नई दिल्ली: भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर यानी पीओके में प्रदर्शन कर रहे लोगों के खिलाफ हो रही हिंसा पर कड़ी चिंता जताई है. भारत ने पाकिस्तान पर वहां के लोगों के मानवाधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मामले पर ध्यान देने और पाकिस्तान से जवाब मांगने की अपील की है.
मंगलवार को विदेश मंत्रालय की प्रेस ब्रीफिंग में प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत अपने पड़ोसी देश में हो रही घटनाओं पर लगातार नजर रख रहा है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में जिस तरह लोगों की आवाज को दबाया जा रहा है, वह बेहद चिंता की बात है.
‘मांगों का जवाब गोली और इंटरनेट बंद करके’
पीओके में हो रही हिंसा को लेकर सवाल पूछे जाने पर रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत वहां की स्थिति पर पूरी नजर बनाए हुए है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में लगातार मानवाधिकारों का उल्लंघन हो रहा है.
उन्होंने कहा कि अब तक की हिंसा में 90 लोगों की जान जाने की जानकारी सामने आई है. जायसवाल ने आरोप लगाया कि लोगों की मांगों का जवाब बातचीत से देने के बजाय गोलियों और इंटरनेट बंद करके दिया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि दुनिया देख रही है कि पाकिस्तान किस तरह अपने ही लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है. भारत ने इस स्थिति पर गंभीर चिंता जताई है.
अंतरराष्ट्रीय समुदाय से की कार्रवाई की अपील
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान में लोगों के साथ जिस तरह का व्यवहार किया जा रहा है, वह मानवाधिकारों के लिए गंभीर मामला है.
उन्होंने कहा कि लोगों को मारा गया और उनके साथ ज्यादती की गई. भारत के मुताबिक, इन घटनाओं से एक बार फिर यह सामने आया है कि पाकिस्तान को मानवाधिकारों के क्षेत्र में अभी बहुत कुछ करने की जरूरत है.
भारत ने कहा कि हाल की हिंसा में लोगों की मौत के बाद अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय की जिम्मेदारी है कि वह इस मामले को गंभीरता से देखे और पाकिस्तान को जवाबदेह ठहराए.
रक्षा समझौते पर भी भारत की नजर
इस दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता से पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के बीच हुए नए रक्षा समझौते को लेकर भी सवाल पूछा गया.
रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत पश्चिम एशिया में हो रहे घटनाक्रम पर करीबी नजर रख रहा है. भारत इस समझौते को अपनी सुरक्षा और क्षेत्र की शांति एवं स्थिरता पर पड़ने वाले संभावित असर के नजरिए से देख रहा है.
उन्होंने कहा कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है और जरूरत के हिसाब से उचित कदम उठाएगा.
क्या है मक्का रक्षा समझौता?
हाल ही में पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के बीच मक्का रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं. इस समझौते के तहत अगर तीनों में से किसी एक देश पर सैन्य हमला होता है, तो उसे तीनों देशों पर हमला माना जाएगा.
इस समझौते के बाद क्षेत्र में सुरक्षा समीकरण को लेकर चर्चा तेज हो गई है. भारत भी इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है.
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