Heatwave: यूरोप में हीटवेव ने तोड़ा रिकॉर्ड, ब्रिटेन में 2700 मौतें! सता रहा सऊदी जैसी गर्मी का डर?

कभी यूरोप के कई देशों में एयर कंडीशनर को गैरजरूरी खर्च माना जाता था. खासकर ब्रिटेन और उत्तरी यूरोप जैसे ठंडे इलाकों में लोगों को इसकी जरूरत कम ही महसूस होती थी. लेकिन अब हालात तेजी से बदल रहे हैं.

Heatwave breaks records in Europe deaths in the UK looming fear of Saudi-like heat
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Heatwave: कभी यूरोप के कई देशों में एयर कंडीशनर को गैरजरूरी खर्च माना जाता था. खासकर ब्रिटेन और उत्तरी यूरोप जैसे ठंडे इलाकों में लोगों को इसकी जरूरत कम ही महसूस होती थी. लेकिन अब हालात तेजी से बदल रहे हैं.

बढ़ते तापमान और लगातार आ रही हीटवेव ने यूरोप को अपनी तैयारी बदलने पर मजबूर कर दिया है. अब एयर कंडीशनर सिर्फ आराम की चीज नहीं, बल्कि गर्मी से बचने का जरूरी साधन बनता जा रहा है.

ब्रिटेन में इस साल मई और जून की भीषण गर्मी के दौरान करीब 2700 लोगों की मौत का अनुमान लगाया गया है. विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में गर्मी की चुनौती और बढ़ सकती है.

दो हीटवेव में गई हजारों लोगों की जान

इम्पीरियल कॉलेज लंदन, ब्रिटेन के मौसम विभाग और लंदन स्कूल ऑफ हाइजीन एंड ट्रॉपिकल मेडिसिन के शोधकर्ताओं ने एक अध्ययन में मौतों का अनुमान लगाया है.

रिपोर्ट के अनुसार, मई में आई हीटवेव के दौरान करीब 550 लोगों की मौत हुई, जबकि जून के आखिर में आई दूसरी और ज्यादा तेज गर्मी की लहर में लगभग 2200 लोगों की जान गई.

इस तरह मई और जून में कुल मिलाकर करीब 2700 मौतों का अनुमान लगाया गया है.

इस दौरान ब्रिटेन में तापमान ने कई रिकॉर्ड तोड़े. मई में तापमान 35.1 डिग्री सेल्सियस और जून में 37.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था.

यूरोप 55 डिग्री तापमान के लिए कर रहा तैयारी

लगातार बढ़ती गर्मी को देखते हुए यूरोपीय देश अब अपने ढांचे को बदलने की तैयारी कर रहे हैं.

इसका बड़ा उदाहरण यूरोप की हाई स्पीड रेल कंपनी यूरोस्टार है, जो लंदन, पेरिस और ब्रसेल्स को जोड़ती है. कंपनी अपनी नई ट्रेनों को पहले से ज्यादा गर्मी सहने लायक बना रही है.

पहले इन ट्रेनों को 45 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान के लिए तैयार किया जाना था, लेकिन अब इन्हें 55 डिग्री सेल्सियस तक काम करने के हिसाब से डिजाइन किया जा रहा है.

कंपनी का कहना है कि आने वाले समय में यूरोप में तापमान काफी बढ़ सकता है, इसलिए भविष्य की जरूरतों को देखते हुए अभी से तैयारी करनी होगी.

नई ट्रेनों में ऐसे एयर कंडीशनिंग सिस्टम लगाए जाएंगे, जो 55 डिग्री तक के तापमान में भी काम कर सकेंगी. इन ट्रेनों के 2031 से सेवा में आने की उम्मीद है और ये आने वाले कई दशकों तक चलेंगी.

ब्रिटेन के लिए 2050 की बड़ी चेतावनी

ब्रिटेन की क्लाइमेट चेंज कमेटी पहले ही चेतावनी दे चुकी है कि देश बढ़ती गर्मी से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार नहीं है.

समिति के अनुसार, 2050 तक ब्रिटेन के करीब 92 फीसदी घर जरूरत से ज्यादा गर्म हो सकते हैं.

रिपोर्ट में सरकार को सलाह दी गई है कि दफ्तरों में अधिकतम तापमान की सीमा तय की जाए और अस्पतालों, स्कूलों समेत सार्वजनिक इमारतों में ठंडक की बेहतर व्यवस्था की जाए.

यूरोप में बदल रही गर्मी की तस्वीर

जिस यूरोप को कभी ठंडे मौसम के लिए जाना जाता था, वहां अब भीषण गर्मी बड़ी चुनौती बन रही है. विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में गर्मी की लहरें ज्यादा तेज और ज्यादा लंबे समय तक रह सकती हैं.

यही वजह है कि यूरोप अब ऐसी गर्मी के लिए तैयारी कर रहा है, जो पहले सिर्फ रेगिस्तानी देशों में देखने को मिलती थी.

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