पुतिन के भारत दौरे से पहले बड़ा फैसला, Su-30 MKI लड़ाकू विमानों में लगेगी रूसी मिसाइल, जानें रेंज

भारतीय वायुसेना की ताकत बढ़ाने के लिए रक्षा मंत्रालय एसयू-30 एमकेआई लड़ाकू विमानों में बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रहा है.

Russian Rvv Bd missiles to be Integrate With Indian Su-30 MKI fighter jets
Image Source: ANI

भारतीय वायुसेना की ताकत बढ़ाने के लिए रक्षा मंत्रालय एसयू-30 एमकेआई लड़ाकू विमानों में बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रहा है. इन विमानों में रूस की बनी आरवीवी-बी-डी हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल लगाने का प्रस्ताव है. यह मिसाइल करीब 300 किलोमीटर दूर तक हवा में मौजूद दुश्मन के ठिकानों को निशाना बनाने में सक्षम बताई जाती है. एसयू-30 एमकेआई ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी अहम भूमिका निभाई थी.

पुतिन के दौरे से पहले बड़ा प्रस्ताव

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे से कुछ दिन पहले इस प्रस्ताव पर चर्चा तेज हो गई है. पुतिन के ब्रिक्स बैठक में शामिल होने के दौरान भारत और रूस के बीच कई रक्षा समझौतों पर बातचीत होने की उम्मीद है.

रक्षा सूत्रों के मुताबिक, एसयू-30 एमकेआई में आरवीवी-बी-डी मिसाइल लगाने के लिए जरूरी बदलाव का प्रस्ताव रक्षा अधिग्रहण परिषद की बैठक में मंजूरी के लिए रखा जा सकता है.

6 मैक की रफ्तार से हमला

रूस की आरवीवी-बी-डी मिसाइल के अलग-अलग संस्करण मौजूद हैं. इनमें से कुछ करीब 6 मैक की रफ्तार से उड़ने वाले लक्ष्यों को निशाना बनाने में सक्षम बताए जाते हैं. इनका इस्तेमाल हवा में निगरानी करने वाले विमान और दूसरे अहम हवाई ठिकानों को निशाना बनाने के लिए किया जा सकता है.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व में रक्षा मंत्रालय वायुसेना के हवा से हवा में मार करने वाले हथियारों को लगातार मजबूत करने पर काम कर रहा है. इसके लिए देश में बनाए जा रहे हथियारों के साथ विदेशी मिसाइलों पर भी ध्यान दिया जा रहा है.

भारत तेजी से बढ़ा रहा मिसाइलों की ताकत

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन यानी डीआरडीओ अस्त्र मिसाइल के मौजूदा और नए संस्करणों पर काम कर रहा है. इन मिसाइलों की मारक क्षमता 300 किलोमीटर से ज्यादा तक बढ़ाने की दिशा में भी काम चल रहा है.

इसके अलावा भारत ने फ्रांस से मेट्योर हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों के लिए भी बड़े ऑर्डर दिए हैं. इससे भारतीय लड़ाकू विमानों की लंबी दूरी तक हमला करने की क्षमता और मजबूत होगी.

एसयू-30 एमकेआई बनेगा और ताकतवर

एसयू-30 एमकेआई भारतीय वायुसेना के सबसे अहम लड़ाकू विमानों में शामिल है. वायुसेना के पास इनकी संख्या 260 से ज्यादा है. अब इन विमानों को आधुनिक बनाने के लिए अलग-अलग योजनाओं पर काम किया जा रहा है. इन बदलावों के बाद विमान पहले के मुकाबले ज्यादा दूरी तक दुश्मन को देख सकेंगे और हमला भी कर सकेंगे.

रक्षा अधिग्रहण परिषद हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड में एसयू-30 एमकेआई और इनके एएल-31 इंजन के मरम्मत और आधुनिकीकरण से जुड़ी योजना पर भी काम कर रही है. इसके अलावा हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड को एएलएच मार्क-3 हेलीकॉप्टरों के लिए भी बड़ा ऑर्डर मिलने की उम्मीद है.

ये भी पढ़ें- दुनिया के नए नक्शे पर भारत के रुख से भड़का पाकिस्तान, जम्मू-कश्मीर को लेकर किया विरोध, फिर उगला जहर!