होर्मुज स्ट्रेट से भारत आ रहे LPG के 6 टैंकर, सरकार ने कहा- नहीं होगी पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की कमी

देशभर में एलपीजी सिलेंडरों की किल्लत की खबरों के बीच सरकार ने रविवार को स्थिति पर संतोष जताया.

Hormuz Strait 6 LPG tankers coming to India no shortage of oil and gas
प्रतिकात्मक तस्वीर/ AI

LPG: देशभर में एलपीजी सिलेंडरों की किल्लत की खबरों के बीच सरकार ने रविवार को स्थिति पर संतोष जताया. अधिकारियों के अनुसार पैनिक बुकिंग में गिरावट आई है. रोजाना बुकिंग पहले 88.8 लाख सिलेंडरों से घटकर अब करीब 77 लाख हो गई है. सरकार ने साफ कहा है कि देश में पेट्रोल, डीजल या रसोई गैस की कोई तंगी नहीं है.

सरकार ने बताया कि बिहार, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान सहित कई राज्यों में नॉन-डोमेस्टिक एलपीजी के लिए सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार आवंटन किया जा रहा है. अब कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में उपलब्ध हैं.

एलपीजी सप्लाई पर नजर

सरकार ने कहा कि वर्तमान भू-राजनीतिक परिस्थितियों के मद्देनजर एलपीजी सप्लाई पर निगरानी रखी जा रही है. किसी भी एलपीजी वितरक के पास सिलेंडर खत्म होने की सूचना नहीं है. एलपीजी बुकिंग में गिरावट दिख रही है, और जहां संभव हो, सरकार ने उपभोक्ताओं को पीएनजी कनेक्शन लेने की सलाह दी है.

साथ ही, सरकार ने बुकिंग के लिए एसएमएस, व्हाट्सऐप, IVRS या तेल कंपनियों के ऐप्स का इस्तेमाल करने की सलाह दी. ऑनलाइन बुकिंग की दर 84% से बढ़कर 87% हो गई है.

6 टैंकर और आ रहे

इस समय 6 एलपीजी टैंकर और एक LNG टैंकर होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिमी हिस्से में हैं. शनिवार को एलपीजी के दो टैंकर स्ट्रेट पार कर भारत की ओर बढ़े थे. इनमें से एक सोमवार को मुंद्रा पोर्ट और दूसरा मंगलवार को कांडला बंदरगाह पहुंचेगा. हर टैंकर में लगभग 46,000 टन एलपीजी है.

युद्ध के बीच आपूर्ति में सफलता

ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच जारी तनाव के कारण पिछले 15 दिनों से हॉर्मुज जलडमरूमध्य बंद था. इसके बावजूद भारत के दो महत्वपूर्ण एलपीजी जहाज ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ सुरक्षित बाहर निकल आए हैं. ये जहाज सोमवार और मंगलवार तक भारतीय बंदरगाहों पर पहुँचेंगे और कुल 92,700 टन एलपीजी ले आएंगे.

इससे लगभग 68 लाख सिलेंडर भरे जा सकते हैं, जबकि देश में दैनिक औसत मांग 55 लाख सिलेंडरों की है.

भारत अपनी एलपीजी की जरूरत का लगभग 60% आयात करता है, जिसमें से 85–90% खाड़ी देशों से हॉर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते आता है. इस मार्ग का खुलना भारत की अर्थव्यवस्था और घरेलू रसोई गैस की आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है.

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