ऑपरेशन सिंदूर को लेकर पाकिस्तान ने रिलीज की ऐसी डॉक्यूमेंट्री, सोशल मीडिया पर उड़ने लगा मजाक

Pakistan Air Force Claim: जब पाकिस्तान किसी सैन्य टकराव के बाद अपने दावों को सही साबित करना चाहता है तो वह अक्सर प्रचार का सहारा लेता है. ऑपरेशन सिंदूर के बाद अब पाकिस्तानी वायुसेना ने एक बार फिर ऐसा ही किया है.

Operation Sindoor Pakistan has once again deployed its propaganda weapon Air Force Day
Image Source: Social Media

Pakistan Air Force Claim: जब पाकिस्तान किसी सैन्य टकराव के बाद अपने दावों को सही साबित करना चाहता है तो वह अक्सर प्रचार का सहारा लेता है. ऑपरेशन सिंदूर के बाद अब पाकिस्तानी वायुसेना ने एक बार फिर ऐसा ही किया है. भारत की ओर से ऑपरेशन सिंदूर पर डॉक्यूमेंट्री जारी किए जाने के बाद पाकिस्तान ने 6 सितंबर 2026 को एयरफोर्स डे के मौके पर ‘फिज़ाओं के पासबां’ नाम से एक नया प्रचार वीडियो जारी किया.

इस वीडियो में एक गाना इस्तेमाल किया गया है, जिसके बोल हैं- ‘फलक में इनकी धाक है...’. वीडियो में पाकिस्तान ने कई बड़े दावे किए हैं. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कंप्यूटर ग्राफिक्स से तैयार इस वीडियो में दावा किया गया कि पाकिस्तानी वायुसेना ने भारत के 32 एयरबेस पर हमला किया, दो एस-400 सिस्टम तबाह किए और भारतीय सैन्य उपग्रहों को जाम कर दिया.

आठ भारतीय विमान गिराने का दावा

पाकिस्तान के इस वीडियो में यह भी दावा किया गया है कि उसने भारत के आठ विमान गिराए और उसकी ईंधन सप्लाई को बाधित कर दिया. इसे पाकिस्तानी वायुसेना के जनसंपर्क विभाग ने एक्स पर साझा किया.

वीडियो में भारत के नक्शे पर कई जगह धमाकों के निशान दिखाए गए हैं. साथ ही बड़े अक्षरों में लिखा है- ‘32 आईएएफ बेस पर हमला’. हालांकि, वीडियो में किए गए इन दावों के समर्थन में कोई वास्तविक तस्वीर या स्वतंत्र प्रमाण नहीं दिखाया गया है.

पूरे वीडियो में सिर्फ ग्राफिक्स और एनिमेशन

पाकिस्तान के वीडियो की सबसे बड़ी खासियत यही है कि इसमें ज्यादातर चीजें कंप्यूटर ग्राफिक्स के जरिए दिखाई गई हैं. इसमें न तो किसी एयरबेस की वास्तविक सैटेलाइट तस्वीर है और न ही किसी रनवे या हैंगर को हुए नुकसान का स्पष्ट प्रमाण दिखाया गया है. यानी जिन 32 एयरबेस पर हमले का दावा किया जा रहा है, उनके नुकसान का कोई ठोस दृश्य प्रमाण वीडियो में नहीं दिया गया है.

भारत की डॉक्यूमेंट्री के जवाब में जारी किया वीडियो

भारत में 15 अगस्त को डिस्कवरी चैनल ने दो हिस्सों में ‘डीक्लासिफाइड: ऑपरेशन सिंदूर’ नाम से डॉक्यूमेंट्री प्रसारित की थी. इसमें ऑपरेशन से जुड़े कई अहम दावे और घटनाएं दिखाई गई थीं. डॉक्यूमेंट्री में तत्कालीन तीनों सेनाओं के प्रमुखों के बयान, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ अनिल चौहान की बात और सैन्य कार्रवाई से जुड़े वीडियो फुटेज भी शामिल थे.

