भारत में मिला कोरोना का नया RF.5 वैरिएंट, जानिए कितना खतरनाक है और क्या हैं इसके लक्षण

Corona RF.5 Variant: करीब दो साल तक शांत रहने के बाद भारत में एक बार फिर कोरोना संक्रमण को लेकर चिंता बढ़ने लगी है. देश के कुछ राज्यों में नए मामले सामने आ रहे हैं. इसी बीच आंध्र प्रदेश में कोरोना के नए RF.5 वैरिएंट की पुष्टि हुई है, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है.

Health RF.5 variant coronavirus detected in India dangerous it is and what its symptoms
प्रतिकात्मक तस्वीर/ AI

Corona RF.5 Variant: करीब दो साल तक शांत रहने के बाद भारत में एक बार फिर कोरोना संक्रमण को लेकर चिंता बढ़ने लगी है. देश के कुछ राज्यों में नए मामले सामने आ रहे हैं. इसी बीच आंध्र प्रदेश में कोरोना के नए RF.5 वैरिएंट की पुष्टि हुई है, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है. हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्क रहना जरूरी है.

आंध्र प्रदेश में मिला RF.5 वैरिएंट

आंध्र प्रदेश में अब तक कोरोना के 16 मामले सामने आ चुके हैं. इनमें से चार संक्रमित मरीजों के सैंपल जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए पुणे की लैब भेजे गए थे. जांच में इन चारों सैंपल में ओमिक्रॉन के RF.5 सब-वैरिएंट की पुष्टि हुई है. यह वैरिएंट कडप्पा जिले के मरीजों में पाया गया है.

क्या RF.5 ज्यादा खतरनाक है?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, अभी तक ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है कि RF.5 पहले के ओमिक्रॉन वैरिएंट की तुलना में ज्यादा गंभीर बीमारी फैलाता है. फिलहाल यह भी सामने नहीं आया है कि इस वैरिएंट से अस्पताल में भर्ती होने या मौत का खतरा पहले से ज्यादा है. इसलिए लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है.

पहले भी दूसरे देशों में मिल चुका है

RF.5 कोई बिल्कुल नया वैरिएंट नहीं है. यह पहले सिंगापुर और दक्षिण-पूर्व एशिया के कुछ देशों में भी पाया जा चुका है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) भी इस वैरिएंट पर नजर बनाए हुए है. अब तक की जानकारी के अनुसार इसका व्यवहार दूसरे ओमिक्रॉन वैरिएंट जैसा ही माना जा रहा है.

कैसे बना RF.5 वैरिएंट?

विशेषज्ञों के अनुसार RF.5 किसी दो वैरिएंट के मिलकर बनने वाला नया वायरस नहीं है. यह वायरस समय के साथ प्राकृतिक रूप से विकसित हुआ है. वैज्ञानिकों का कहना है कि यह JN.1 वैरिएंट से आगे विकसित होकर RF.5 बना है.

क्या हैं इसके लक्षण?

RF.5 के लक्षण भी दूसरे ओमिक्रॉन वैरिएंट की तरह ही हैं.

  • गले में खराश
  • खांसी
  • बुखार
  • सिरदर्द
  • शरीर में दर्द
  • थकान

स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि फिलहाल राज्य में कोरोना के मामले बहुत ज्यादा नहीं हैं, लेकिन पूरी तैयारी रखी जा रही है. जरूरत पड़ने पर अस्पतालों में विशेष कोविड वार्ड तैयार किए जाएंगे. साथ ही जांच किट और दूसरी जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि संक्रमित मरीजों की समय पर पहचान हो सके.

घबराएं नहीं, लेकिन सावधानी रखें

साफ-सफाई का ध्यान रखें, जरूरत पड़ने पर मास्क पहनें और बीमार होने पर दूसरों से दूरी बनाए रखें. यही सावधानी संक्रमण को फैलने से रोकने में सबसे ज्यादा मददगार साबित हो सकती है.

अस्वीकरण: इसमें दी गई जानकारी केवल जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से है. लेख में शामिल तथ्यों को प्रकाशित करने से पहले सावधानीपूर्वक जांचा गया है, लेकिन इसे किसी भी प्रकार की चिकित्सीय सलाह या इलाज का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए. किसी भी बीमारी, दवा या स्वास्थ्य संबंधी निर्णय लेने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें.

ये भी पढ़ें- 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स का ऐलान; कार्तिक आर्यन, ममूटी और यामी गौतम ने मारी बाजी, देखें पूरी लिस्ट