Greenland US Territory:अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर ग्रीनलैंड को लेकर सुर्खियों में हैं. लंबे समय से ग्रीनलैंड पर अमेरिका के नियंत्रण की वकालत कर रहे ट्रंप ने अब इस मुद्दे को और आगे बढ़ाते हुए एक AI से जनरेट की गई तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की है. यह तस्वीर उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट की है.
इस AI तस्वीर में डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी सीनेटर मार्को रुबियो और जेडी वेंस के साथ ग्रीनलैंड में अमेरिकी झंडा लगाते हुए नजर आ रहे हैं. तस्वीर के बैकग्राउंड में बर्फ से ढका इलाका दिखाई देता है, जो ग्रीनलैंड की भौगोलिक पहचान से मेल खाता है.
AI तस्वीर में लिखे संदेश से छिड़ा विवाद
तस्वीर में एक बोर्ड भी दिखाई दे रहा है, जिस पर लिखा है— “Greenland American Territory – Established 2026” यानी “ग्रीनलैंड अमेरिकी क्षेत्र – स्थापना 2026”.
इस संदेश के बाद ट्रंप के इरादों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है. ट्रंप पहले भी कई बार सार्वजनिक रूप से यह कह चुके हैं कि ग्रीनलैंड अमेरिका की सुरक्षा के लिए बेहद अहम है और उस पर अमेरिकी नियंत्रण होना चाहिए.
सुरक्षा के नाम पर ग्रीनलैंड की मांग
ग्रीनलैंड को लेकर पूछे गए सवालों पर ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में दोहराया कि यह मुद्दा अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हुआ है. उन्होंने कहा कि अमेरिका को ग्रीनलैंड की जरूरत है और यह कोई विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकता है.
ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा, “हमें यह चाहिए ही. यह काम होना ही चाहिए. वे इसकी रक्षा नहीं कर सकते.”
डेनमार्क की भूमिका पर उठाए सवाल
ग्रीनलैंड डेनमार्क के अधीन एक अर्ध-स्वायत्त क्षेत्र (Semi-Autonomous Territory) है. इस पर ट्रंप ने डेनमार्क की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि डेनमार्क वहां प्रभावी ढंग से मौजूद ही नहीं है.
ट्रंप के मुताबिक, “डेनमार्क के लोग अच्छे हैं, वहां के नेता भी अच्छे हैं, लेकिन वे वहां जाते तक नहीं हैं.”
इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि डेनमार्क का ग्रीनलैंड पर मालिकाना हक किस आधार पर है. ट्रंप ने कहा कि इसके पीछे कोई ठोस लिखित दस्तावेज नहीं है, बल्कि सिर्फ यह तर्क दिया जाता है कि सैकड़ों साल पहले वहां एक नाव उतरी थी. ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी जहाज भी वहां पहुंचे थे.
क्या ताकत के दम पर होगा कब्जा?
जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या अमेरिका ग्रीनलैंड को हासिल करने के लिए सैन्य ताकत का इस्तेमाल कर सकता है, तो उन्होंने इस सवाल पर कोई सीधा जवाब नहीं दिया. उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि इस पर वह कोई टिप्पणी नहीं करेंगे.
हालांकि, उन्होंने यह जरूर दोहराया कि अमेरिका को ग्रीनलैंड पर “पूरी तरह और संपूर्ण नियंत्रण” चाहिए.
8 देशों का विरोध, ट्रंप ने लगाया टैरिफ
ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप की योजना का 8 देशों ने खुलकर विरोध किया है. इन देशों के विरोध के बाद ट्रंप ने आर्थिक दबाव बनाने का रास्ता चुना और टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया.
ट्रंप ने घोषणा की कि इन आठ देशों से अमेरिका आने वाले सामान पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा.
1 फरवरी से लागू होगा टैरिफ, 1 जून से बढ़ेगा बोझ
ट्रंप ने कहा कि
उन्होंने यह भी साफ किया कि यही नियम डेनमार्क के अलावा नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड और फिनलैंड पर भी लागू होगा.
चीन और रूस का जिक्र कर बढ़ाई चिंता
अपने बयान में ट्रंप ने चीन और रूस का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा, “चीन और रूस ग्रीनलैंड चाहते हैं, और डेनमार्क इसके बारे में कुछ भी नहीं कर सकता.”
ट्रंप ने दावा किया कि अब वक्त आ गया है कि डेनमार्क बदले में कुछ दे, क्योंकि मौजूदा वैश्विक हालात में ग्रीनलैंड का रणनीतिक महत्व तेजी से बढ़ रहा है.
ये भी पढ़ें- अमेरिका में बर्फीले तूफान का कहर, 100 से ज्यादा गाड़ियां आपस में टकराई, देखें ड्रोन VIDEO