5 हजार जुर्माना और FIR... हरियाणा में पराली जलाने वालों की खैर नहीं, पकड़े जाने पर होगी सख्त कार्रवाई

फरीदाबाद में 149 टीमों सहित पूरे हरियाणा में कुल 592 टीमें किसानों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखेंगी. लगभग 3,000 किसानों पर निगरानी रखी जाएगी, ताकि कोई भी किसान पराली जलाने में शामिल न हो सके.

Haryana government cracks down on stubble burning
Image Source: Internet

हरियाणा सरकार ने राज्य में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए कड़े कदम उठाना शुरू कर दिया है. खासतौर पर पराली जलाने को लेकर अब कोई समझौता नहीं किया जाएगा. फरीदाबाद जिले सहित पूरे प्रदेश में सैंकड़ों टीमों का गठन किया गया है जो किसानों की गतिविधियों पर नजर रखेंगी और प्रदूषण नियंत्रण के नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करेंगी.

पराली जलाने पर पैनी नजर

फरीदाबाद में 149 टीमों सहित पूरे हरियाणा में कुल 592 टीमें किसानों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखेंगी. लगभग 3,000 किसानों पर निगरानी रखी जाएगी, ताकि कोई भी किसान पराली जलाने में शामिल न हो सके. यदि किसी को नियमों का उल्लंघन करते पाया गया तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी. इसके अलावा, ये टीमें फसलों की कटाई और पराली के अवशेषों की रिपोर्ट भी तैयार करेंगी, जो सीधे जिला उपायुक्त और उच्च अधिकारियों तक भेजी जाएगी.

कंस्ट्रक्शन साइटों पर भी सख्त नियंत्रण

पराली जलाने के साथ ही हरियाणा सरकार ने निर्माण स्थलों से उत्पन्न प्रदूषण पर भी कड़ी नजर रखने का फैसला लिया है. अब केवल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मान्यता प्राप्त कंस्ट्रक्शन साइटें ही काम कर सकेंगी. सभी साइट मालिकों के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से एनओसी लेना जरूरी होगा. पुरानी साइटों को भी नए मानकों के अनुसार सुधार करना होगा. एनओसी जारी करने में एफएमडीए, नगर निगम और एचएसवीपी जैसी संस्थाएं भी सहयोग करेंगी, ताकि ग्रैप के नियम प्रभावी ढंग से लागू हो सकें.

पराली जलाने पर भारी जुर्माना और पाबंदी

पलवल के डिप्टी कमिश्नर डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने साफ कहा है कि पराली जलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी. उल्लंघन करने वाले किसानों पर ₹5,000 से ₹30,000 तक का जुर्माना लगाया जाएगा और एफआईआर दर्ज की जाएगी. साथ ही, भविष्य में दो साल तक वे किसान एमएसपी पर अपनी फसल नहीं बेच पाएंगे, जो एक बड़ा आर्थिक नुकसान होगा.

हेल्पलाइन के जरिए पराली जलाने की सूचना दें

सरकार ने किसानों और आम जनता के लिए एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है — 01275-254060 — जिस पर पराली जलाने की सूचना दी जा सकती है. सरकार का मकसद केवल सजा देना नहीं, बल्कि किसानों को पराली से लाभ कमाने के वैकल्पिक रास्ते भी उपलब्ध कराना है. इससे प्रदूषण कम होगा और किसानों की आमदनी भी बढ़ेगी.

ये भी पढ़ें: मेक‑इन‑इंडिया जंगी ड्रोन देख पाकिस्तान का हाल बेहाल, सेना की पश्चिमी कमान ने आसमान में दिखाई अपनी ताकत