प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वडोदरा में जेन-जी के साथ करीब 25 मिनट तक बातचीत की. उनके कार्यक्रम में 6 हजार से ज्यादा युवाओं को बुलाया गया था. पीएम मोदी ने युवाओं से झूठे दावों और भ्रामक बातों से सावधान रहने की अपील की.
पीएम मोदी ने कहा, ‘लोग आपको झूठ की गूंज के जरिए गुमराह करने की कोशिश करेंगे, लेकिन आपको सच्चाई के साथ खड़ा रहना है.’ पीएम मोदी के इस बयान को राहुल गांधी और कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ अभियान पर तंज के तौर पर देखा जा रहा है.
इससे पहले कार्यक्रम के लिए खास तौर पर Y आकार का रैंप तैयार किया गया था. भाषण देने से पहले पीएम मोदी इसी रैंप से चलते हुए युवाओं के बीच पहुंचे.
#WATCH | Gujarat | PM Modi receives an enthusiastic welcome from the crowd attending the 'NaMo for Viksit Bharat' event in Vadodara
— ANI (@ANI) September 8, 2026
(Video source: ANI/DD) pic.twitter.com/klrHAJri9T
मंच पर पहुंचते ही क्वीन का मशहूर गाना ‘वी विल रॉक यू’ बजाया गया. इसके बाद फिल्म ‘धुरंधर’ का गाना ‘आरी आरी’ भी बजा. कार्यक्रम के दौरान एक छात्र ने पीएम मोदी को अपनी बनाई तस्वीर भी भेंट की.
2004 में शुरू हुआ विचार, 2014 तक चलती रहीं फाइलें
पीएम मोदी ने डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का जिक्र करते हुए कहा कि इस परियोजना पर 2004 में विचार शुरू हुआ था. 2006 में इसके लिए एक विशेष कंपनी बनाई गई, लेकिन 2014 तक फाइलें एक टेबल से दूसरी टेबल तक घूमती रहीं.
उन्होंने कहा कि 2014 के बाद उनकी सरकार ने इस परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाया और करीब 2,000 किलोमीटर फ्रेट कॉरिडोर का काम पूरा किया.
फ्रेट कॉरिडोर पर ‘नाराज फूफाजी’ वाला तंज
प्रधानमंत्री ने कहा कि जेएनपीटी मुंबई से डबल कंटेनर मालगाड़ी चलने से एक बार में 250 से ज्यादा ट्रकों के बराबर सामान मुंबई से वडोदरा पहुंचा. उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि अब ‘नाराज फूफाजी’ पूछेंगे कि ट्रक वालों का क्या होगा. लेकिन देश के एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक सामान तेजी से पहुंचाने के लिए ऐसी कनेक्टिविटी जरूरी है.
पैसेंजर और मालगाड़ियों के लिए अलग ट्रैक
पीएम मोदी ने कहा कि पहले यात्री और मालगाड़ियां एक ही ट्रैक पर चलती थीं, जिससे दोनों की रफ्तार प्रभावित होती थी. अब डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर रोज करीब 430 मालगाड़ियां चल रही हैं.
उन्होंने बताया कि ट्रक से सामान भेजने में करीब 30 घंटे लगते हैं, जबकि फ्रेट कॉरिडोर के जरिए यही सामान करीब 10 घंटे में पहुंच सकता है.
रेल इंजन बनाने में भारत आगे बढ़ा
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 10 साल में भारत मेट्रो कोच और रेल इंजन बनाने वाले बड़े देशों में शामिल हुआ है. देश में रेल से जुड़ी निर्माण क्षमता लगातार बढ़ रही है.
एआई में सुपरपावर बनने का मंत्र
पीएम मोदी ने कहा कि अगर भारत को एआई के क्षेत्र में सुपरपावर बनना है तो इसके लिए मजबूत इकोसिस्टम तैयार करना होगा. इसके लिए यूरेनियम और रेयर अर्थ जैसे जरूरी संसाधनों की उपलब्धता बढ़ाने के साथ युवाओं की स्किल ट्रेनिंग और उन्हें नई तकनीक के हिसाब से तैयार करने पर भी जोर दिया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि अब केवल डिग्री हासिल करना काफी नहीं है, युवाओं के पास जरूरी स्किल होना भी उतना ही जरूरी है.