बगावत की आग में धधक रहा ईरान! अब तक 2,677 लोगों की गई जान, जानें 19 दिन के प्रदर्शन से कितना हुआ नुकसान

Iran Protests: ईरान में पिछले 19 दिनों से चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बाद अब स्थिति शांत होती दिख रही है. ईरान के पुलिस प्रमुख ने बताया कि देश भर में हालात सामान्य हो गए हैं, हालांकि मानवाधिकार संगठन HRANA के अनुसार इन प्रदर्शनों में अब तक 2,677 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें अधिकांश प्रदर्शनकारी और कुछ सरकारी कर्मचारी शामिल हैं.

How much damage did Iran suffer from the 19 day protests
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Iran Protests: ईरान में पिछले 19 दिनों से चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बाद अब स्थिति शांत होती दिख रही है. ईरान के पुलिस प्रमुख ने बताया कि देश भर में हालात सामान्य हो गए हैं, हालांकि मानवाधिकार संगठन HRANA के अनुसार इन प्रदर्शनों में अब तक 2,677 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें अधिकांश प्रदर्शनकारी और कुछ सरकारी कर्मचारी शामिल हैं. हालांकि, इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है. इस बीच, विरोध प्रदर्शन के कारण देश भर में व्यापक नुकसान हुआ है, जिसमें धार्मिक, शैक्षिक और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान हुआ है.

विरोध प्रदर्शनों से हुए नुकसान का विवरण

प्रदर्शन के दौरान 30 प्रांतों में 250 से ज्यादा मस्जिदों और 20 धार्मिक केंद्रों को नुकसान पहुँचा. केवल तेहरान में ही सैकड़ों गाड़ियाँ आग के हवाले कर दी गईं, और 364 बड़ी दुकानों के अलावा 419 छोटी दुकानों को भी क्षति पहुँचाई गई. साथ ही, 182 एम्बुलेंस और फायर डिपार्टमेंट के उपकरणों को मिलाकर कुल 5.3 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है. बैंकों का भी बुरा हाल है, जहां 317 शाखाएं पूरी तरह से नष्ट हो चुकी हैं, और 4,700 बैंकों को 10% से लेकर 90% तक नुकसान हुआ है. इसके अलावा, 1,400 एटीएम को भी नुकसान हुआ है, जिनमें से 250 एटीएम पूरी तरह से बंद हो गए हैं.

शैक्षिक और सांस्कृतिक धरोहर पर प्रभाव

विरोध प्रदर्शनों का असर ईरान की शैक्षिक और सांस्कृतिक धरोहर पर भी पड़ा है. 265 स्कूल और शिक्षा केंद्र, 3 बड़ी लाइब्रेरी, 8 सांस्कृतिक और पर्यटन स्थल, और 4 सिनेमाघर क्षतिग्रस्त हुए हैं. इन क्षतियों ने न केवल शिक्षा प्रणाली को प्रभावित किया है, बल्कि देश की सांस्कृतिक धरोहर को भी गंभीर नुकसान पहुँचाया है.

सरकार की कड़ी कार्रवाई

ईरान में सुरक्षा बलों की सख्त कार्रवाई के बाद अब प्रदर्शन थमते हुए दिख रहे हैं. मानवाधिकार संगठनों और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से स्थिति काबू में आ गई है. ईरानी सरकारी मीडिया ने शुक्रवार को कई और लोगों की गिरफ्तारी की खबर दी, जो यह दर्शाता है कि सरकार प्रदर्शनों पर पूरी तरह से नियंत्रण रखना चाहती है.

अमेरिका का खतरा और सऊदी अरब की मध्यस्थता

अमेरिका ने ईरान में हिंसा के बढ़ने पर चेतावनी दी थी, और डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अगर हत्याएं जारी रही, तो अमेरिका कार्रवाई कर सकता है. हालांकि, बुधवार को ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान में हिंसा अब कम हो रही है, जिससे अमेरिकी हमले की संभावना घट गई. सऊदी अरब और कतर ने भी अमेरिका से बात की थी, ताकि किसी भी संभावित हमले को रोका जा सके.

ईरान में मौत की सजा पर स्थगन

व्हाइट हाउस ने गुरुवार को एक बयान जारी करते हुए कहा कि ट्रंप और उनकी टीम ने ईरान में 800 लोगों की मौत की सजा रोकने का काम किया है. अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ट्रंप के पास सभी विकल्प थे, लेकिन उन्होंने अत्यधिक खून-खराबा होने से बचने के लिए यह कदम उठाया.

पुतिन का ईरान और इजराइल पर बयान

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बातचीत की और मिडल ईस्ट की स्थिति पर चर्चा की. पुतिन ने ईरान मुद्दे पर मध्यस्थता की पेशकश की है, और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजेशकियान से भी अलग बातचीत की. ईरानी मीडिया के अनुसार, पजेशकियान ने पुतिन से कहा कि ईरान में चल रही अशांति के पीछे अमेरिका और इजराइल का हाथ है.

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