भारत और कनाडा के रिश्तों में नई शुरुआत, दिनेश के. पटनायक और क्रिस्टोफर कूटर को दी गई नई जिम्मेदारियां

India-Canada Ties: भारत और कनाडा के बीच हालिया कूटनीतिक तनाव के बाद अब दोनों देशों ने संबंधों में सुधार की ओर एक अहम कदम बढ़ाया है. वरिष्ठ राजनयिक दिनेश के. पटनायक को कनाडा में भारत का अगला उच्चायुक्त नियुक्त किया गया है, जबकि कनाडा की ओर से क्रिस्टोफर कूटर को भारत में नया हाई कमिश्नर बनाया गया है.

India and Canada Dinesh K Patnaik and Christopher Cooter given new responsibilities
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India-Canada Ties: भारत और कनाडा के बीच हालिया कूटनीतिक तनाव के बाद अब दोनों देशों ने संबंधों में सुधार की ओर एक अहम कदम बढ़ाया है. वरिष्ठ राजनयिक दिनेश के. पटनायक को कनाडा में भारत का अगला उच्चायुक्त नियुक्त किया गया है, जबकि कनाडा की ओर से क्रिस्टोफर कूटर को भारत में नया हाई कमिश्नर बनाया गया है. दोनों नियुक्तियां इस बात का संकेत हैं कि नई सरकारें आपसी सहयोग की दिशा में रचनात्मक पहल करना चाहती हैं.

दिनेश के. पटनायक, जो वर्तमान में स्पेन में भारत के राजदूत के तौर पर सेवा दे रहे हैं, भारतीय विदेश सेवा (IFS) के 1990 बैच के अधिकारी हैं. उन्हें ऐसे वक्त में कनाडा भेजा जा रहा है, जब दोनों देशों के संबंधों ने बीते वर्षों में कई चुनौतियां देखी हैं. वहीं, क्रिस्टोफर कूटर भी कूटनीतिक जगत का जाना-पहचाना नाम हैं, जो पहले भी नई दिल्ली में तैनात रह चुके हैं.

क्यों बिगड़े थे भारत-कनाडा के रिश्ते?

2023-24 के दौरान, कनाडा में खालिस्तानी गतिविधियों को लेकर भारत ने गहरी चिंता जताई थी. कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो द्वारा खालिस्तानी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत पर अप्रत्यक्ष आरोप लगाए जाने के बाद स्थिति और तनावपूर्ण हो गई थी. नतीजतन, दोनों देशों ने अपने उच्चायुक्तों को वापस बुला लिया और कई राजनयिक सेवाएं रोक दी गईं.

मार्च 2025 के बाद से बदला माहौल

मार्च 2025 में कनाडा में सत्ता परिवर्तन हुआ और मार्क कार्नी देश के नए प्रधानमंत्री बने. उनकी नेतृत्व शैली शांत, संतुलित और सहयोगात्मक मानी जाती है. इसके बाद जून 2025 में G7 समिट के दौरान पीएम मोदी और मार्क कार्नी की मुलाकात हुई, जहां दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय रिश्तों को पटरी पर लाने की सहमति जताई. उसी क्रम में उच्चायुक्तों की नई नियुक्ति की गई है.

कनाडा में दिनेश पटनायक की अहम जिम्मेदारी

कनाडा में करीब 16 लाख भारतीय मूल के लोग रहते हैं. वहां शिक्षा, स्वास्थ्य, स्टार्टअप और व्यापार जैसे क्षेत्रों में भारतीयों की बड़ी भागीदारी है. ऐसे में दिनेश पटनायक की नियुक्ति भारत के लिए एक रणनीतिक दांव है. उनकी चुनौती होगी कि वे राजनीतिक मतभेदों को दरकिनार कर सांस्कृतिक, व्यावसायिक और तकनीकी सहयोग को प्राथमिकता दें.

भारत से पहले भी जुड़े रहे हैं

क्रिस्टोफर कूटर के पास 35 वर्षों का राजनयिक अनुभव है. वे इससे पहले दक्षिण अफ्रीका, इस्राइल, नामीबिया और मेडागास्कर जैसे देशों में कनाडा के राजदूत रह चुके हैं. खास बात ये है कि 1998-2000 के दौरान वे भारत स्थित कनाडाई हाई कमिश्नर कार्यालय में फर्स्ट सेक्रेटरी के रूप में कार्यरत थे, यानी भारत की राजनीतिक और सामाजिक जमीनी हकीकत को वे पहले से जानते हैं.

कनाडा की विदेश मंत्री अनिता आनंद का बयान

कनाडा की विदेश मंत्री अनिता आनंद ने इस नियुक्ति को “दोनों देशों के बीच नए अध्याय की शुरुआत” बताया है. उन्होंने कहा कि यह कदम न सिर्फ द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाएगा, बल्कि कनाडा की अर्थव्यवस्था और नागरिकों के हितों के लिए भी फायदेमंद साबित होगा.

रास्ता अभी भी आसान नहीं, लेकिन दिशा सही

हालांकि नई नियुक्तियों से एक सकारात्मक माहौल बनता दिखाई दे रहा है, लेकिन दोनों देशों के बीच कई ऐसे मुद्दे हैं जो अभी भी असहजता पैदा कर सकते हैं, जैसे प्रवासी मुद्दे, वीज़ा सेवाएं, कट्टरपंथी गतिविधियां और सुरक्षा सहयोग. इन चुनौतियों से निपटना ही दोनों उच्चायुक्तों की सबसे बड़ी कूटनीतिक परीक्षा होगी.

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