West Bengal Elections: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा की प्रचंड जीत के बाद राज्य में राजनीतिक माहौल काफी हलचल में है. अब सभी की निगाहें भाजपा के मुख्यमंत्री चेहरे और शपथ ग्रहण की तारीख पर टिक गई हैं. इसी सवाल का जवाब देते हुए भाजपा के राज्य अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने बड़ा अपडेट दिया. उन्होंने कहा कि भाजपा के पहले मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को आयोजित किया जाएगा.
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने क्या कहा?
भाजपा के राज्य अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने प्रवासी मजदूरों की जमकर तारीफ की. उन्होंने बताया कि इन लोगों ने कई मुश्किलों के बावजूद अपने पैसे खर्च करके मतदान के लिए लंबी यात्रा की. उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को वह सलाम करते हैं.
उन्होंने यह भी बताया कि बंगाल में वोट डालने के लिए दुनिया के कई हिस्सों से लोग आए. इसमें टोरंटो, डलास, सिलिकॉन वैली, कोपेनहेगन, जर्मनी और यूके शामिल हैं. उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य सिर्फ सरकार या मुख्यमंत्री बदलना नहीं है, बल्कि पूरे राजनीतिक माहौल को बदलना है. उनके अनुसार, राज्य का राजनीतिक माहौल लंबे समय से सामाजिक रूप से दबाव वाला बन गया था. अब वे समाज में फिर से विविधता और संतुलन लाना चाहते हैं.
#WATCH | Kolkata | BJP State President Samik Bhattacharya says, "The oath-taking ceremony of the new Chief Minister of West Bengal will take place on 9th May..." pic.twitter.com/KVyR0AwN5y
— ANI (@ANI) May 5, 2026
भट्टाचार्य ने 'डबल इंजन सरकार' की बात भी की. उन्होंने बताया कि पार्टी का घोषणापत्र केंद्र और राज्य दोनों स्तर पर मिलकर तैयार किया गया था. इसमें प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की भी भागीदारी रही. उन्होंने भरोसा दिलाया कि जो वादे पार्टी ने किए हैं, उन्हें ज़रूर पूरा किया जाएगा.
बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव दो चरणों में हुए. मतों की गणना 4 मई को हुई. इस चुनाव में सत्ता धारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को करारी हार का सामना करना पड़ा. आंकड़ों के अनुसार, टीएमसी को केवल 80 सीटें मिली हैं, जबकि पिछले चुनाव में उन्होंने अकेले 215 सीटें जीती थीं. इस तरह भाजपा ने राज्य में बड़ी जीत दर्ज की.
बंगाल में मतदान का रिकॉर्ड
पश्चिम बंगाल विधानसभा की 294 सीटों के लिए पहले चरण में 23 अप्रैल को 152 सीटों पर मतदान हुआ. दूसरे चरण में 29 अप्रैल को 142 सीटों पर वोट डाले गए. चुनाव आयोग के अनुसार, पहले चरण में 93.19 प्रतिशत वोटिंग हुई, जबकि दूसरे चरण में 92.67 प्रतिशत वोटिंग हुई.
इस तरह राज्य में कुल औसत वोटिंग 92.93 प्रतिशत रही. यह न केवल पश्चिम बंगाल के लिए बल्कि पूरे देश में किसी राज्य में मतदान का नया रिकॉर्ड है. चुनाव में लोगों की जबरदस्त भागीदारी देखी गई.
भविष्य की राजनीति और उम्मीदें
भाजपा की इस जीत के बाद राज्य में राजनीतिक बदलाव की उम्मीदें बढ़ गई हैं. मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण 9 मई को होने वाला है, और इसके साथ ही भाजपा की नई सरकार राज्य में काम करना शुरू करेगी. समिक भट्टाचार्य ने भी साफ किया कि उनकी प्राथमिकता सिर्फ सत्ता हासिल करना नहीं है, बल्कि समाज में संतुलन और विकास लाना है.
इस बार चुनाव परिणाम ने यह भी दिखाया कि पश्चिम बंगाल की जनता ने बदलाव की इच्छा जताई है और भाजपा ने उसे साकार किया. अब सभी की नजरें आगामी शपथ ग्रहण समारोह और सरकार के काम करने के तरीकों पर टिक गई हैं.
ये भी पढ़ें- बंगाल चुनाव में 'बाबा' बने गेम चेंजर! सीएम योगी निकले BJP के असली धुरंधर, कमाल का है स्ट्राइक रेट