Trump On Nobel Peace Prize: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्वांटिको में सैन्य अधिकारियों से बात करते हुए बड़ा दावा किया है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे परमाणु हथियारों से लैस विवाद को खत्म कर दिया. उनका कहना है कि अगर उन्हें इस काम के लिए नोबेल शांति पुरस्कार नहीं मिला तो यह अमेरिका का अपमान होगा.
ट्रंप ने कहा कि पाकिस्तान के फील्ड मार्शल असीम मुनीर ने उनकी प्रशंसा की और बताया कि उनकी कोशिशों से लाखों लोगों की जान बचाई गई. उन्होंने गर्व से कहा कि अपनी नौ महीने की सरकार में उन्होंने सात बड़े युद्ध रोक दिए हैं, जिनमें भारत-पाकिस्तान का हालिया झगड़ा सबसे बड़ा था.
गाजा शांति प्रस्ताव और हमास पर कड़ा रुख
ट्रंप ने अपने गाजा शांति प्रस्ताव का भी जिक्र किया और कहा कि अरब और मुस्लिम देशों ने उनकी पहल को स्वीकार कर लिया है. अब सिर्फ हमास को मानना होगा, नहीं तो उसे बहुत मुश्किलें झेलनी पड़ेंगी.
भारत-पाकिस्तान से फोन पर वार्ता
ट्रंप ने बताया कि उन्होंने दोनों देशों के नेताओं से फोन पर बात की और साफ कहा कि अगर युद्ध चलता रहा तो अमेरिका उनके साथ व्यापार बंद कर देगा. उन्होंने दावा किया कि लड़ाई चार दिन तक चली और सात विमान गिराए गए, लेकिन उनके हस्तक्षेप से युद्ध रुका.
रूस-यूक्रेन संघर्ष पर भी निगाह
ट्रंप ने कहा कि अगर वे रूस-यूक्रेन युद्ध भी खत्म कर दें तो उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए. उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके अब तक सात युद्ध खत्म करने पर सात नोबेल पुरस्कार मिलने चाहिए थे. हालांकि, रूस-यूक्रेन मामले में अभी तक निराशा हाथ लगी है.
कहा- संघर्ष विराम डीजीएमओ की बातचीत से हुआ
भारत ने ट्रंप के दावों का खंडन किया है और साफ कहा कि भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों की बातचीत से हुआ था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी स्पष्ट किया था कि किसी विदेशी नेता ने भारत को ऑपरेशन सिंधूर रोकने के लिए नहीं कहा.
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