मोबाइल तकनीक ने पिछले दो दशकों में हमारी जिंदगी पूरी तरह बदल दी है. कभी सेल्फी सिर्फ यादों को कैमरे में कैद करने का जरिया हुआ करती थी, लेकिन अब यही तकनीक डिजिटल सुरक्षा की दुनिया में एक नई भूमिका निभाने जा रही है. साइबर अपराध, डेटा चोरी और ऑनलाइन फ्रॉड के बढ़ते मामलों के बीच Google अपने करोड़ों यूजर्स के लिए ऐसा फीचर लेकर आया है, जो पारंपरिक पासवर्ड और ओटीपी से आगे की सुरक्षा प्रदान करेगा. आने वाले समय में Gmail में लॉगिन करने के लिए आपकी सेल्फी वीडियो भी आपकी पहचान साबित कर सकेगी. यह फीचर न केवल अकाउंट रिकवरी को आसान बनाएगा बल्कि फर्जी पहचान और डीपफेक जैसी आधुनिक चुनौतियों से निपटने में भी मदद करेगा.
Gmail में मिलेगा Selfie Video Sign-in का नया विकल्प
Google ने Gmail अकाउंट की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए Selfie Video Sign-in फीचर पेश किया है. इस फीचर का उद्देश्य उन परिस्थितियों में यूजर्स की मदद करना है, जब वे अपना पासवर्ड भूल जाएं या उनके पास पारंपरिक वेरिफिकेशन के विकल्प उपलब्ध न हों. ऐसे समय में यूजर अपनी सेल्फी वीडियो के जरिए अपनी पहचान सत्यापित कर अकाउंट तक दोबारा पहुंच बना सकेंगे. यह फीचर Google Account के Security और Sign-in सेक्शन में उपलब्ध होगा, जहां यूजर अपनी पहचान के लिए पहले से एक सेल्फी वीडियो रिकॉर्ड कर सकेंगे.
कैसे होगा सेल्फी वीडियो का सेटअप
इस फीचर को सक्रिय करने की प्रक्रिया बेहद आसान रखी गई है. यूजर को अपने स्मार्टफोन के फ्रंट कैमरे के सामने चेहरा स्कैन कराना होगा. इस दौरान कैमरा अलग-अलग एंगल से चेहरे को रिकॉर्ड करेगा और यूजर से सिर को थोड़ा दाएं-बाएं या ऊपर-नीचे घुमाने के लिए कहा जाएगा. पूरी प्रक्रिया काफी हद तक Apple के iPhone में मिलने वाले Face ID सेटअप जैसी होगी. रिकॉर्ड की गई वीडियो भविष्य में पहचान सत्यापित करने के लिए सुरक्षित रूप से सेव कर दी जाएगी.
Forgot your password? Lost your phone? Can’t get into your account?
— Google (@Google) July 23, 2026
You can now use a selfie video to log into your Google Account.
The new feature is easy to use and lets you sign in — even if you forget your password or don’t have your usual phone or laptop — with a quick… pic.twitter.com/3TbdIKLTM9
लॉगिन के समय ऐसे होगी पहचान की पुष्टि
जब भी यूजर Gmail में लॉगिन करना चाहेंगे और Selfie Video विकल्प चुनेंगे, तब सिस्टम एक नई लाइव वीडियो रिकॉर्ड करेगा. इसके बाद यह वीडियो पहले से सेव किए गए फेस डेटा से मिलाई जाएगी.
अगर दोनों रिकॉर्डिंग सफलतापूर्वक मेल खाती हैं, तो यूजर को अकाउंट एक्सेस मिल जाएगा. इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अकाउंट तक पहुंच केवल वास्तविक मालिक को ही मिले.
AI और Deepfake से बचाने के लिए होगी अतिरिक्त जांच
आज के समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से नकली वीडियो यानी Deepfake तैयार करना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है. इसी खतरे को ध्यान में रखते हुए Google ने इस फीचर में लाइवनेस डिटेक्शन तकनीक शामिल की है.
लॉगिन के दौरान सिस्टम यह जांच करेगा कि सामने मौजूद व्यक्ति वास्तविक है या किसी रिकॉर्डेड वीडियो अथवा AI जनरेटेड कंटेंट का इस्तेमाल किया जा रहा है. इसके लिए यूजर से कुछ सामान्य गतिविधियां करने को कहा जा सकता है, जैसे सिर घुमाना, आंखें झपकाना या कैमरे की ओर देखना. इन गतिविधियों के जरिए सिस्टम यह सुनिश्चित करेगा कि वीडियो पूरी तरह लाइव है.
फोन खो जाने पर भी रहेगा अकाउंट सुरक्षित
यह फीचर उन लोगों के लिए भी काफी उपयोगी साबित हो सकता है, जिनका स्मार्टफोन चोरी हो जाए या खो जाए. कई बार ऐसी स्थिति में पासवर्ड याद होने के बावजूद टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन पूरा करना मुश्किल हो जाता है, क्योंकि ओटीपी उसी फोन पर आता है.
Selfie Video Verification की मदद से यूजर किसी दूसरे डिवाइस से Gmail अकाउंट में लॉगिन कर सकेंगे. इसके बाद वे अपने खोए हुए फोन को ट्रैक कर सकते हैं, Google Find My Device जैसी सेवाओं का उपयोग कर सकते हैं या चोरी हुए डिवाइस से अपने अकाउंट को तुरंत हटाकर डेटा को सुरक्षित रख सकते हैं.
पहले भी इस्तेमाल हो चुकी है यह तकनीक
हालांकि सेल्फी वीडियो आधारित पहचान प्रणाली पूरी तरह नई नहीं है. Meta के Instagram समेत कई डिजिटल प्लेटफॉर्म पहले से इस तकनीक का इस्तेमाल अकाउंट रिकवरी और पहचान सत्यापन के लिए करते रहे हैं. अब Google भी इसी दिशा में कदम बढ़ा रहा है ताकि Gmail जैसे सबसे अधिक इस्तेमाल किए जाने वाले प्लेटफॉर्म पर सुरक्षा का स्तर और मजबूत बनाया जा सके.
प्राइवेसी को लेकर क्या कहता है Google
नई तकनीक के साथ सबसे बड़ा सवाल यूजर्स की निजता और डेटा सुरक्षा को लेकर उठता है. Google का कहना है कि Selfie Video पूरी तरह यूजर की सहमति से रिकॉर्ड की जाएगी और इसे सुरक्षित तरीके से स्टोर किया जाएगा. कंपनी के अनुसार वीडियो केवल पहचान सत्यापित करने के उद्देश्य से इस्तेमाल होगी. इसे एन्क्रिप्टेड फॉर्म में सुरक्षित रखा जाएगा, जिससे किसी अनधिकृत व्यक्ति के लिए इसे एक्सेस करना आसान नहीं होगा. यदि यूजर चाहें तो भविष्य में अपने Google Account की सेटिंग्स से इस वीडियो को कभी भी डिलीट भी कर सकते हैं.
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