Weather Update: देशभर में मानसून एक बार फिर पूरी ताकत के साथ सक्रिय हो गया है. लगातार बदलते मौसम ने कई राज्यों में जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है. कहीं सड़कों पर जलभराव है तो कहीं नदियां उफान पर हैं. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 7 अगस्त के लिए दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल और केरल समेत 15 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. कई इलाकों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और दक्षिणी गंगा के मैदानी क्षेत्रों पर बने चक्रवाती परिसंचरण ने बारिश की गतिविधियों को और तेज कर दिया है.
दिल्ली-एनसीआर में बदला मौसम का मिजाज
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर में शुक्रवार को मौसम पूरी तरह बदला हुआ नजर आएगा. बादलों की आवाजाही के बीच मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग के मुताबिक अधिकतम तापमान 33 से 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है. सुबह के समय आर्द्रता 95 प्रतिशत तक दर्ज की गई, जिससे उमस भी बनी रहेगी. IMD ने 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है.
उत्तर प्रदेश में अगले 24 घंटे बेहद अहम
उत्तर प्रदेश में मानसून का असर लगातार बढ़ता जा रहा है. प्रयागराज, फतेहपुर, मिर्जापुर, रायबरेली, कानपुर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, इटावा, आगरा, मेरठ, गाजियाबाद, वाराणसी और लखनऊ सहित कई जिलों में अगले 24 घंटों के दौरान भारी से अत्यंत भारी बारिश की संभावना जताई गई है. प्रशासन को सतर्क रहने और निचले इलाकों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं.
बिहार और झारखंड में तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने का खतरा
पूर्वी भारत में भी मौसम का मिजाज काफी उग्र बना हुआ है. बिहार के पटना, गया, भोजपुर और दरभंगा में भारी बारिश के साथ 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. वहीं झारखंड के रांची, जमशेदपुर और धनबाद में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से आंधी आने और मूसलाधार बारिश की संभावना है. इन इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने का भी खतरा बना हुआ है.
राजस्थान में चार दिन तक बारिश का दौर
राजस्थान में भी मानसून सक्रिय हो गया है. मौसम विभाग के अनुसार भरतपुर, जयपुर, कोटा, अजमेर, उदयपुर, जोधपुर और बीकानेर संभाग में 7 से 10 अगस्त के बीच मध्यम से अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है. कई जिलों में जलभराव और स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका जताई गई है.
उत्तराखंड और हिमाचल में भूस्खलन का खतरा
पर्वतीय राज्यों में लगातार हो रही बारिश चिंता का कारण बन गई है. हिमाचल प्रदेश के शिमला, कुल्लू, मनाली, कांगड़ा, मंडी और चंबा सहित कई पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. इससे भूस्खलन, चट्टानें गिरने और अचानक बाढ़ आने का खतरा बढ़ गया है. वहीं उत्तराखंड के देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, टिहरी, रुद्रप्रयाग और चमोली में अत्यधिक बारिश का पूर्वानुमान है. नैनीताल, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ में भी तेज बारिश के चलते कई मार्ग प्रभावित हो सकते हैं.
पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में बाढ़ जैसे हालात
दक्षिण बंगाल के पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर, कोलकाता, हावड़ा, बांकुड़ा और झाड़ग्राम समेत दार्जिलिंग तथा जलपाईगुड़ी में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. वहीं असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में लगातार हो रही बारिश के कारण कई नदियां खतरे के निशान के करीब बह रही हैं. निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बनने लगी है.
केरल के कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट
दक्षिण भारत में भी बारिश का असर जारी है. केरल के कासरगोड, कन्नूर, एर्नाकुलम, इडुक्की, कोट्टायम समेत सात जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है. समुद्र में ऊंची लहरें उठने की संभावना को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है.
मौसम विभाग की लोगों से अपील
भारतीय मौसम विभाग ने प्रभावित राज्यों के लोगों से सतर्क रहने की अपील की है. भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, जलभराव वाले क्षेत्रों में न जाने और बिजली गिरने की आशंका के समय खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी गई है. पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने और स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने के लिए कहा गया है. अगले कुछ दिनों तक मानसून की गतिविधियां तेज बनी रहने की संभावना है, इसलिए मौसम से जुड़े ताजा अपडेट पर नजर रखना बेहद जरूरी होगा.
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