'डेथ सेल में कुछ तो ऐसा है जिसे..', शहबाज- मुनीर के राज में इमरान की जान को खतरा! बेटों को हो रहा शक

पाकिस्तान की राजनीतिक हलचल के केंद्र में इस समय एक ही नाम है. इमरान खान. देश के पूर्व प्रधानमंत्री 47 दिनों से रावलपिंडी की आदियाला जेल में बंद हैं, लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि उनकी सेहत, सुरक्षा या स्थिति को लेकर कोई भी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आ रही.

Imran Khan Son allegs shehbaz and munir government over death of his father
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पाकिस्तान की राजनीतिक हलचल के केंद्र में इस समय एक ही नाम है—इमरान खान. देश के पूर्व प्रधानमंत्री 47 दिनों से रावलपिंडी की आदियाला जेल में बंद हैं, लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि उनकी सेहत, सुरक्षा या स्थिति को लेकर कोई भी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आ रही. न मीडिया को, न परिवार को, न ही अदालतों को. इस ख़ामोशी ने पूरे पाकिस्तान में बेचैनी और शंकाओं को जन्म दे दिया है.

इमरान खान के बेटे कासिम और सुलेमान का आरोप है कि उनके पिता को जेल में “डेथ सेल” में रखा गया है और सरकार उन्हें किसी से मिलने भी नहीं दे रही. कोर्ट के आदेश के बावजूद न बहनों को विजिट की अनुमति दी गई, न फोन कॉल, न कोई मेडिकल रिपोर्ट दिखाई गई. कासिम ने इसे “पूर्ण ब्लैकआउट” बताया और कहा कि ऐसा लगता है जैसे किसी बड़ी सच्चाई को छिपाया जा रहा है.

तीन हफ्तों से कोई सबूत नहीं, इमरान जिंदा हैं भी या नहीं?

सोशल मीडिया पर इमरान की मौत या गंभीर बीमारी की अफवाहें तेज़ी से फैल रही हैं. इसके बावजूद सेना प्रमुख आसिम मुनीर के नेतृत्व वाली सरकार की तरफ से कोई स्पष्ट बयान नहीं आया. परिवार का कहना है हमें नहीं पता वो सुरक्षित हैं, घायल हैं या…?यह अनिश्चितता उनके लिए मानसिक उत्पीड़न बन चुकी है.

कोर्ट का हफ्ते में एक बार मिलने का आदेश भी बेअसर

अदालत ने परिवार को हफ्ते में एक बार मिलने की अनुमति दी थी, लेकिन जेल प्रशासन ने इसे भी रोक दिया. कासिम का कहना है कि पिछले छह हफ्तों में न कोई मुलाक़ात हुई, न कोई मेडिकल अपडेट मिला. इमरान के बेटे इसे “जानबूझकर बनाई गई दीवार” बताते हैं, जो परिवार को उनके पिता की स्थिति से दूर रखने के लिए खड़ी की गई है.

पूर्व पत्नी जेमा गोल्डस्मिथ का गुस्सा—“फोन तक नहीं करने दिया जा रहा”

इमरान की पूर्व पत्नी जेमा गोल्डस्मिथ ने भी सोशल मीडिया पर नाराज़गी जताते हुए लिखा कि परिवार को फोन कॉल तक की अनुमति नहीं दी जा रही. जेमा ने लिखा ये असहनीय है कि बच्चों को यह भी नहीं पता कि उनके पिता सेहतमंद हैं या नहीं. इमरान का आखिरी संदेश—“मेरी हर मुसीबत के पीछे एक ही आदमी है इमरान खान का अंतिम सोशल मीडिया पोस्ट 5 नवंबर को आया था. इसमें उन्होंने सेना प्रमुख आसिम मुनीर को सीधे तौर पर अपनी परेशानी का जिम्मेदार बताया था. उन्होंने लिखा था कि आसिम मुनीर इतिहास का सबसे निर्दयी तानाशाह है उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ चल रही कार्रवाइयाँ “मुनीर के आदेश” पर हो रही हैं और वे किसी भी सूरत में झुकने वाले नहीं.

कैसे पहुंचा मामला यहां तक?

इमरान खान को अगस्त 2023 में भ्रष्टाचार के मामलों में सजा हुई. लेकिन पीटीआई का आरोप था कि यह कार्रवाई राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित थी.इसके बाद सेना और इमरान के रिश्ते खुलकर टकराव में बदल गए. नवंबर में संविधान संशोधन से सेना प्रमुख की ताकत और बढ़ गई.इमरान के विरोध ने उन्हें सत्ता प्रतिष्ठान का सबसे बड़ा दुश्मन बना दिया अब 845 दिनों की कैद, 47 दिनों का ब्लैकआउट और अचानक बढ़ी खामोशी ने पूरे पाकिस्तान को असमंजस में डाल दिया है. क्या हो रहा है इमरान के साथ?—प्रश्न जिनका जवाब कोई नहीं दे रहा

क्या उनकी सेहत खराब है?

क्या उन्हें किसी गुप्त जगह ले जाया गया? क्या सरकारी चुप्पी किसी बड़ी समस्या की ओर संकेत है? इन सवालों का फिलहाल कोई जवाब नहीं. लेकिन एक बात साफ है. इमरान खान की चुप्पी अब पाकिस्तान की राजनीति का सबसे ख़तरनाक और अनसुलझा सवाल बन चुकी है.

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