मध्य पूर्व में लंबे समय से चला आ रहा इजरायल-गाज़ा संघर्ष अब निर्णायक मोड़ पर आता दिख रहा है. इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हाल ही में संकेत दिए हैं कि आने वाले कुछ दिनों में गाज़ा में बंधक बनाए गए लोगों की रिहाई की घोषणा हो सकती है. उनकी यह टिप्पणी तब आई है जब मिस्र में हमास और मध्यस्थों के बीच एक नई अहम बैठक की तैयारी की जा रही है.
सोमवार को मिस्र में होने वाली बातचीत इस युद्ध के भविष्य के लिए बेहद अहम मानी जा रही है. यहां पर अमेरिका की उस नई योजना पर चर्चा होगी जिसमें संघर्षविराम और बंधकों की सुरक्षित वापसी की संभावनाएं तलाशी जाएंगी. इजरायल ने इस बैठक के लिए एक प्रतिनिधिमंडल भेजा है जो 'तकनीकी मामलों को अंतिम रूप देने' में जुटा है. नेतन्याहू ने इस संबंध में अपने बयान में कहा, "हमारी मंशा है कि ये बातचीत अगले कुछ दिनों में किसी ठोस नतीजे पर पहुंचे."
हमास ने दिखाई लचीलापन, ट्रंप ने दिया समर्थन
हमास की ओर से हाल ही में यह संकेत मिला है कि वह अमेरिका की शांति योजना की कुछ प्रमुख शर्तों को स्वीकार करने को तैयार है. यह बात इजरायल के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत मानी जा रही है. अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमास की इस प्रतिक्रिया का स्वागत किया है, लेकिन साथ ही चेतावनी भी दी कि अगर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो "संभावनाएं खत्म हो जाएंगी."
अक्टूबर 2023 से जारी है खूनी टकराव
गौरतलब है कि इजरायल और हमास के बीच यह संघर्ष अक्टूबर 2023 में शुरू हुआ था, जब हमास के हमले में करीब 1,200 इजरायली नागरिक मारे गए और 250 से ज्यादा लोगों को बंधक बना लिया गया. इसके जवाब में इजरायल ने गाज़ा पट्टी में बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान चलाया, जिससे पूरे क्षेत्र में तबाही मच गई.
क्या अब थमेगा दो साल से जारी बवाल?
5 अक्टूबर 2025 को यह संघर्ष अपने दो साल पूरे कर चुका है. इन दो वर्षों में गाज़ा और इजरायल दोनों ओर जनजीवन अस्त-व्यस्त हो चुका है. इस युद्ध ने न सिर्फ स्थानीय नागरिकों को प्रभावित किया, बल्कि मध्य पूर्व की स्थिरता को भी लगातार चुनौती दी है. अब जबकि दोनों पक्षों के बीच संवाद फिर से शुरू हो रहा है और कूटनीतिक रास्ते तलाशे जा रहे हैं, उम्मीद जताई जा रही है कि यह खूनी संघर्ष जल्द ही खत्म हो सकता है.
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