दिल्लीः दिल्ली-एनसीआर में GRAP III बैन फिर से लागू करने के बाद सभी स्कूलों को कक्षा पांच तक के बच्चों के लिए 'हाइब्रिड मोड' में कक्षाएं संचालित करने का निर्देश दिया गया है. दिल्ली में शिक्षा निदेशालय के एक आधिकारिक आदेश में कहा गया है, "जीआरएपी की उप-समिति ने 16 दिसंबर को आयोजित अपनी बैठक में क्षेत्र में वायु गुणवत्ता परिदृश्य की व्यापक समीक्षा की और निर्णय लिया है कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) द्वारा जारी जीआरएपी अनुसूची के चरण- III के तहत सभी कार्यों को पूरे एनसीआर में सभी एजेंसियों द्वारा तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए."
अगले आदेश तक 'हाइब्रिड मोड'
आदेश में आगे लिखा है, "संशोधित जीआरएपी अनुसूची के चरण I और II के तहत पहले से लागू कार्रवाइयों के अलावा, शिक्षा विभाग, एनडीएमसी, एमसीडी और दिल्ली छावनी बोर्ड के तहत आने वाले सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त, गैर-सहायता प्राप्त मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों के सभी स्कूलों के प्रमुखों को निर्देश दिया जाता है कि वे कक्षा 5 तक के बच्चों के लिए तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक 'हाइब्रिड मोड' में कक्षाएं संचालित करें.
वायु प्रदूषण से निपटने के लिए सख्त उपाय
संशोधित GRAP के तहत, दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए सख्त उपाय पेश किए गए हैं.
एनसीआर राज्यों से अंतर-राज्यीय बसें, इलेक्ट्रिक, सीएनजी या बीएस-VI डीजल वाहनों को छोड़कर - दिल्ली में प्रवेश करने से रोक दी जाएंगी. सर्दियों के दौरान बायोमास या कचरे को खुले में जलाने से रोकने के लिए रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन को सफाई कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों जैसे कर्मचारियों के लिए इलेक्ट्रिक हीटर उपलब्ध कराने होंगे. चरण-III उपायों का भी विस्तार किया गया है. विकलांग व्यक्तियों को दिल्ली और पड़ोसी जिलों, जिनमें गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर शामिल हैं, में BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल वाहनों पर प्रतिबंधों से छूट दी जाएगी.
इसी तरह, दिल्ली के बाहर पंजीकृत BS-IV या पुराने मानकों वाले गैर-आवश्यक डीजल हल्के वाणिज्यिक वाहनों (LCV) पर प्रतिबंध लगाया जाएगा, यह कदम पहले BS-III वाहनों तक ही सीमित था.
ये भी पढ़ेंः 'हमारी टीम बदलाव के दौर से गुजर रही है', ब्रिस्बेन टेस्ट में खराब प्रदर्शन पर बोले जसप्रित बुमराह