 13 करोड़ की आबादी वाले पंजाब को अपने पड़ोसी देशों से कम और आसपास के प्रांतों से ज्यादा खतरा है.
उन्होंने कहा कि पंजाब में आतंकवाद दूसरे प्रांतों की सीमाओं से आता है. मरियम नवाज ने यह भी कहा कि सभी की नजरें पंजाब पर हैं, लेकिन इसके बावजूद पंजाब सुरक्षित है. उनके मुताबिक, प्रांत को जिन खतरों का सामना करना पड़ता है, वे देश के अलग-अलग प्रांतों की सीमाओं से जुड़े हैं.
खैबर पख्तूनख्वा में नाराजगी
मरियम नवाज के बयान को लेकर खैबर पख्तूनख्वा में सबसे ज्यादा प्रतिक्रिया देखने को मिली है. माना जा रहा है कि उनके बयान में इसी प्रांत की ओर इशारा था. खैबर पख्तूनख्वा लंबे समय से तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान से जुड़ी हिंसा का सामना करता रहा है.
अफगानिस्तान से सीमा लगी होने के कारण यहां कई आतंकवादी गुटों की गतिविधियां भी रही हैं. प्रांत में सत्ता में काबिज इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने भी मरियम नवाज के बयान की आलोचना की है.
नेताओं ने मरियम नवाज पर साधा निशाना
नेशनल असेंबली के अध्यक्ष और पीटीआई नेता असद कैसर ने कहा कि मरियम नवाज का बयान खैबर पख्तूनख्वा के लोगों और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सुरक्षा बलों की कुर्बानियों का अपमान है.
पूर्व सांसद और नेशनल डेमोक्रेटिक मूवमेंट के प्रमुख मोहसिन दावर ने भी मरियम नवाज के आरोपों पर सवाल उठाए. उन्होंने दावा किया कि जिस आतंकवाद को अब पंजाब के लिए खतरा बताया जा रहा है, उसकी जड़ें पंजाब के राजनीतिक और प्रभावशाली वर्ग से जुड़ी रही हैं.
नए प्रांतों को लेकर भी चल रही बहस
मरियम नवाज का यह बयान ऐसे समय आया है, जब पाकिस्तान में नए प्रांत या प्रशासनिक क्षेत्र बनाने को लेकर बहस तेज है. पाकिस्तानी सेना की ओर से भी देश में प्रांतों के बंटवारे का सुझाव दिया गया है.
सरकार की ओर से भी इस विचार का समर्थन किया गया है. पाकिस्तान के गृह मंत्री और सेना प्रमुख असीम मुनीर के रिश्तेदार मोहसिन नकवी भी देश के अलग-अलग हिस्सों में जाकर नए प्रांतों के गठन को लेकर समर्थन जुटा रहे हैं.
पाकिस्तान नए प्रांत क्यों बनाना चाहता है?
मोहसिन नकवी का कहना है कि नए प्रांत बनाने का मकसद किसी सरकार या राजनीतिक दल को बदलना नहीं है. उनके मुताबिक, पाकिस्तान की मौजूदा प्रशासनिक व्यवस्था को नए सिरे से देखने की जरूरत है, क्योंकि वह लंबे समय से लोगों को जरूरी सुविधाएं देने में पूरी तरह सफल नहीं रही है.
उनका कहना है कि करीब आठ दशक बाद भी पाकिस्तान शिक्षा, स्वास्थ्य, साफ पानी और स्वच्छता जैसी बुनियादी सुविधाएं देने के लिए संघर्ष कर रहा है. ऐसे में उनका तर्क है कि देश को आगे चलकर अपनी प्रशासनिक सीमाओं और व्यवस्था में बदलाव करना होगा.
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