हरियाणा के किसानों को दिवाली का तोहफा, सैनी सरकार ने बढ़ाया गन्ने का दाम, जानें कितना हुआ इजाफा

हरियाणा के किसानों के लिए इस दिवाली कुछ खास है. खेतों में पसीना बहाने वाले गन्ना किसानों को प्रदेश सरकार ने मिठास से भरा तोहफा दिया है. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गन्ने की कीमतों में बढ़ोतरी की घोषणा कर दी है.

Haryana government increased Sugarcane rate on Diwali 2025
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चंडीगढ़: हरियाणा के किसानों के लिए इस दिवाली कुछ खास है. खेतों में पसीना बहाने वाले गन्ना किसानों को प्रदेश सरकार ने मिठास से भरा तोहफा दिया है. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गन्ने की कीमतों में बढ़ोतरी की घोषणा कर दी है, जो किसानों के लिए राहत और खुशखबरी दोनों लेकर आई है. यह निर्णय न केवल राज्य के किसानों को आर्थिक संबल देगा, बल्कि यह भी दर्शाता है कि सरकार उनकी मेहनत का उचित सम्मान करना चाहती है.

अगेती और पछेती किस्मों के दामों में बढ़ोतरी

नई दरों के मुताबिक, अब अगेती किस्म का गन्ना 415 रुपये प्रति क्विंटल में खरीदा जाएगा, जो पहले 400 रुपये था. वहीं, पछेती किस्म का मूल्य 393 रुपये से बढ़कर 408 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है. यह बढ़ोतरी सीधे तौर पर किसानों की आमदनी को प्रभावित करेगी और उन्हें बाजार में बेहतर सौदे हासिल करने में मदद करेगी. सबसे अहम बात ये है कि यह दरें पूरे देश में सबसे ऊंची मानी जा रही हैं.

राज्य सरकार का किसानों को आश्वासन

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट किया है कि सरकार का लक्ष्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य और समय पर भुगतान सुनिश्चित करना है. उन्होंने कहा कि किसानों की मेहनत का फल उन्हें पूरे सम्मान के साथ मिलना चाहिए और सरकार इसके लिए हर संभव प्रयास कर रही है.

उत्पादन और तकनीक को लेकर भी तैयारियां तेज़

गन्ना उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार नई किस्मों की बुआई और आधुनिक मशीनों के इस्तेमाल पर भी ज़ोर दे रही है. इससे न केवल उत्पादन में बढ़ोतरी होगी बल्कि किसानों की लागत भी कम होगी. सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने भी गन्ना पेराई के दौरान चीनी उत्पादन को अधिकतम करने का लक्ष्य सामने रखा है और सभी मिलों को इसके लिए तैयारी करने को कहा है.

देशभर से आगे निकला हरियाणा

गौर करने वाली बात यह है कि केंद्र सरकार ने 2025-26 सीजन के लिए एफआरपी (उचित और लाभकारी मूल्य) 355 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है, जबकि हरियाणा में किसानों को इससे कहीं अधिक दाम मिलेंगे. यह अंतर दर्शाता है कि हरियाणा सरकार अपने किसानों के हितों को लेकर कितनी गंभीर है.

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