आरोप लगाने के बजाय अपने लोगों की समस्याओं पर ध्यान... विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान को लगाई लताड़, जानें क्या कहा

India Pakistan Balochistan: बलूचिस्तान में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति को लेकर पाकिस्तान की ओर से लगाए गए आरोपों पर भारत ने कड़ा और स्पष्ट जवाब दिया है. भारत सरकार ने रविवार को पाकिस्तान के इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया कि बलूचिस्तान में शांति भंग करने की गतिविधियों में भारत का कोई हाथ है.

Foreign Ministry slammed Pakistan over the deteriorating security situation in Balochistan
प्रतिकात्मक तस्वीर/ ANI

India Pakistan Balochistan: बलूचिस्तान में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति को लेकर पाकिस्तान की ओर से लगाए गए आरोपों पर भारत ने कड़ा और स्पष्ट जवाब दिया है. भारत सरकार ने रविवार को पाकिस्तान के इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया कि बलूचिस्तान में शांति भंग करने की गतिविधियों में भारत का कोई हाथ है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस तरह के आरोप इस्लामाबाद की अपनी आंतरिक समस्याओं और विफलताओं से ध्यान हटाने की पुरानी रणनीति का हिस्सा हैं.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि पाकिस्तान बिना किसी ठोस सबूत के भारत पर आरोप मढ़ता रहा है. उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत का बलूचिस्तान में किसी भी तरह की हिंसक गतिविधियों से कोई लेना-देना नहीं है और ऐसे आरोप पूरी तरह निराधार हैं. उनके मुताबिक, जब भी पाकिस्तान के भीतर हालात बिगड़ते हैं या वहां सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े होते हैं, तब भारत पर दोष मढ़ना आसान रास्ता बन जाता है.

“आरोप लगाने के बजाय अपने लोगों की समस्याओं पर ध्यान दे पाकिस्तान”

विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि पाकिस्तान को बार-बार बेबुनियाद आरोप दोहराने के बजाय बलूचिस्तान समेत अपने विभिन्न क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांगों और शिकायतों पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए. बयान में यह भी कहा गया कि पाकिस्तान का रिकॉर्ड दमन, क्रूरता और मानवाधिकार उल्लंघनों से जुड़ा रहा है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा होती रही है.

भारत की ओर से यह भी कहा गया कि आंतरिक असंतोष और हिंसा के लिए बाहरी ताकतों को जिम्मेदार ठहराना समस्या का समाधान नहीं है. जब तक जमीनी स्तर पर लोगों की शिकायतों को नहीं सुना जाएगा और राजनीतिक-सामाजिक सुधार नहीं होंगे, तब तक हालात सुधरने की उम्मीद करना मुश्किल है.

पाकिस्तानी सेना के दावे और जमीनी हालात

पाकिस्तानी सेना ने हाल ही में बयान जारी कर कहा कि बलूचिस्तान प्रांत में आतंकवाद विरोधी अभियानों के दौरान बड़ी संख्या में आतंकवादी मारे गए हैं. सेना के अनुसार, विभिन्न इलाकों में सुरक्षा बलों ने ऑपरेशन चलाकर कई सशस्त्र समूहों को निशाना बनाया. इन अभियानों के दौरान पाकिस्तानी सैनिकों के हताहत होने की भी खबरें सामने आई हैं.

सेना का दावा है कि क्वेटा, मस्तुंग, नुश्की, दलबांदिन, खारान और पंजगुर जैसे इलाकों में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की कोशिश की गई थी, जिन्हें सुरक्षा बलों ने नाकाम किया. इन क्षेत्रों में हाल के दिनों में कई समन्वित हमलों की रिपोर्ट आई थी.

कई शहरों में मुठभेड़, नागरिक भी बने शिकार

स्थानीय सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक, बलूचिस्तान के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में विभिन्न शहरों में सुरक्षा बलों और आतंकवादी समूहों के बीच मुठभेड़ हुई. इन झड़पों में बड़ी संख्या में आतंकवादियों के मारे जाने की बात कही जा रही है. हालांकि, इन घटनाओं में पुलिसकर्मियों और आम नागरिकों के हताहत होने की खबरें भी सामने आई हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है.

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इन हमलों के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बलों की तैनाती की गई है. पाकिस्तान के गृह मंत्री ने भी इन हमलों की निंदा करते हुए कहा कि सरकार आतंकवाद से निपटने के लिए सख्त कदम उठाएगी और सुरक्षा बलों के प्रयासों की सराहना की.

बलूचिस्तान में लंबे समय से जारी असंतोष

बलूचिस्तान पाकिस्तान का एक संवेदनशील और अशांत क्षेत्र रहा है, जहां लंबे समय से राजनीतिक असंतोष, आर्थिक पिछड़ेपन और संसाधनों के बंटवारे को लेकर विवाद चलते रहे हैं. स्थानीय आबादी की ओर से केंद्र सरकार पर उपेक्षा और दमन के आरोप लगाए जाते रहे हैं. विश्लेषकों का मानना है कि जब तक इन मूल समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता, तब तक क्षेत्र में शांति बहाल करना मुश्किल होगा.

भारत का रुख साफ

भारत ने एक बार फिर दोहराया है कि वह पड़ोसी देशों के आंतरिक मामलों में दखल नहीं देता और क्षेत्रीय स्थिरता तथा शांति का समर्थक है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान को आत्ममंथन करने की जरूरत है और हिंसा के लिए बाहरी ताकतों को दोष देने के बजाय अपनी नीतियों और शासन व्यवस्था की कमियों पर ध्यान देना चाहिए.

कुल मिलाकर, बलूचिस्तान में हालिया हिंसा और पाकिस्तान द्वारा लगाए गए आरोपों के बीच भारत का रुख स्पष्ट है, नई दिल्ली ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि शांति की राह पाकिस्तान को खुद अपने भीतर सुधारों से ही निकालनी होगी.

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