Ishan Kishan GF: अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में भारतीय बल्लेबाज़ों ने न्यूज़ीलैंड के गेंदबाज़ों पर जमकर प्रहार किया. पहले बल्लेबाज़ी करते हुए भारत ने निर्धारित 20 ओवर में 255 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया. इस बड़े स्कोर के पीछे शीर्ष क्रम के तीन बल्लेबाज़ों का सबसे बड़ा योगदान रहा.
संजू सैमसन ने 46 गेंदों में 89 रन बनाए, अभिषेक शर्मा ने 21 गेंदों में 52 रन की तेज़ पारी खेली और ईशान किशन ने 25 गेंदों में 54 रन जोड़कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया. शुरुआत में सैमसन और अभिषेक ने तेज़ रन बनाए, जिसके बाद ईशान ने आक्रामक बल्लेबाज़ी करते हुए इस शुरुआत को बड़े स्कोर में बदल दिया.
Ishan kishan Won in life 🤌🏻 pic.twitter.com/ShDZS2Erf1
— 𝙎. (@KLfied_) March 8, 2026
ईशान किशन की शानदार पारी
अभिषेक शर्मा के आउट होने के बाद ईशान किशन मैदान पर आए. उस समय भारत का पहला विकेट 7.1 ओवर में 98 रन के स्कोर पर गिरा था और टीम को तेज़ रनगति बनाए रखने की जरूरत थी. ईशान किशन ने इस जिम्मेदारी को बखूबी निभाया. बाएं हाथ के इस बल्लेबाज़ ने अपनी पारी में 4 छक्के और 4 चौके लगाए. उनकी रनगति बेहद तेज़ रही और उन्होंने आक्रामक अंदाज़ में बल्लेबाज़ी करते हुए दर्शकों का दिल जीत लिया. उनकी शानदार बल्लेबाज़ी को देखने के लिए स्टेडियम में मौजूद अदिति हुंदिया भी लगातार खड़े होकर उनका उत्साह बढ़ाती नजर आईं.
पूरे टूर्नामेंट में दमदार प्रदर्शन
ईशान किशन ने पूरे टूर्नामेंट में भी बेहतरीन प्रदर्शन किया. उन्होंने 9 मुकाबलों में 35.22 की औसत से 317 रन बनाए. इस दौरान उन्होंने 33 चौके और 18 छक्के लगाए. उनकी तेज़ रनगति ने उन्हें टीम के सबसे प्रभावशाली बल्लेबाज़ों में शामिल कर दिया. उन्हें प्रतियोगिता से ठीक पहले भारतीय टीम में मौका मिला था. ऋषभ पंत की चोट के बाद उन्हें अवसर मिला और उन्होंने न्यूज़ीलैंड के खिलाफ श्रृंखला में अच्छा प्रदर्शन करने के बाद इस बड़े मंच पर भी खुद को साबित कर दिया.
फाइनल में बना ऐतिहासिक रिकॉर्ड
इस मुकाबले में भारतीय टीम ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियां भी हासिल कीं. टी20 विश्व कप के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ जब किसी टीम के शीर्ष तीन बल्लेबाज़ों ने फाइनल में पचास से अधिक रन की पारियां खेलीं. इसके अलावा भारत ने न्यूज़ीलैंड के खिलाफ 18 छक्के लगाए, जो इस प्रतियोगिता के फाइनल में पहली बार देखने को मिला. इतना ही नहीं, भारतीय बल्लेबाज़ों ने कुल 37 चौके और छक्के लगाए, जो फाइनल मुकाबले में अब तक का सबसे बड़ा सीमा रेखा पार प्रहार का आंकड़ा बन गया.
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