नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने खेल के पारंपरिक प्रारूपों में कुछ महत्वपूर्ण बदलावों की घोषणा की है. टेस्ट और वनडे क्रिकेट में यह बदलाव जून और जुलाई से क्रमशः लागू होंगे. इनमें से कुछ संशोधन लंबे समय से चली आ रही बहसों और खिलाड़ियों की फीडबैक के आधार पर किए गए हैं.
वनडे में एक बॉल का नियम फिर लौटा
अब तक वनडे मुकाबलों में दोनों सिरों से दो नई गेंदों का उपयोग किया जाता था, यह नियम अक्टूबर 2011 से प्रभावी था. लेकिन बल्लेबाजों को अत्यधिक लाभ मिलने और गेंद की चमक जल्दी खत्म होने की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए, ICC ने गेंदबाजी संतुलन बहाल करने के उद्देश्य से इसे आंशिक रूप से बदलने का फैसला किया है.
नए नियम के तहत:
इस बदलाव से गेंदबाजों को डेथ ओवर्स में अधिक स्विंग और रिवर्स स्विंग मिलने की संभावना बढ़ेगी, जिससे खेल का संतुलन बल्लेबाजों और गेंदबाजों के बीच सुधरने की उम्मीद है.
कन्कशन रिप्लेसमेंट में बदलाव
खिलाड़ियों की सिर की चोटों (कन्कशन) को लेकर बढ़ती सतर्कता को ध्यान में रखते हुए ICC ने रिकवरी और प्रतिस्थापन प्रक्रियाओं को अधिक व्यवस्थित किया है.
नई व्यवस्था के तहत:
यह कदम समीक्षा और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा सुधार माना जा रहा है.
दो अन्य नियमों पर अभी विचार जारी
ICC ने संकेत दिया है कि दो अन्य पहलुओं- बाउंड्री लाइन पर कैच से संबंधित प्रावधान, और DRS (डिसीजन रिव्यू सिस्टम) के प्रोटोकॉल पर भी नियमों में परिवर्तन प्रस्तावित हैं, जिनकी घोषणा अलग से की जाएगी.
नए नियम कब से होंगे लागू?
टेस्ट क्रिकेट: नए नियम वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 साइकिल से लागू होंगे. पहला टेस्ट मैच इस साइकिल का 17 जून से गॉल (श्रीलंका बनाम बांग्लादेश) में होगा.
वनडे इंटरनेशनल: नए नियमों का क्रियान्वयन 2 जुलाई 2025 से शुरू होगा, जब श्रीलंका और बांग्लादेश के बीच वनडे सीरीज का पहला मुकाबला खेला जाएगा.
टी-20 इंटरनेशनल: संशोधित नियम 10 जुलाई 2025 से प्रभाव में आएंगे.
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