Rinku Singh Record: पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज का चौथा मुकाबला भले ही रन बरसात के लिए याद रखा जाए, लेकिन इस मैच की असली कहानी भारतीय टीम की जबरदस्त फील्डिंग और खासतौर पर रिंकू सिंह के नाम रही. टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला करने वाली भारतीय टीम को शुरुआती ओवरों में जरूर संघर्ष करना पड़ा, लेकिन जैसे ही मैच ने करवट ली, टीम इंडिया ने जोरदार वापसी कर दर्शकों का दिल जीत लिया.
बल्लेबाजी के लिए उतरी न्यूजीलैंड की टीम ने पहले ही ओवर से आक्रामक रुख अपनाया. कीवी ओपनरों ने भारतीय गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया और पहले विकेट के लिए शतकीय साझेदारी कर दी. शुरुआती आठ ओवर तक भारत को कोई सफलता नहीं मिली और ऐसा लग रहा था कि न्यूजीलैंड एक बेहद बड़ा स्कोर खड़ा कर देगा. तेज रनगति और आक्रामक शॉट्स ने भारतीय गेंदबाजी की कड़ी परीक्षा ली.
Wherever the ball goes on the field for Rinku Singh is right there.
— Harry Gill (@harrygillzi) January 28, 2026
What an outstanding fielder pic.twitter.com/XVw4mI28h7
कुलदीप ने दिलाई पहली सफलता, रिंकू बने हीरो
भारतीय टीम को पहली राहत कुलदीप यादव ने दिलाई, जब उन्होंने सेट हो चुके डेवोन कॉन्वे को पवेलियन की राह दिखाई. इस विकेट के पीछे असली चमक रिंकू सिंह की शानदार फील्डिंग की रही, जिन्होंने बेहतरीन कैच लपककर मैच का रुख बदल दिया. इस विकेट के बाद न्यूजीलैंड की पारी की रफ्तार पर अचानक ब्रेक लग गया और भारतीय गेंदबाजों को नई ऊर्जा मिल गई.
मिडिल ऑर्डर हुआ ढेर, भारत की शानदार वापसी
पहला विकेट गिरते ही न्यूजीलैंड का मिडिल ऑर्डर भारतीय गेंदबाजी के सामने दबाव में आ गया. नियमित अंतराल पर विकेट गिरने लगे और 152 रन तक पहुंचते-पहुंचते कीवी टीम अपने पांच विकेट गंवा चुकी थी. इस दौरान भारतीय फील्डर्स की चुस्ती और गेंदबाजों की सटीक लाइन-लेंथ ने मैच को पूरी तरह रोमांचक बना दिया.
रिंकू सिंह के हाथों में इतिहास
मैच के दौरान रिंकू सिंह ने फील्डिंग में ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. उन्होंने पहले सलामी बल्लेबाज टिम सीफर्ट का शानदार कैच लपका. इसके बाद खतरनाक माने जाने वाले ग्लेन फिलिप्स को भी पवेलियन भेजकर भारत को बड़ी सफलता दिलाई. 18वें ओवर में जैकरी फॉल्क्स का कैच पकड़ते ही रिंकू सिंह ने इतिहास रच दिया.
एक मैच, चार कैच और खास रिकॉर्ड
इस मुकाबले में चार कैच लपककर रिंकू सिंह एक ही T20I मैच में चार कैच लेने वाले दूसरे भारतीय खिलाड़ी बन गए. इसके साथ ही उन्होंने अजिंक्य रहाणे के 2014 में बनाए गए रिकॉर्ड की बराबरी कर ली. रहाणे ने इंग्लैंड के खिलाफ बर्मिंघम में यह कारनामा किया था. रिंकू का यह प्रदर्शन भारतीय फील्डिंग इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया.
रन तो बने, लेकिन भारत ने दिखाया दम
रिंकू सिंह की शानदार फील्डिंग और भारतीय गेंदबाजों के पलटवार के बावजूद न्यूजीलैंड की टीम 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 215 रन बनाने में सफल रही. टिम सीफर्ट ने सबसे ज्यादा 62 रनों की पारी खेली. भारतीय गेंदबाजी की बात करें तो अर्शदीप सिंह और कुलदीप यादव ने दो-दो विकेट झटककर टीम को अहम सफलताएं दिलाईं.
कुल मिलाकर, यह मुकाबला सिर्फ बड़े स्कोर का नहीं बल्कि भारतीय टीम की जुझारू मानसिकता और रिंकू सिंह की ऐतिहासिक फील्डिंग का गवाह बना, जिसने यह साबित कर दिया कि क्रिकेट में मैच केवल बल्ले या गेंद से ही नहीं, बल्कि मैदान पर दिखाए गए जज्बे से भी जीते जाते हैं.
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