13 किलो सोना, 9 किलो चांदी और करोड़ों की नकदी... पूर्व ARTO के घर छापेमारी, संपत्ति देख दंग रह गए अफसर

Lucknow News: आय से अधिक संपत्ति के आरोपों का सामना कर रहे पूर्व सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (ARTO) ललित कुमार के घर पर जब विजिलेंस टीम ने दो दिनों तक तलाशी अभियान चलाया तो वहां से करोड़ों रुपये की संपत्ति, भारी मात्रा में नकदी, सोना-चांदी, हीरे के आभूषण और कई शहरों में फैली संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज मिले.

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Lucknow News: उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच लखनऊ से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने हर किसी को हैरान कर दिया. आय से अधिक संपत्ति के आरोपों का सामना कर रहे पूर्व सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (ARTO) ललित कुमार के घर पर जब विजिलेंस टीम ने दो दिनों तक तलाशी अभियान चलाया तो वहां से करोड़ों रुपये की संपत्ति, भारी मात्रा में नकदी, सोना-चांदी, हीरे के आभूषण और कई शहरों में फैली संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज मिले. शुरुआती जांच में बरामद संपत्तियों की कीमत दर्जनों करोड़ रुपये आंकी जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई अभी जांच का केवल एक चरण है और आने वाले दिनों में कई और अहम खुलासे हो सकते हैं.

कोर्ट के आदेश के बाद दो दिन चली सघन तलाशी

विजिलेंस विभाग के मुताबिक, पूर्व ARTO ललित कुमार के खिलाफ वर्ष 2024 में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज किया गया था. मामले की जांच लंबे समय से चल रही थी और जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर अदालत से तलाशी वारंट प्राप्त किया गया. इसके बाद 7 और 8 जुलाई को लखनऊ के अलीगंज स्थित उनके आवास पर विजिलेंस टीम ने व्यापक तलाशी अभियान चलाया. दो दिनों तक चली इस कार्रवाई में अधिकारियों ने घर के हर हिस्से की बारीकी से जांच की. दस्तावेजों, लॉकरों, अलमारियों और अन्य स्थानों की तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी और कीमती सामान बरामद हुआ, जिसने जांच एजेंसियों को भी चौंका दिया.

13 किलो सोना बरामद

तलाशी के दौरान विजिलेंस टीम को करीब 1.62 करोड़ रुपये नकद मिले. इसके अलावा लगभग 13 किलोग्राम सोना, 9 किलोग्राम चांदी और हीरे के कई महंगे आभूषण भी बरामद किए गए. अधिकारियों के अनुसार, केवल सोना, चांदी और आभूषणों की अनुमानित कीमत लगभग 20 करोड़ रुपये आंकी गई है. हालांकि विभाग का कहना है कि यह शुरुआती अनुमान है. सभी आभूषणों और कीमती धातुओं का विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत मूल्यांकन कराया जाएगा, जिसके बाद वास्तविक कीमत सामने आएगी.

कई शहरों में फैली संपत्तियों के मिले दस्तावेज

जांच के दौरान केवल नकदी और जेवर ही नहीं मिले, बल्कि कई शहरों में स्थित अचल संपत्तियों के दस्तावेज भी बरामद हुए. विजिलेंस अधिकारियों को लखनऊ, नोएडा, बाराबंकी और रायबरेली में मकान, प्लॉट, कृषि भूमि और फ्लैट बुकिंग से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं. प्रारंभिक जांच में इन अचल संपत्तियों का मूल्य लगभग 13 करोड़ रुपये से अधिक बताया जा रहा है. अधिकारियों का मानना है कि दस्तावेजों की विस्तृत जांच के बाद संपत्तियों की वास्तविक संख्या और उनका कुल मूल्य इससे कहीं अधिक हो सकता है.

बैंक निवेश और वित्तीय रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में

छापेमारी के दौरान बैंक खातों, पोस्ट ऑफिस निवेश, म्यूचुअल फंड और फिक्स्ड डिपॉजिट से जुड़े दस्तावेज भी बरामद किए गए. शुरुआती जानकारी के अनुसार विभिन्न वित्तीय योजनाओं में एक करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया गया था. अब विजिलेंस इन सभी निवेशों की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनकी धनराशि किस स्रोत से आई और क्या यह आरोपी की घोषित आय के अनुरूप थी या नहीं.

लग्जरी कारें और लाइसेंसी रिवॉल्वर भी मिली

तलाशी के दौरान अधिकारियों को टोयोटा इनोवा और हुंडई i20 जैसी कारें भी मिलीं. इसके अलावा घर से एक लाइसेंसी रिवॉल्वर भी बरामद हुई है. जांच टीम ने मकान की साज-सज्जा, आधुनिक इंटीरियर, महंगे फर्नीचर और अत्याधुनिक घरेलू उपकरणों का भी निरीक्षण किया. अधिकारियों के अनुसार, इन पर भी लाखों रुपये खर्च किए गए थे, जिनकी जानकारी जांच का हिस्सा बनाई जा रही है.

अब संपत्ति के स्रोत की होगी गहन पड़ताल

विजिलेंस विभाग का कहना है कि बरामद नकदी, आभूषण, अचल संपत्तियों और वित्तीय निवेश से जुड़े सभी दस्तावेजों की विस्तृत जांच की जा रही है. जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि आरोपी ने इतनी बड़ी संपत्ति किन स्रोतों से अर्जित की और क्या इनका संबंध वैध आय से है. यदि जांच के दौरान आवश्यकता महसूस हुई तो अन्य वित्तीय और जांच एजेंसियों की भी मदद ली जाएगी. बैंक लेन-देन, निवेश और संपत्ति खरीद से जुड़े रिकॉर्ड की गहन पड़ताल की जाएगी ताकि धन के पूरे प्रवाह का पता लगाया जा सके.

विजिलेंस टीम को मिला सम्मान

इस कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम देने वाली लखनऊ सेक्टर की विजिलेंस टीम की सराहना करते हुए पुलिस महानिदेशक एवं निदेशक सतर्कता ने टीम के लिए एक लाख रुपये के पुरस्कार की घोषणा की है. विभाग का कहना है कि भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के मामलों में आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.

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