इसी डॉक्यूमेंट्री में भारत के तत्कालीन डीजीएमओ ने दावा किया था कि पाकिस्तान ने संघर्ष रोकने के लिए संपर्क किया था. ऐसे में माना जा रहा है कि पाकिस्तानी वायुसेना का नया वीडियो भारत की डॉक्यूमेंट्री के जवाब में भी जारी किया गया है.

32 एयरबेस पर हमले के दावे पर सवाल

पाकिस्तान का 32 भारतीय एयरबेस पर हमला करने का दावा भी सवालों के घेरे में है. सार्वजनिक जानकारी के अनुसार भारतीय वायुसेना के पास 60 से ज्यादा एयर स्टेशन हैं. इनमें लड़ाकू विमानों के बेस, प्रशिक्षण केंद्र और रखरखाव से जुड़े स्टेशन शामिल हैं.

ऐसे में 32 एयरबेस पर सफल हमला करने का मतलब भारतीय वायुसेना की बहुत बड़ी क्षमता को नुकसान पहुंचाना होता. लेकिन पाकिस्तान ने अपने दावे के समर्थन में भारत में हुए इतने बड़े नुकसान का कोई स्पष्ट प्रमाण पेश नहीं किया है.

मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी पाकिस्तान ने भारत के सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचाने के कई दावे किए थे. हालांकि, उन दावों के समर्थन में भी कोई ठोस सैटेलाइट प्रमाण सार्वजनिक नहीं किया गया था. स्वतंत्र सैटेलाइट तस्वीरों में भी भारतीय एयरबेस को हुए बड़े नुकसान की ऐसी तस्वीरें सामने नहीं आईं, जैसी पाकिस्तान अपने दावों में बता रहा था.

आदमपुर एयरबेस पहुंचकर पीएम मोदी ने दिया था जवाब

10 मई को संघर्ष रुकने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 मई को खुद आदमपुर एयरबेस पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने जवानों से मुलाकात की थी. भारत ने इस यात्रा के जरिए पाकिस्तान के उस दावे पर भी सवाल खड़े किए थे, जिसमें एस-400 को नुकसान पहुंचाने की बात कही गई थी. इसके उलट भारत ने पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों पर किए गए हमलों से जुड़े कई सबूत सार्वजनिक किए थे. 

नूर खान, मुरीद, रफीकी, सरगोधा, जैकाबाबाद और भोलारी जैसे ठिकानों की सैटेलाइट तस्वीरें और वीडियो सामने आए थे. इन तस्वीरों में सैन्य ठिकानों पर हुए नुकसान को देखा जा सकता था. भारत की ओर से बताया गया था कि इन हमलों में रडार, वायु रक्षा प्रणाली और विमान हैंगर जैसे सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया.

सोशल मीडिया पर भी पाकिस्तान के दावों का मजाक

पाकिस्तान के नए वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर भी सवाल उठ रहे हैं. कई भारतीय उपयोगकर्ताओं ने वीडियो का मजाक उड़ाते हुए पूछा कि अगर 32 एयरबेस पर इतना बड़ा हमला हुआ था तो उनकी सैटेलाइट तस्वीरें कहां हैं?

सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने इसे पाकिस्तान के पुराने प्रचार का नया रूप बताते हुए ‘लाहौरी चूरन’ तक कह दिया. सवाल यही है कि इतने बड़े सैन्य नुकसान का दावा करने के बावजूद पाकिस्तान अब तक वास्तविक तस्वीरों और स्वतंत्र सबूतों के बजाय कंप्यूटर ग्राफिक्स पर ही क्यों निर्भर है.

ये भी पढ़ें- Delhi PG Building Collapse: दिल्ली PG हादसे में बड़ा एक्शन, फरार बिल्डिंग मालिक हरिराम गुप्ता गिरफ्तार