'इजरायल ने सीजफायर का तोड़ दिया, अब बंधकों का बलिदान...', गाजा पर एयरस्ट्राइक के बाद हमास ने दी धमकी

गाजा पट्टी में हालात एक बार फिर बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं, क्योंकि इजरायल ने युद्धविराम समाप्त कर भीषण हवाई हमले शुरू कर दिए हैं. हमास के अनुसार, इन हमलों में अब तक 200 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है.

Hamas threatens after airstrike on Gaza said Israel broke the ceasefire now sacrifice the hostages
प्रतीकात्मक तस्वीर/Photo- FreePik

तेल अवीव: गाजा पट्टी में हालात एक बार फिर बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं, क्योंकि इजरायल ने युद्धविराम समाप्त कर भीषण हवाई हमले शुरू कर दिए हैं. हमास के अनुसार, इन हमलों में अब तक 200 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. इस स्थिति के बाद हमास ने इजरायल पर संघर्ष को दोबारा भड़काने और बंधकों की सुरक्षा को खतरे में डालने का आरोप लगाया है.

युद्धविराम का अंत और बढ़ता टकराव

इजरायल और हमास के बीच जनवरी में हुए युद्धविराम समझौते के बावजूद हालात स्थिर नहीं रह सके. इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि वार्ता में कोई विशेष प्रगति न होने के कारण इजरायल को सैन्य कार्रवाई तेज करनी पड़ी. इजरायल के अधिकारियों के अनुसार, हमास के मुख्यालय, सुरंगों और ठिकानों पर हवाई हमले किए गए हैं.

वहीं, गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि हमलों में 200 से अधिक लोगों की जान चली गई और कई सौ लोग घायल हुए हैं. इससे 17 महीने से जारी संघर्ष के और अधिक गंभीर होने की आशंका बढ़ गई है, जिसने पहले ही 48,000 से अधिक फलस्तीनियों की जान ले ली और गाजा को भारी तबाही में झोंक दिया है.

हमास का पलटवार और बंधकों की स्थिति

हमास के वरिष्ठ अधिकारी इज्जत अल-रिश्क ने इजरायल पर युद्धविराम उल्लंघन और जानबूझकर संघर्ष बढ़ाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने युद्ध को आगे बढ़ाने के लिए बंधकों को बलिदान करने का फैसला कर लिया है."

हमास के बयान के अनुसार, इजरायली हमले बंधकों के जीवन को खतरे में डाल रहे हैं. संगठन ने दावा किया कि 24 इजरायली नागरिक अब भी उनके कब्जे में हैं, लेकिन मौजूदा हमलों के कारण उनके भविष्य को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है.

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और आगे की स्थिति

इजरायल ने स्पष्ट किया है कि वह हमास के ठिकानों को खत्म करने के लिए सैन्य अभियान जारी रखेगा. इसके जवाब में, हमास ने भी अपने प्रतिरोध को और मजबूत करने की चेतावनी दी है.

इस बीच, अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस बढ़ते संघर्ष को लेकर चिंतित है. कई देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और शांति वार्ता फिर से शुरू करने की अपील की है.

संघर्ष का भविष्य: क्या शांति की कोई उम्मीद है?

गाजा में बिगड़ते हालात और बंधकों को लेकर बढ़ते तनाव के बीच क्या दोनों पक्ष किसी नए समझौते तक पहुंचेंगे, यह फिलहाल अनिश्चित है. युद्धविराम टूटने के बाद हालात और अधिक हिंसक हो सकते हैं, जिससे पूरे मध्य पूर्व की स्थिरता प्रभावित हो सकती है.

अब यह देखना होगा कि क्या कूटनीति के जरिए कोई समाधान निकल सकता है, या फिर यह संघर्ष और भयावह रूप लेगा.

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