हरियाणा के 6 लाख कर्मचारियों और पेंशनर्स को बड़ा तोहफा, सैनी सरकार ने 3 फीसदी बढ़ाया महंगाई भत्ता

हरियाणा सरकार ने राज्य के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को दिवाली से पहले बड़ी राहत दी है. सरकार ने महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी की घोषणा की है.

Haryana government increased 3 percent dearness allowance of employees and pensioners
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चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने राज्य के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को दिवाली से पहले बड़ी राहत दी है. सरकार ने महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी की घोषणा की है. अब यह दर 55% से बढ़कर 58% हो गई है. बढ़ा हुआ भत्ता 1 जुलाई 2025 से लागू होगा, जबकि नवंबर महीने की सैलरी और पेंशन में इसका लाभ देखने को मिलेगा. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, हरियाणा में लगभग 3 लाख नियमित कर्मचारी और 3 लाख पेंशनभोगी हैं. यानी कुल करीब 6 लाख लोगों को इस फैसले का सीधा लाभ मिलेगा. वित्त विभाग ने शुक्रवार को इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं.

जुलाई से सितंबर तक का बकाया भी मिलेगा

सरकार ने साफ किया है कि कर्मचारियों और पेंशनरों को केवल अक्टूबर माह से बढ़ा हुआ डीए नहीं मिलेगा, बल्कि जुलाई से सितंबर 2025 तक का बकाया भी दिया जाएगा. यह पूरा भुगतान अक्टूबर की सैलरी और पेंशन के साथ किया जाएगा. आदेश के अनुसार, डीए की गणना में अगर किसी कर्मचारी का बढ़ा हुआ भत्ता 50 पैसे या उससे अधिक बैठता है, तो उसे पूरा एक रुपया दिया जाएगा. वहीं अगर राशि 50 पैसे से कम है, तो उसे अनदेखा किया जाएगा.

इस बार 1% ज्यादा बढ़ोतरी

अप्रैल 2025 में सरकार ने डीए को 53% से बढ़ाकर 55% किया था, यानी 2% की वृद्धि की थी. लेकिन इस बार बढ़ोतरी 3 प्रतिशत की गई है यानी पिछली बार से 1% ज्यादा.

सैलरी पर कितना पड़ेगा असर

महंगाई भत्ता सीधे तौर पर कर्मचारियों की बेसिक सैलरी से जुड़ा होता है. अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी ₹20,000 है, तो पहले 55% डीए के हिसाब से उसे ₹11,000 मिलते थे. अब 58% डीए के साथ यह राशि ₹11,600 हो जाएगी. यानी ₹600 प्रति माह की बढ़ोतरी होगी.

डीए और डीआर में फर्क क्या है?

अक्सर लोग डीए (Dearness Allowance) और डीआर (Dearness Relief) को एक जैसा मान लेते हैं, लेकिन दोनों में फर्क है. डीए कर्मचारियों को दिया जाता है ताकि महंगाई के असर से उनकी आय पर बोझ कम हो सके. डीआर पेंशनभोगियों को उसी उद्देश्य से दिया जाता है ताकि उनकी पेंशन की वास्तविक क्रय-शक्ति बनी रहे.

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