बारिश और भूस्खलन से नेपाल में भारी तबाही, 40 लोगों की मौत, कोशी बैराज के खोले गए सभी गेट

Nepal Heavy Rains Landslide: नेपाल में पिछले कुछ दिनों से हो रही भारी बारिश और उसके चलते आए भूस्खलन ने देश के विभिन्न हिस्सों में भयावह तबाही मचा दी है. नेपाल के सशस्त्र पुलिस बल (APF) ने रविवार को इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 40 से अधिक लोगों के मौत की पुष्टि की है.

Heavy devastation in Nepal due to rain landslide 40 people died gates of Kosi Barrage opened
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Nepal Heavy Rains Landslide: नेपाल में पिछले कुछ दिनों से हो रही भारी बारिश और उसके चलते आए भूस्खलन ने देश के विभिन्न हिस्सों में भयावह तबाही मचा दी है. नेपाल के सशस्त्र पुलिस बल (APF) ने रविवार को इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 40 से अधिक लोगों के मौत की पुष्टि की है. बाढ़, भूस्खलन, बिजली गिरने और सड़क हादसों की वजह से अनेक लोग घायल भी हुए हैं, और कई लोग लापता बताए जा रहे हैं.

नेपाल के सुरक्षाबलों के मुताबिक, इस आपदा से सबसे ज्यादा नुकसान इलाम जिले में हुआ है. सिर्फ इलाम में ही बाढ़ और भूस्खलन के कारण 28 लोगों की जान गई है. APF के प्रवक्ता शैलेंद्र थापा ने बताया कि इलाम के कई नगरपालिका और ग्रामीण क्षेत्रों में भारी नुकसान हुआ है.

इन जिलों में मौतों का आंकड़ा सबसे ज्यादा

इलाम जिले के सूर्योदय नगर पालिका में पांच, इलाम नगर पालिका में छह, देउमाई नगर पालिका में दो, फाकफोकथुम ग्रामीण नगर पालिका में एक, मंगसेबुंग ग्रामीण नगर पालिका में तीन, मैजोगमाई ग्रामीण नगर पालिका में आठ और संदकपुर ग्रामीण नगर पालिका में तीन लोगों की मौत हुई है.

इनके अलावा, अन्य जिलों जैसे उदयपुर में दो, रौतहट में तीन, रसुवा में चार और काठमांडू में एक व्यक्ति की मौत दर्ज की गई है. इन आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि भारी बारिश और उससे पैदा हुई आपदाओं का असर नेपाल के कई अलग-अलग क्षेत्रों में व्यापक रूप से फैला हुआ है.

चोटिलों और लापता लोगों की संख्या

इस आपदा के दौरान घायल लोगों की संख्या 13 बताई गई है. ये लोग बाढ़, भूस्खलन, बिजली गिरने और सड़क हादसों में घायल हुए हैं. इसके साथ ही बारिश से जुड़ी आपदाओं में 11 लोग लापता हैं, जिनकी खोज-बीन जारी है. नेपाल के कई इलाकों में राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी हैं, लेकिन मौसमी हालात ने बचाव कार्यों में कई बार बाधाएं उत्पन्न की हैं.

बिजली गिरने और सड़क हादसों ने भी बढ़ाई मुश्किलें

नेपाल के पूर्वी और मध्य भाग में भारी बारिश के कारण बिजली गिरने की घटनाएं भी बढ़ गई हैं. खासकर खोतांग, भोजपुर, रौतहट और मकवानपुर जिलों में बिजली गिरने से आठ लोग घायल हुए हैं. इसके अलावा पंचथर जिले में एक गंभीर सड़क दुर्घटना भी हुई है, जिसमें छह लोगों की मौत हो गई और छह अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं. इन दुर्घटनाओं ने नेपाल के आपदा प्रबंधन अधिकारियों की चिंताएं और बढ़ा दी हैं.

