'कांग्रेस रोज झूठ का नया पहाड़ बनाती', 'वोट चोरी' आरोपों पर बोले धर्मेंद्र प्रधान

बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और 2024 के लोकसभा चुनावों में कथित वोट चोरी के विरोध को लेकर विपक्षी दलों ने सोमवार को राजधानी में जोरदार मार्च निकाला. विपक्ष के इस कदम पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा पलटवार किया.

India Alliance protest over election Commission dharmendra pradhan react
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बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और 2024 के लोकसभा चुनावों में कथित वोट चोरी के विरोध को लेकर विपक्षी दलों ने सोमवार को राजधानी में जोरदार मार्च निकाला. विपक्ष के इस कदम पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा पलटवार किया. केंद्रीय शिक्षा मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता धर्मेंद्र प्रधान ने विपक्ष, खासकर कांग्रेस और राहुल गांधी को आड़े हाथों लिया.

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि जो नेता आए दिन संविधान की दुहाई देते हैं, वही उसकी मर्यादाओं को तोड़ने में सबसे आगे हैं. उनके मुताबिक, “आज देश देख रहा है कि अगर कोई सबसे ज्यादा संविधान विरोधी काम कर रहा है, तो उसका नेतृत्व भी राहुल गांधी जैसे लोग ही कर रहे हैं.”

SIR कोई नई प्रक्रिया नहीं

प्रधान ने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग द्वारा किया जाने वाला विशेष गहन पुनरीक्षण कोई नई पहल नहीं है. यह एक नियमित और व्यवस्थित प्रक्रिया है, जो समय-समय पर सभी राज्यों में मतदाता सूची को अपडेट और दुरुस्त करने के लिए अपनाई जाती है. उन्होंने कहा कि इसे लेकर विपक्ष का शोर मचाना पूरी तरह से राजनीतिक है.

EVM से लेकर राज्यों तक झूठ की राजनीति

बीजेपी नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी लगातार नए-नए मुद्दों पर भ्रम फैलाने में लगी रहती है. कभी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) पर सवाल, तो कभी महाराष्ट्र या हरियाणा जैसे राज्यों के राजनीतिक विवाद—कांग्रेस हर दिन झूठ का नया एजेंडा लेकर आती है. धर्मेंद्र प्रधान के मुताबिक, 2014, 2019 और 2024 के आम चुनावों के साथ-साथ विभिन्न राज्यों में लगातार हार ने कांग्रेस को राजनीतिक रूप से कमजोर और दिवालिया बना दिया है.

मीडिया ने खोली पोल

धर्मेंद्र प्रधान ने यह भी दावा किया कि हाल के दिनों में राहुल गांधी द्वारा लगाए गए कई आरोपों का मीडिया ने तथ्य आधारित विश्लेषण कर पर्दाफाश किया है. उन्होंने कहा, “भारत के मीडिया ने राहुल गांधी के हर झूठ को प्रमाणों के साथ बेनकाब किया है. विपक्ष के पास अब सिर्फ वोट बैंक की राजनीति बची है, जिसके तहत वे घुसपैठियों को मतदाता सूची में शामिल कराने की कोशिश कर रहे हैं.” प्रधान का कहना है कि जिन लोगों को चुनाव आयोग की बुनियादी प्रक्रियाओं और तकनीक की समझ नहीं है, वे केवल भ्रम फैलाकर राजनीतिक लाभ लेना चाहते हैं.

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