Ghaziabad News: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने रिश्तों पर भरोसा करने वालों को भी झकझोर कर रख दिया है. पांच महीने तक एक महिला की गुमशुदगी का रहस्य बना रहा, लेकिन आखिरकार उसकी मासूम बेटी की जुबान से निकली सच्चाई ने पूरे मामले की परतें खोल दीं. पुलिस जांच में सामने आया कि महिला की हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि उसके पति ने अपने रिश्तेदारों के साथ मिलकर की थी. इतना ही नहीं, हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए ऐसी साजिश रची गई कि किसी को शक तक न हो सके.
बेटी के खुलासे से शुरू हुई जांच
मुरादनगर थाना क्षेत्र में रहने वाली सोनिया कई महीनों से लापता थी. परिवार के लोग उसकी तलाश कर रहे थे, लेकिन कोई सुराग नहीं मिल रहा था. इसी बीच सोनिया की बेटी ने अपने मामा को बताया कि उसकी मां की हत्या उसके पिता, चाचा और एक अन्य रिश्तेदार ने मिलकर की है. बच्ची ने यह भी बताया कि हत्या के बाद उसकी मां के शव को एक बेड के अंदर छिपाकर कहीं ले जाया गया था और वह फिर कभी घर वापस नहीं लौटी.
बेटी की इस जानकारी ने परिवार को झकझोर दिया. इसके बाद परिजनों ने पुलिस से संपर्क कर हत्या की आशंका जताते हुए शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी.
पति समेत तीन लोगों पर हत्या का आरोप
जांच के दौरान पुलिस को ऐसे सबूत मिले, जिनके आधार पर सोनिया के पति परविंदर, उसके भाई और मामा को हिरासत में लिया गया. पूछताछ में जो कहानी सामने आई, उसने सभी को हैरान कर दिया. पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने मिलकर सोनिया की हत्या की साजिश रची थी. योजना के तहत उसे कमरे में लगे पंखे के हुक से फंदे पर लटकाकर मारने की कोशिश की गई. हालांकि जब उसे नीचे उतारा गया तो उसकी सांसें चल रही थीं. इसके बाद उसके पति ने तकिए से मुंह दबाकर उसकी हत्या कर दी.
बेड में छिपाया शव, फिर जला दिए सबूत
हत्या के बाद आरोपियों ने शव को घर में रखे एक बेड के अंदर छिपा दिया. कुछ समय बाद घरेलू सामान के साथ उस बेड को वाहन में लादकर मुजफ्फरनगर के चरथावल क्षेत्र स्थित सोहना गांव ले जाया गया. पुलिस जांच में सामने आया कि वहां एक बिटोड़े में शव को रखकर आग लगा दी गई ताकि हत्या के सभी सबूत नष्ट हो जाएं. आरोपियों ने चार दिन बाद वहां से बची हुई अस्थियां भी इकट्ठा कर गांव के एक तालाब में फेंक दीं.
वैवाहिक विवाद बना हत्या की वजह
पुलिस पूछताछ में आरोपी पति ने बताया कि उसकी शादी करीब 10 से 12 वर्ष पहले हुई थी और उनकी दो बेटियां हैं. उसके अनुसार, शादी के बाद से पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता रहता था. मामला इतना बढ़ गया था कि एक समय पत्नी अपने मायके चली गई थी और दहेज उत्पीड़न का मामला भी दर्ज कराया गया था.
हालांकि बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया था. इसके बाद परविंदर अपनी पत्नी को लेकर मुजफ्फरनगर स्थित गांव चला गया, लेकिन वहां भी विवाद खत्म नहीं हुआ. बाद में वह मुरादनगर के हिस्साली गांव में किराए के मकान में रहने लगा, जहां पति-पत्नी के बीच झगड़े और बढ़ गए.
पांच महीने बाद मिला इंसाफ का सुराग
पुलिस का कहना है कि यदि मृतका की बेटी हिम्मत दिखाकर अपने मामा को पूरी घटना नहीं बताती, तो यह मामला शायद लंबे समय तक रहस्य ही बना रहता. बच्ची की गवाही ने जांच को नई दिशा दी और पुलिस हत्या के आरोपियों तक पहुंच सकी. फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. उनकी निशानदेही पर तालाब से मृतका के अवशेष भी बरामद किए गए हैं. मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है.
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