मौसम की तबाही पूर्वानुमान और रेड जोन अलर्ट

नेपाल में शुक्रवार रात से शुरू हुई बारिश की तीव्रता अब देश के पूर्वी हिस्से की ओर बढ़ गई है. मौसम विभाग ने इसे रेड जोन घोषित कर दिया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि पूर्वी नेपाल में भारी बारिश और भूस्खलन की आशंका बनी हुई है. यह चेतावनी स्थानीय प्रशासन को समय रहते कार्रवाई करने और जनता को सतर्क रहने के लिए प्रेरित कर रही है.

कोशी नदी में जलस्तर में जबरदस्त बढ़ोतरी, भारत में कोशी बैराज के सभी गेट खोलने का निर्णय

नेपाल में भारी बारिश का सबसे बड़ा असर कोशी नदी पर भी देखा जा रहा है. नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि होने के कारण, भारत के बिहार राज्य में स्थित कोशी बैराज के सभी 56 गेट खोल दिए गए हैं. सुनसारी के अधिकारी धर्मेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि नदी का प्रवाह 3,30,060 घन फीट प्रति सेकंड तक पहुंचने पर पहले 50 गेट खोले गए थे. जब जलस्तर और बढ़कर 335,360 घन फीट प्रति सेकंड पर पहुंचा तो बैराज की सुरक्षा के लिए 56 गेट पूरी तरह खोल दिए गए.

यह निर्णय कोशी नदी के आसपास के इलाकों में बाढ़ की संभावनाओं को देखते हुए लिया गया है. इससे बिहार के कुछ निचले इलाकों में भी बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है, जिसके मद्देनजर भारतीय प्रशासन ने भी सतर्कता बढ़ा दी है.

नेपाल सरकार की राहत कार्यों में तेजी, जनता को सतर्क रहने की अपील

नेपाल सरकार ने इस आपदा के मद्देनजर सभी संबंधित विभागों को पूरी सतर्कता बरतने और राहत कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने का निर्देश दिया है. अधिकारियों ने नदी के जलस्तर की निरंतर निगरानी के साथ ही प्रभावित इलाकों में तत्काल मदद पहुंचाने की कोशिशें तेज कर दी हैं.

कोशी बैराज पर लाल चेतावनी लाइट जलाने के साथ ही लाल झंडे भी लगा दिए गए हैं, जो बाढ़ के उच्च जोखिम का संकेतक हैं. सुनसारी और उदयपुर के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष रूप से सतर्क रहने और प्रशासन की सलाह मानने के लिए कहा गया है.

सरकार ने निवासियों से आग्रह किया है कि वे बाढ़ संभावित क्षेत्रों से तुरंत सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं और प्रशासन द्वारा दी जा रही जानकारी का पालन करें. साथ ही, बाढ़ से बचाव के लिए आपातकालीन सेवाओं को तत्पर रहने का निर्देश भी दिया गया है.

संभावित प्रभाव और आगे की चुनौतियां

नेपाल में इस भारी बारिश और भूस्खलन की वजह से पैदा हुई तबाही के कारण हजारों लोग प्रभावित हुए हैं. मकान, सड़कें और पुल टूटने से आवागमन प्रभावित हुआ है और कई इलाकों में संचार सुविधाएं भी बाधित हैं. राहत और बचाव कार्यों के लिए प्रशासनिक व्यवस्था को लगातार चुनौती मिल रही है.

इसके अलावा, कोशी बैराज से पानी की रिहाई के कारण भारतीय सीमा के नजदीक रहने वाले लोगों के लिए भी खतरा बढ़ गया है. दोनों देशों के अधिकारियों के बीच समन्वय जरूरी हो गया है ताकि बाढ़ के संभावित प्रभावों को कम किया जा सके. मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी भारी बारिश के जारी रहने का अनुमान जताया है, जिससे नेपाल के प्रभावित इलाकों में स्थितिजनक हालात और खराब होने का खतरा बना हुआ है.

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