सुशांत सिंह राजपूत की बहन की राजनीति में एंट्री, महागठबंधन ने दिया टिकट, इस विधानसभा से लड़ेंगी चुनाव

बिहार की राजनीति एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार वजह केवल सियासी समीकरण नहीं, बल्कि एक ऐसे चेहरे की एंट्री है, जो दिवंगत बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत से जुड़ा है.

INDIA Alliance gives ticket to Sushant Singh Rajputs sister
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बिहार की राजनीति एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार वजह केवल सियासी समीकरण नहीं, बल्कि एक ऐसे चेहरे की एंट्री है, जो दिवंगत बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत से जुड़ा है. सुशांत की ममेरी बहन दिव्या गौतम अब राजनीति में कदम रखने जा रही हैं और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में दीघा विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनने की तैयारी में हैं.

बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए महागठबंधन के भीतर सीटों का बंटवारा भले ही औपचारिक रूप से घोषित न हुआ हो, लेकिन संभावित उम्मीदवारों को लेकर पार्टियों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं. भाकपा माले (CPIML) के खाते में आने वाली मानी जा रही दीघा विधानसभा सीट से दिव्या गौतम को उम्मीदवार बनाए जाने की बात सामने आई है.

15 अक्टूबर को नामांकन दाखिल करेंगी

पार्टी सूत्रों के अनुसार, 15 अक्टूबर को दिव्या गौतम अपना नामांकन दाखिल करेंगी. सोशल मीडिया पर उनका नामांकन पोस्टर वायरल हो रहा है, और पार्टी के वरिष्ठ नेता कुमार परवेज ने इस खबर की पुष्टि की है.

2020 में किसने लड़ा था दीघा से चुनाव?

दीघा विधानसभा सीट पर वर्ष 2020 में हुए विधानसभा चुनावों में बीजेपी के संजीव चौरसिया ने जीत दर्ज की थी. उन्होंने कुल 97,044 वोट हासिल किए थे, जबकि सीपीआईएमएल की तरफ से चुनावी मैदान में उतरीं शशि यादव को 50,971 वोट मिले थे.

इस बार भी सीपीआईएमएल ने एक महिला को टिकट दिया है, और यह दिखाता है कि पार्टी महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है.

दिव्या गौतम का राजनीतिक और सफर

दिव्या गौतम सिर्फ सुशांत सिंह राजपूत की रिश्तेदार ही नहीं, बल्कि एक शिक्षित और राजनीतिक रूप से जागरूक चेहरा भी हैं. उन्होंने पटना यूनिवर्सिटी के पटना कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक किया है.

कॉलेज के दिनों से ही वे छात्र राजनीति में सक्रिय रही हैं. 2012 में पटना यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन (PUSU) के चुनाव में AISA (ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन) की तरफ से अध्यक्ष पद की उम्मीदवार थीं, और उस चुनाव में दूसरे स्थान पर रही थीं.

शिक्षा के क्षेत्र में भी दिव्या ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं. उन्होंने 64वीं बीपीएससी परीक्षा में सफलता प्राप्त की थी, जिसमें उनका चयन आपूर्ति निरीक्षक (Supply Inspector) के पद पर हुआ था. हालांकि, उन्होंने सरकारी नौकरी जॉइन नहीं की और उच्च शिक्षा को प्राथमिकता दी.

फिलहाल, दिव्या गौतम पीएचडी कर रही हैं और वे UGC-NET क्वालिफाइड भी हैं, जो उच्च शिक्षा और शिक्षण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जाती है.

महागठबंधन में सीटों को लेकर मंथन जारी

हालांकि महागठबंधन (RJD, Congress, CPIML, VIP आदि) में सीटों के अंतिम बंटवारे को लेकर अभी बातचीत चल रही है, लेकिन सभी दलों ने अपनी पारंपरिक सीटों पर उम्मीदवारों की पहचान लगभग तय कर ली है. 2020 में जो पार्टी जिस सीट से चुनाव लड़ी थी, इस बार भी वह उसी पर दावा कर रही है.

सूत्रों की मानें तो कांग्रेस और मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के बीच कुछ सीटों को लेकर खींचतान बनी हुई है, लेकिन जल्द ही सभी सीटों पर सहमति बनने की उम्मीद है.

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