नई दिल्ली: भारतीय वायुसेना की स्क्वाड्रन लीडर भावना कांत ने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है. बिहार की रहने वाली भावना कांत अब भारत की पहली महिला फाइटर पायलट बन गई हैं, जिन्होंने भारतीय वायुसेना के सबसे कठिन फाइटर प्रशिक्षण कार्यक्रम 'फाइटर कॉम्बैट लीडर (FCL)' को सफलतापूर्वक पूरा किया है. इस उपलब्धि के बाद उन्हें भारतीय वायुसेना की पहली महिला "टॉप गन" का सम्मान मिला है.
सबसे कठिन प्रशिक्षण किया पूरा
भावना कांत ने ग्वालियर स्थित टैक्टिक्स एंड एयर कॉम्बैट डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (TACDE) में होने वाला फाइटर कॉम्बैट लीडर कोर्स पूरा किया. यह भारतीय वायुसेना का सबसे कठिन और प्रतिष्ठित प्रशिक्षण माना जाता है. इस कोर्स के लिए केवल चुनिंदा और सबसे कुशल फाइटर पायलटों का ही चयन किया जाता है.
करीब 20 सप्ताह तक चलने वाले इस प्रशिक्षण में हवाई युद्ध, मिशन की योजना, लड़ाकू रणनीति और कठिन सैन्य अभियानों का अभ्यास कराया जाता है.
100 बेहतरीन पायलटों में से होता है चयन
इस कोर्स में शामिल होने का मौका हर किसी को नहीं मिलता. भारतीय वायुसेना के सबसे बेहतरीन फाइटर पायलटों में से चुनिंदा अधिकारियों को ही इसके लिए चुना जाता है. भावना कांत ने इस कठिन चुनौती को सफलतापूर्वक पूरा कर नया इतिहास रच दिया.
अब वह मिग और सुखोई-30 जैसे आधुनिक लड़ाकू विमानों के साथ उच्च स्तर के हवाई अभियानों का नेतृत्व करने और दूसरे पायलटों को प्रशिक्षण देने की जिम्मेदारी भी निभा सकेंगी.
2016 में बनी थीं पहली महिला फाइटर पायलट
भावना कांत ने वर्ष 2016 में अवनी चतुर्वेदी और मोहना सिंह के साथ भारतीय वायुसेना की पहली महिला फाइटर पायलटों के बैच में जगह बनाई थी. उसी समय से उन्होंने लगातार नई-नई उपलब्धियां हासिल कीं और कई रिकॉर्ड अपने नाम किए.
पहले भी बना चुकी हैं कई रिकॉर्ड
साल 2019 में भावना कांत मिग-21 पर दिन के समय लड़ाकू मिशन के लिए पूरी तरह योग्य बनने वाली पहली महिला फाइटर पायलट बनी थीं.
इसके बाद वर्ष 2021 में वह गणतंत्र दिवस परेड में फाइटर पायलट के रूप में हिस्सा लेने वाली पहली महिला बनीं.
अब उन्होंने फाइटर कॉम्बैट लीडर कोर्स पूरा कर एक और नया इतिहास रच दिया है.
हजारों बेटियों के लिए बनीं प्रेरणा
भावना कांत की सफलता केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह देशभर की उन लड़कियों के लिए भी प्रेरणा है जो बड़े सपने देखती हैं. उन्होंने दिखा दिया कि मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के दम पर कोई भी मंजिल हासिल की जा सकती है.
क्या होता है फाइटर कॉम्बैट लीडर कोर्स?
फाइटर कॉम्बैट लीडर (FCL) कोर्स भारतीय वायुसेना का सबसे प्रतिष्ठित प्रशिक्षण कार्यक्रमों में से एक है. यह करीब 20 सप्ताह तक चलता है. इसमें हवाई युद्ध की उन्नत तकनीक, मिशन की योजना, युद्ध रणनीति और नेतृत्व क्षमता विकसित की जाती है.
इस कोर्स को पूरा करने वाले पायलट केवल बेहतरीन लड़ाकू विमान उड़ाने तक सीमित नहीं रहते, बल्कि भविष्य के हवाई अभियानों का नेतृत्व करते हैं, नई रणनीतियां तैयार करते हैं और अन्य फाइटर पायलटों को भी प्रशिक्षण देते हैं.
ये भी पढ़ें- Rafale Deal: भारतीय वायुसेना को मिलेंगे 114 नए राफेल फाइटर जेट! फ्रांस ने दिया बड़ा ऑफर, कब होगी डील?