अजब-गजब! पहली बार आसमान में एक साथ दिखे 4 चांद! किस देश में हुई ये अद्भुत घटना? वैज्ञानिक भी रह गए दंग

Science News: कई बार कहावतें हकीकत से भी आगे निकल जाती हैं. “चार चांद लगना” आमतौर पर किसी खूबसूरती या खासियत को बढ़ाने के लिए कहा जाता है, लेकिन रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में यह मुहावरा सच होते हुए नजर आया.

Four Moons russia Stun St Petersburg in Rare Optical Phenomenon
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Science News: कई बार कहावतें हकीकत से भी आगे निकल जाती हैं. “चार चांद लगना” आमतौर पर किसी खूबसूरती या खासियत को बढ़ाने के लिए कहा जाता है, लेकिन रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में यह मुहावरा सच होते हुए नजर आया. यहां के लोगों ने रात के आसमान में ऐसा दृश्य देखा, जिसे देखकर आंखों पर यकीन करना मुश्किल हो गया. एक साथ चार-चार चांद चमकते दिखे और देखते ही देखते यह नजारा कैमरों में कैद होकर सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. इस दुर्लभ खगोलीय घटना ने आम लोगों के साथ-साथ वैज्ञानिकों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया.

अचानक बदला आसमान का मंजर

जैसे ही आसमान में चार चंद्रमा नजर आए, सेंट पीटर्सबर्ग के लोग हैरानी से उन्हें देखने लगे. किसी ने मोबाइल निकाला तो किसी ने कैमरा, हर कोई इस पल को संजो लेना चाहता था. रूसी मीडिया द्वारा साझा किए गए वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि असली चंद्रमा के साथ उसके आसपास तीन और चमकीले चंद्र जैसे प्रतिबिंब दिखाई दे रहे हैं. कुछ ही घंटों में यह वीडियो दुनिया भर में फैल गया और सवाल उठने लगे कि आखिर यह कैसे संभव है.

चार चांद दिखने के पीछे की असली वजह

वैज्ञानिकों ने इस रहस्यमय दृश्य से पर्दा उठाते हुए बताया कि यह कोई अलौकिक घटना नहीं, बल्कि प्रकृति द्वारा रचा गया एक ऑप्टिकल भ्रम था. इसे खगोलीय भाषा में ‘पैरासेलेने’ कहा जाता है. यह घटना तब होती है जब चंद्रमा की रोशनी वातावरण में मौजूद बर्फ के सूक्ष्म क्रिस्टलों से टकराकर अलग-अलग दिशाओं में अपवर्तित हो जाती है.

बर्फ के क्रिस्टल बने रोशनी का खेल

सेंट पीटर्सबर्ग की ठंडी जलवायु में ऊंचाई पर सिरस बादलों के भीतर छह कोणीय बर्फ के क्रिस्टल हवा में तैरते रहते हैं. ये क्रिस्टल छोटे प्रिज्म की तरह काम करते हैं और चंद्रमा की रोशनी को लगभग 22 डिग्री के कोण पर मोड़ देते हैं. इसी प्रक्रिया के कारण असली चंद्रमा के दोनों ओर चमकीले धब्बे बनते हैं, जिन्हें ‘मॉक मून’ या ‘मून डॉग’ कहा जाता है. आम तौर पर ऐसे दो नकली चंद्रमा दिखाई देते हैं, लेकिन इस बार परिस्थितियां कुछ अलग थीं.

क्यों खास बन गया यह नजारा?

खगोल वैज्ञानिकों के मुताबिक, सेंट पीटर्सबर्ग में कई पैरासेलेने एक साथ बनने से यह दृश्य और भी अनोखा हो गया. नतीजा यह हुआ कि लोगों को लगा जैसे आसमान में चार चंद्रमा एक साथ चमक रहे हों. यह घटना वैसे भी दुर्लभ मानी जाती है, लेकिन इतने साफ और प्रभावशाली रूप में इसका दिखना इसे और खास बना देता है.

माइनस 20 डिग्री तापमान ने निभाई अहम भूमिका

उस वक्त सेंट पीटर्सबर्ग में तापमान लगभग माइनस 20 डिग्री सेल्सियस था. इतनी कड़ाके की ठंड ने बर्फ के क्रिस्टलों को बेहतर आकार लेने में मदद की, जिससे प्रकाश का अपवर्तन बेहद स्पष्ट हुआ. वैज्ञानिकों का कहना है कि जब चंद्रमा पूर्णिमा के आसपास होता है और उसकी रोशनी तेज होती है, तब ऐसी घटनाएं और भी ज्यादा चमकदार नजर आती हैं.

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