इस्लामाबाद: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बलूचिस्तान में हो रहे आतंकी हमलों को लेकर भारत पर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में इस साल हुई हिंसा के पीछे उसके पूर्वी पड़ोसी का हाथ है.
शहबाज शरीफ ने आरोप लगाया कि भारत पाकिस्तान विरोधी संगठनों को आर्थिक मदद और हथियार उपलब्ध करा रहा है. हालांकि, उन्होंने भारत का नाम सीधे नहीं लिया, लेकिन उनका इशारा भारत की ओर था.
पिछले कुछ दिनों में बलूचिस्तान में कई बड़े हमले हुए हैं. इन हमलों में पाकिस्तानी सुरक्षाबलों के कई जवानों की मौत हुई है. इसके अलावा कुछ आम नागरिकों की भी जान गई है.
सेना के अधिकारियों के साथ बैठक में दिया बयान
पाकिस्तानी सेना और सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों से मुलाकात के दौरान शहबाज शरीफ ने कहा कि पूरा देश सेना और कानून लागू करने वाली एजेंसियों के साथ खड़ा है.
उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सुरक्षाबलों की कुर्बानियों को देश याद रखेगा और जल्द ही आतंकवाद को खत्म किया जाएगा.
शहबाज शरीफ ने कहा कि इस साल पाकिस्तान में हुई अशांति में बाहरी ताकतों की भूमिका है. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ संगठन पैसे और हथियारों की मदद से हमले कर रहे हैं.
उन्होंने अफगानिस्तान के कुछ इलाकों और खैबर पख्तूनख्वा में सक्रिय आतंकी संगठनों का भी जिक्र किया.
बलूचिस्तान में बढ़ी हिंसा
पाकिस्तान का बलूचिस्तान प्रांत लंबे समय से हिंसा और विद्रोह का सामना कर रहा है. यहां सक्रिय कई विद्रोही संगठन पाकिस्तानी सेना और सुरक्षा बलों को निशाना बनाते रहे हैं.
हाल के दिनों में हुए हमलों के बाद इलाके में तनाव और बढ़ गया है. बलूच संगठनों का आरोप है कि पाकिस्तानी सुरक्षा बल स्थानीय लोगों के साथ ज्यादती करते हैं.
वहीं, पाकिस्तानी सुरक्षाबलों पर भी बलूचिस्तान में मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप लगते रहे हैं.
महरंग बलूच की सजा के बाद बढ़ा तनाव
बलूचिस्तान की मानवाधिकार कार्यकर्ता और बलूच यकजेहती कमेटी की नेता डॉ. महरंग बलूच को पाकिस्तान की एक अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है.
इसके बाद इलाके में विरोध और तनाव बढ़ गया है. बलूच संगठनों ने इस फैसले का विरोध किया है.
तालिबान पर भी पाकिस्तान के आरोप
बलूचिस्तान में बढ़ते हमलों को लेकर पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के तालिबान शासन पर भी सवाल उठाए हैं.
पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान में मौजूद कुछ ठिकानों से बलूच विद्रोहियों को मदद मिल रही है और वे हमले करने के बाद सीमा पार चले जाते हैं.
हालांकि, तालिबान ने पाकिस्तान के इन आरोपों को कई बार खारिज किया है. उसका कहना है कि वह अपनी जमीन का इस्तेमाल किसी दूसरे देश के खिलाफ नहीं होने देगा.
बलूचिस्तान की स्थिति को लेकर पाकिस्तान की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं और सरकार अब आंतरिक सुरक्षा के साथ-साथ पड़ोसी देशों पर भी आरोप लगा रही है.
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